विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत | 01 Jan 2026

स्रोत: द हिंदू

सरकार ने घोषणा की कि भारत जापान को पीछे छोड़कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, जिसका GDP USD 4.18 ट्रिलियन है और यह सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। वर्तमान में भारत संयुक्त राज्य अमेरिका (USD 30.6 ट्रिलियन), चीन (USD 19.4 ट्रिलियन) और जर्मनी (USD 5 ट्रिलियन) के पीछे है।

  • तत्काल अपेक्षाएँ: भारत अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को तीसरे स्थान से पीछे छोड़ने की स्थिति में है और वर्ष 2030 तक इसका अनुमानित GDP USD 7.3 ट्रिलियन होने का अनुमान है।
  • क्रय शक्ति समता (PPP) के अनुसार GDP: क्रय शक्ति समता के आधार पर भारत की अर्थव्यवस्था विश्व में तीसरे स्थान पर है, जिसका GDP USD 14 ट्रिलियन है और यह चीन (USD 33 ट्रिलियन) तथा संयुक्त राज्य अमेरिका (USD 25 ट्रिलियन) के पीछे है।
    • IMF का प्रक्षेपण: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का अनुमान है कि भारत का GDP (PPP) 2030 तक USD 20.7 ट्रिलियन तक पहुँच सकता है और 2038 तक विश्व की दूसरी सबसे बड़ी PPP अर्थव्यवस्था बन सकता है, जिसका GDP USD 34.2 ट्रिलियन होने का अनुमान है।
  • मज़बूत आर्थिक वृद्धि की गति: भारत का वास्तविक GDP वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई, अगस्त और सितंबर) में 8.2% बढ़ा, जो छह तिमाहियों में सबसे उच्च वृद्धि है। यह वैश्विक व्यापार अस्थिरताओं के बावजूद अर्थव्यवस्था का लचीलापन और मज़बूती को दर्शाता है।
  • अंतर्राष्ट्रीय प्रक्षेपण: विश्व बैंक ने वर्ष 2026 के लिये भारत की विकास दर 6.5% रहने का अनुमान लगाया है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वर्ष 2025 हेतु अपनी पूर्वानुमान दर 6.6% तक बढ़ा दी है।
    • एशियाई विकास बैंक और मूडीज का अनुमान: एशियाई विकास बैंक ने 2025 के लिये भारत की वृद्धि दर का पूर्वानुमान 7.2% तक बढ़ा दिया है । इसी के साथ, मूडीज की रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि करती है कि भारत G20 समूह की सबसे तीव्र गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
  • सहायक मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतक: मुद्रास्फीति कम है, बेरोज़गारी घट रही है और मज़बूत क्रेडिट प्रवाह तथा शहरी मांग निरंतर वृद्धि को समर्थन दे रही हैं।
  • विज़न 2047: भारत का दीर्घकालिक दृष्टिकोण वर्ष 2047 तक उच्च मध्यम-आय वर्गीय देश बनने का लक्ष्य रखता है, जो संरचनात्मक सुधारों, आर्थिक लचीलापन और सामाजिक प्रगति पर आधारित है।

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