भारत की 1,000 किलोमीटर की क्वांटम संचार सफलता | 13 Apr 2026
चर्चा में क्यों?
भारत ने नेशनल क्वांटम मिशन के तहत इसके शुभारंभ के दो वर्षों से भी कम समय में 1,000 किमी. का क्वांटम संचार नेटवर्क विकसित कर लिया है, जो आठ वर्षों में 2,000 किमी. के लक्ष्य से आगे है। यह नेटवर्क QNu लैब्स द्वारा स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से विकसित किया गया है।
1,000 किलोमीटर लंबे क्वांटम संचार नेटवर्क का क्या महत्त्व है?
- उन्नत सुरक्षा: क्वांटम की वितरण (QKD) तकनीक पर आधारित यह नेटवर्क, मिशन की शुरुआत के बाद से वैश्विक स्तर पर सबसे लंबी QKD तैनातियों में से एक का प्रतिनिधित्व करता है।
- यह विकास रक्षा, वित्तीय प्रणालियों और महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसंरचना सहित अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षित संचार क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिये तैयार है।
- भौगोलिक अनुकूलता: यह तैनात तकनीक कठिन भूभागों में भी सुचारु रूप से कार्य करने हेतु डिज़ाइन की गई है, जिससे यह जटिल जलमग्न (अंडरवॉटर) और भूमिगत नेटवर्कों के लिये भी उपयुक्त बनती है।
- रणनीतिक विस्तार: यह व्यापक नागरिक और रणनीतिक उपयोगों के साथ अत्यधिक सुरक्षित डिजिटल पारिस्थितिक तंत्र की दिशा में भारत के प्रयासों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाता है।
क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD) नेटवर्क
- QKD दो उपयोगकर्त्ताओं के बीच सीक्रेट एंक्रिप्शन की को साझा करने का एक अत्यधिक सुरक्षित तरीका है, जिसमें क्वांटम कणों (फोटॉनों) का उपयोग किया जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि संचार हैकिंग से सुरक्षित बना रहे।
- यदि कोई व्यक्ति की को बीच में रोकने या देखने का प्रयास करता है, तो क्वांटम कणों की अवस्था में परिवर्तन हो जाता है (ऑब्जर्वर इफेक्ट और नो-क्लोनिंग नियम के कारण), जिससे उपयोगकर्त्ताओं को तुरंत घुसपैठ का पता चल जाता है।
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) क्या है?
- परिचय: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) को अप्रैल 2023 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया तथा अक्तूबर 2024 में लॉन्च किया गया, ताकि भारत को क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित किया जा सके। इस मिशन का उद्देश्य क्वांटम प्रौद्योगिकियों में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास (R&D) को प्रारंभ करना, पोषित करना तथा उसका विस्तार करना है।
- यह मिशन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। इसके लिये आठ वर्षों (2023-24 से 2030-31) की अवधि हेतु कुल ₹6,003 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
- मुख्य उद्देश्य एवं लक्ष्य:
- क्वांटम कंप्यूटिंग: सुपरकंडक्टिंग एवं फोटोनिक प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए 50 से 1,000 भौतिक क्यूबिट्स वाले मध्यम-स्तरीय क्वांटम कंप्यूटरों का विकास करना।
- क्वांटम संचार: भारत के भीतर 2,000 किमी. की दूरी तक ग्राउंड स्टेशनों के बीच तथा अन्य देशों के साथ उपग्रह-आधारित सुरक्षित क्वांटम संचार स्थापित करना।
- मौजूदा ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग करते हुए 2,000 किमी. तक के अंतर-शहरी क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD) नेटवर्क का विकास करना।
- क्वांटम सेंसिंग एवं मेट्रोलॉजी: सटीक समय निर्धारण, संचार एवं नेविगेशन (जो GPS, रक्षा और उड्डयन के लिये अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं) हेतु अत्यधिक संवेदनशील मैग्नेटोमीटर और परमाणु घड़ियों का विकास करना।
- क्वांटम सामग्री और उपकरण: क्वांटम उपकरणों के निर्माण के लिये सुपरकंडक्टर्स, नवीन सेमीकंडक्टर्स और टोपोलॉजिकल सामग्री जैसे उन्नत क्वांटम पदार्थों के डिज़ाइन और संश्लेषण को समर्थन प्रदान करना।
- संस्थागत ढाँचा: अनुसंधान अवसंरचना के निर्माण एवं इन लक्ष्यों के क्रियान्वयन हेतु, इस मिशन के अंतर्गत प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में चार समर्पित थीमैटिक हब्स (T-Hubs) स्थापित किये गए हैं।
- स्टार्टअप एवं डीप-टेक के लिये समर्थन: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) क्वांटम-सुरक्षित साइबर सुरक्षा, बायोसेंसर, फोटॉन सेंसिंग तथा परमाणु मेमोरी जैसे क्षेत्रों में कार्यरत डीप-टेक स्टार्टअप्स को सक्रिय रूप से वित्तपोषण एवं इनक्यूबेशन सहायता प्रदान करता है।
- वर्तमान में, यह मिशन 17 डीप-टेक उद्यमों का समर्थन कर रहा है (जिसमें QNu लैब्स जैसी कंपनियाँ शामिल हैं, जिन्होंने 1,000 किमी. संचार उपलब्धि प्राप्त करने में योगदान दिया)।
- सरकार वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर (OCD) जैसे नए वित्तीय साधनों का उपयोग कर रही है। यह स्टार्टअप्स को बिना तत्काल इक्विटी हिस्सेदारी में कमी किये पूंजी उपलब्ध कराता है, जिससे सार्वजनिक धन के साथ-साथ निजी निवेश को आकर्षित करने में सहायता प्राप्त होती है।
- क्वांटम प्रौद्योगिकी का रणनीतिक महत्त्व:
- वैश्विक स्थिति: वर्तमान में केवल कुछ ही देश (जैसे– अमेरिका, चीन, कनाडा, ऑस्ट्रिया, फिनलैंड और फ्राँस) क्वांटम प्रौद्योगिकी का तीव्र विकास कर रहे हैं।
- राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) का उद्देश्य भारत को इन देशों के साथ बराबरी करने और प्रतिस्पर्द्धा करने हेतु एक ‘क्वांटम जंप/गति’प्रदान करना है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा: क्वांटम तकनीक, विशेष रूप से क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD), वस्तुतः अटूट संचार प्रदान करती है, जो रक्षा, वित्तीय प्रणालियों और महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय बुनियादी ढाँचे के लिये महत्त्वपूर्ण है।
- आर्थिक विकास: यह आयातित प्रौद्योगिकियों और पेटेंटों पर निर्भरता को कम करके, भविष्य की महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देकर "आत्मनिर्भर भारत" पहल का समर्थन करती है।
- वैश्विक स्थिति: वर्तमान में केवल कुछ ही देश (जैसे– अमेरिका, चीन, कनाडा, ऑस्ट्रिया, फिनलैंड और फ्राँस) क्वांटम प्रौद्योगिकी का तीव्र विकास कर रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) क्या है?
यह क्वांटम प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिये एक सरकारी पहल (2023) है, जिसका बजट 8 वर्षों में 6,003 करोड़ रुपये है।
2. क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD) क्या है?
यह क्वांटम यांत्रिकी का उपयोग करने वाली एक सुरक्षित संचार विधि है, जो वस्तुतः अटूट डेटा ट्रांसमिशन को सक्षम बनाती है।
3. 1,000 किमी. क्वांटम नेटवर्क का क्या महत्त्व है?
यह स्वदेशी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए रक्षा, वित्त और महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे में सुरक्षित संचार को बढ़ाता है।
4. NQM के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं?
क्वांटम कंप्यूटर, सुरक्षित संचार नेटवर्क, क्वांटम सेंसर और उन्नत क्वांटम सामग्री विकसित करना।
5. NQM स्टार्टअप्स का समर्थन कैसे करता है?
यह डीप-टेक उद्यमों को वित्तपोषित करता है और नवाचार और निवेश को बढ़ावा देने के लिये वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय ऋण जैसे उपकरणों का उपयोग करता है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)
प्रिलिम्स
प्रश्न. “क्यूबिट” (Qubit) शब्द का उल्लेख निम्नलिखित में से कौन-से एक प्रसंग में होता है? (2022)
(a) क्लाउड सेवाएँ
(b) क्वांटम संगणन
(c) दृश्य प्रकाश संचार प्रौद्योगिकियाँ
(d) बेतार संचार प्रौद्योगिकियाँ
उत्तर: (b)
मेन्स
प्रश्न. "चौथी औद्योगिक क्रांति (डिजिटल क्रांति) के प्रादुर्भाव ने ई-गवर्नेंस को सरकार का अविभाज्य अंग बनाने में पहल की है।" विवेचन कीजिये। (2020)
