IONS समुद्री अभ्यास 2026 | 31 Mar 2026
हाल ही में भारतीय नौसेना ने कोच्चि में IONS समुद्री अभ्यास (IMEX) टेबल टॉप अभ्यास (TTX) 2026 की मेज़बानी की, ताकि हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में उभरते गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों से निपटा जा सके।
- इसमें बांग्लादेश, फ्राँस, केन्या, मालदीव, सिंगापुर, श्रीलंका और तिमोर-लेस्ते सहित 12 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
- यह अभ्यास समुद्री डकैती, समुद्री आतंकवाद और अवैध तस्करी जैसी गैर-पारंपरिक समुद्री सुरक्षा चुनौतियों पर केंद्रित था, जो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा प्रवाह के लिये खतरा हैं।
- यह अभ्यास वर्ष 2026–28 चक्र के लिये हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS) की अध्यक्षता सँभालने वाले भारत के साथ मेल खाता है, जो 16 वर्षों के अंतराल के बाद नेतृत्व की भूमिका में वापसी है।
हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी
- परिचय: भारतीय नौसेना द्वारा वर्ष 2008 में शुरू की गई एक स्वैच्छिक और सहयोगी पहल है, जो हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) के तटवर्ती (तटीय) राज्यों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाने का प्रयास करती है।
- उद्देश्य: यह समुद्री डकैती या समुद्री अपराध, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) तथा सूचना साझाकरण एवं अंतरसंचालनीयता पर केंद्रित है, ताकि समुद्री क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
- सदस्यता एवं संरचना: इसमें 25 देश शामिल हैं, जिन्हें चार उप-क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है — दक्षिण एशियाई, पश्चिम एशियाई, पूर्वी अफ्रीकी और दक्षिण-पूर्व एशियाई एवं ऑस्ट्रेलियाई तटीय क्षेत्र।
- फिलीपींस 2026 में चीन, जर्मनी, इटली, जापान, रूस और स्पेन जैसे अन्य पर्यवेक्षक देशों के साथ नवीनतम पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुआ।
- भारत के लिये महत्त्व: भारत के लिये IONS इसके महासागर (MAHASAGAR – क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिये पारस्परिक एवं समग्र उन्नति) दृष्टिकोण का एक महत्त्वपूर्ण साधन है। यह भारत को हिंद महासागर में एक शुद्ध सुरक्षा प्रदाता के रूप में अपनी भूमिका को सुदृढ़ करने की अनुमति देता है।
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