हीलियम संकट और भारत की आयात निर्भरता | 03 Apr 2026

स्रोत: द हिंदू

चर्चा में क्यों? 

वर्ष 2026 के पश्चिम एशिया में उत्पन्न भू-राजनीतिक संकट ने वैश्विक हीलियम आपूर्ति को बाधित किया है, इस स्थिति ने भारत की उच्च आयात-निर्भरता को उजागर किया है तथा स्वास्थ्य सेवा, सेमीकंडक्टर और उन्नत प्रौद्योगिकी उद्योगों जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों के लिये जोखिम उत्पन्न किया है।

हीलियम के मुख्य उपयोग क्या हैं?

  • परिचय: हीलियम एक रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन, अक्रिय और अज्वलनशील नोबल गैस है, जिसका क्वथनांक और गलनांक सभी तत्त्वों में सबसे कम है। यह परम शून्य के करीब भी तरल अवस्था में रह सकती है और आधुनिक तकनीक में इसकी अत्यंत महत्त्वपूर्ण भूमिका है।
    • यह ब्रह्मांड में दूसरा सबसे हल्का और दूसरा सबसे अधिक प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला  तत्त्व है।
    • ब्रह्मांड में प्रचुर मात्रा में होने के बावजूद, हीलियम पृथ्वी पर अपेक्षाकृत दुर्लभ है क्योंकि कम घनत्वता के कारण यह पृथ्वी विसरित हो जाती है और इसे कृत्रिम रूप से निर्मित नहीं किया जा सकता; बल्कि यह प्राकृतिक गैस को तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) में बदलने की क्रायोजेनिक प्रक्रिया के दौरान एक उप-उत्पाद (by-product) के रूप में प्राप्त होती है।
  • अनुप्रयोग: 
    • क्रायोजेनिक्स एवं स्वास्थ्य देखभाल: हीलियम का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण उपयोग मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) मशीनों के लिये शीतलक के रूप में होता है।
      • द्रव हीलियम MRI में उपयोग होने वाले अतिचालक चुंबकों को परम शून्य के निकट तापमान तक ठंडा करती है, जिससे वे बिना किसी विद्युत प्रतिरोध के कार्य कर सकते हैं और आंतरिक इमेजिंग के लिये आवश्यक शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होते हैं।
    • अंतरिक्ष एवं रॉकेट प्रौद्योगिकी: हीलियम अंतरिक्ष अन्वेषण तथा उपग्रह प्रक्षेपण के लिये अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
      • ईंधन टैंकों में दाब बनाए रखना: द्रव ईंधन वाले रॉकेटों में हीलियम का उपयोग ईंधन टैंकों में रिक्त स्थान को भरने के लिये किया जाता है। जैसे-जैसे ईंधन की खपत होती है, हीलियम दाब बनाए रखती है जिससे इंजन तक ईंधन का सतत प्रवाह सुनिश्चित होता है।
      • प्रणालियों का परिशोधन: इसकी अक्रिय प्रकृति के कारण इसका उपयोग ईंधन लाइनों से संभावित विस्फोटक वाष्पों को हटाने हेतु किया जाता है।
    • उच्च-प्रौद्योगिकी निर्माण: हीलियम उन उपकरणों में एक 'पर्दे के पीछे'  (behind-the-scenes) की भूमिका निभाती है, जिनका हम प्रतिदिन उपयोग करते हैं।
      • अर्द्धचालक: कंप्यूटर चिप्स के निर्माण के दौरान यह अक्रिय वातावरण प्रदान करती है तथा तीव्र शीतलन में सहायक होती है।
      • फाइबर ऑप्टिक्स: वैश्विक इंटरनेट केबलों में प्रयुक्त प्रकाशीय तंतुओं के उच्च-गति ड्रॉइंग (निर्माण) के दौरान हीलियम का उपयोग शीतलक माध्यम के रूप में किया जाता है।
    • डीप-सी डाइविंग: पेशेवर और व्यावसायिक गोताखोर हेलिओक्स (हीलियम और ऑक्सीजन का मिश्रण) का उपयोग करते हैं।
      • नार्कोसिस की रोकथाम: नाइट्रोजन के विपरीत, हीलियम उच्च दबाव में नशा देने वाला प्रभाव नहीं डालती, जिससे ‘नाइट्रोजन नार्कोसिस’ से बचाव होता है।
      • सुविधाजनक श्वसन: इसका कम घनत्व गहराई में सांस लेने में शारीरिक प्रयास को कम करता है।
    • वैज्ञानिक अनुसंधान और अन्वेषण
      • कण त्वरक: लार्ज हेड्रॉन कोलाइडर (LHC) जैसे संस्थान अपने चुंबकों को कार्यशील तापमान पर बनाए रखने के लिये तरल/लिक्विड हीलियम का उपयोग करते हैं।
      • लीक/रिसाव का अन्वेषण: चूँकि हीलियम के अणु अत्यंत सूक्ष्म और तेज़ी से गतिशील होते हैं, इसलिये उन्हें उच्च-वैक्यूम उपकरणों और गैस पाइपलाइनों में सूक्ष्म रिसाव की जाँच के लिये उपयोग किया जाता है।

वैश्विक हीलियम आपूर्ति शृंखला में व्यवधान

  • अमेरिका, कतर और अल्जीरिया हीलियम के प्रमुख उत्पादक देश हैं। पश्चिम एशिया संकट ने वैश्विक आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, विशेष रूप से कतर में व्यवधान के कारण, जो वैश्विक हीलियम निर्यात का लगभग 34% प्रदान करता है।
    • कतर के रास लफान कॉम्प्लेक्स में हुए नुकसान और संचालन संबंधी समस्याओं ने निर्यात क्षमता को काफी कम कर दिया।
    • हीलियम की ‘उपयोग करो या खो दो’ (use-it-or-lose-it) अस्थिरता के कारण लंबी अवधि के भंडारण में कठिनाई होती है, जिसका अर्थ है कि वैश्विक भंडारण प्राकृतिक रूप से कम और आपूर्ति आघातों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है। 

भारत की संवेदनशीलता

  • भारत हीलियम के लिये 100% आयात-निर्भर है और इसकी अनुमानित मांग वर्ष 2025 में 3.4 मिलियन क्यूबिक मीटर है।
  • भारत के हीलियम आयात का 50% से अधिक कतर से आता है, इसलिये ऐसे व्यवधानों का तत्काल और गंभीर प्रभाव पड़ता है।
  • देश के पास केवल 7-10 दिनों का स्टॉक होता है, जिससे यह आपूर्ति आघातों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।
  • हालाँकि पश्चिम बंगाल और झारखंड के प्राकृतिक गैस क्षेत्रों में हीलियम के संकेत पाए जाते हैं, लेकिन उनकी सांद्रता अभी भी 0.2% की आर्थिक निष्कर्षण सीमा से कम है।
    • S&P Global Energy के अनुसार, इसकी व्यावसायिक व्यवहार्यता अभी भी कम-से-कम 5-10  वर्षों के भीतर ही दूर होने का अनुमान है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. हीलियम को महत्त्वपूर्ण संसाधन क्यों माना जाता है?
इसके अद्वितीय शीतलन गुण और कोई व्यावहारिक विकल्प न होने के कारण, यह MRI, सेमीकंडक्टर्स और एयरोस्पेस के लिये आवश्यक है।

2. पृथ्वी पर हीलियम दुर्लभ क्यों है?
हीलियम की कम घनत्वता के कारण यह पृथ्वी विसरित हो जाती है और इसे कृत्रिम रूप से निर्मित नहीं किया जा सकता।

3. भारत हीलियम की कमी के प्रति संवेदनशील क्यों है?
भारत हीलियम के लिये100% आयात-निर्भर है और केवल 7-10 दिनों का स्टॉक रखता है, जिससे यह वैश्विक व्यवधानों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।

4. पश्चिम एशिया संकट ने हीलियम आपूर्ति को कैसे प्रभावित किया है?
कतर में व्यवधान (≈34% वैश्विक आपूर्ति) और LNG अवसंरचना के कारण वैश्विक उपलब्धता कम हुई है और कीमतें बढ़ गई हैं।

5.  हीलियम की कमी से कौन-से क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हैं?
हेल्थकेयर (MRI), सेमीकंडक्टर्स, एयरोस्पेस, अनुसंधान और टेलीकॉम (फाइबर ऑप्टिक्स) क्षेत्र हीलियम पर निर्भरता के कारण प्रमुख जोखिमों का सामना कर रहे हैं।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)

प्रिलिम्स 

प्रश्न. ब्रुकहेवन नेशनल लेबोरेटरी के वैज्ञानिक दल, जिसमें भारतीय वैज्ञानिक भी सम्मिलित थे, ने ऐंटि-हीलियम केंद्रक के रूप में सबसे भारी ऐंटि-द्रव्य उत्पन्न किया। ऐंटि-द्रव्य उत्पन्न करने की क्या/क्या-क्या विवक्षा/विवकाएँ है/हैं? (2012)

1. यह खनिज पूर्वक्षण और तेल की खोज को अधिक आसान और कम महंगा बना देगा।

2. यह ऐंटि-द्रव्य से निर्मित तारों और आकाशगंगाओं के होने की संभावना की जाँच करने में सहायक होगा।

3. यह ब्रह्मांड के विकास की समझ विकसित करने में सहायक होगा।

निम्नलिखित कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 3

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (b)


प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन-सा/से, मृदा में नाइट्रोजन को बढ़ाता है/बढ़ाते हैं? (2013)

1. जंतुओं द्वारा यूरिया का उत्सर्जन

2. मनुष्य द्वारा कोयले को जलाना

3. वनस्पति की मृत्यु

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 1 और 3

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (c)