UNHRC में जम्मू-कश्मीर पर भारत ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की | 28 Feb 2026
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 61वें सत्र में भारत ने जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के दावों का दृढ़तापूर्वक खंडन किया।
- UNHRC में प्रत्युत्तर का अधिकार: पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) द्वारा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने के बाद भारत ने अपने प्रत्युत्तर के अधिकार का प्रयोग किया।
- जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग: भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है एवं हमेशा रहेगा तथा भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के तहत इसका विलय कानूनी और अपरिवर्तनीय है।
- PoK विवाद: इसके अतिरिक्त भारत ने दावा किया कि संबद्ध क्षेत्र में एकमात्र वैध विवाद पाकिस्तान द्वारा भारतीय क्षेत्रों (PoK) पर अवैध और जबरन कब्ज़ा है तथा इस्लामाबाद से इन क्षेत्रों को तुरंत मुक्त करने का आह्वान किया।
- विकास के रूप में प्रतिपक्षी कथन: भारत ने रेखांकित किया कि जम्मू-कश्मीर के आम एवं विधानसभा चुनावों में उच्च मतदाता भागीदारी आतंकवाद के प्रति जन-अस्वीकृति तथा लोकतंत्र के समर्थन को दर्शाती है।
- दमन के दावों का खंडन करते हुए, भारत ने व्यापक बुनियादी ढाँचागत विकास पर प्रकाश डाला, विशेषरूप से जम्मू-कश्मीर में हाल ही में उद्घाटन किये गए चिनाब रेल पुल का उल्लेख किया, जो दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे पुल है।
- पाकिस्तान की दयनीय वित्तीय स्थिति को उजागर करते हुए भारत ने उल्लेख किया कि जम्मू-कश्मीर का विकास बजट अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से विस्तारित निधि सुविधा (EFF) के अंतर्गत पाकिस्तान को प्राप्त हालिया बेलआउट पैकेज से दोगुना से अधिक है।
- OIC के रुख की आलोचना: भारत ने स्पष्ट किया कि OIC का रुख पक्षपातपूर्ण है और पाकिस्तान द्वारा उसे अपने पक्ष में करने का संकेत देता है, जिससे उसकी विश्वसनीयता कम होती है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC):
- UNHRC संयुक्त राष्ट्र का एक अंतर-सरकारी निकाय है, जिसकी स्थापना वर्ष 2006 में हुई तथा जिसका मुख्यालय जिनेवा में स्थित है। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर मानवाधिकारों को प्रोत्साहित एवं संरक्षित करना है।
- इसने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग का स्थान लिया तथा इसे तकनीकी एवं सचिवालयीय कार्यों हेतु मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) का समर्थन प्राप्त है।
- UNHRC में 47 सदस्य होते हैं, जिन्हें क्षेत्रीय समूहों के आधार पर क्रमिक तीन-वर्षीय कार्यकाल के लिये निर्वाचित किया जाता है।
- भारत वर्ष 2026–28 की तीन-वर्षीय अवधि के लिये सातवीं बार UNHRC का निर्विरोध सदस्य निर्वाचित हुआ है, जो मानवाधिकारों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करता है।