गारो हिल्स स्वायत्त ज़िला परिषद | 12 Mar 2026
मेघालय में गारो हिल्स स्वायत्त ज़िला परिषद (GHADC) के चुनावों को स्थगित कर दिया गया है, फरवरी 2026 में जारी GHADC अधिसूचना से उत्पन्न अशांति के कारण, जिसमें सभी उम्मीदवारों के लिये चुनाव में भाग लेने हेतु अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण-पत्र अनिवार्य किया गया था।
- गैर-जनजातीय समुदायों का विरोध: मैदानी क्षेत्र के गैर-जनजातीय निवासी, जो मुख्यतः मुस्लिम समुदाय से हैं, ने इस नियम का विरोध किया और इसे असंवैधानिक एवं बहिष्कारी बताया। उनका तर्क है कि यह नियम पाँच मुस्लिम-प्रधान GHADC निर्वाचन क्षेत्रों में लोकतांत्रिक भागीदारी और राजनीतिक अधिकारों को सीमित करता है और उनका यह भी कहना है कि छठी अनुसूची के प्रावधानों में संशोधन केवल संसद ही कर सकती है।
- मेघालय में ADC: मेघालय में तीन ADC हैं अर्थात गारो हिल्स ADC, खासी हिल्स ADC और जयंतिया हिल्स ADC।
- प्रत्येक ADC में 30 सदस्य होते हैं, जिनमें से 29 सदस्य जनता द्वारा निर्वाचित होते हैं और प्रत्येक ADC में एक सदस्य मनोनीत होता है, जो राज्यपाल की इच्छा पर पद सँभालता है।
- समन्वय: राज्य सरकार का ज़िला परिषद मामलों का विभाग ज़िला परिषदों और राज्य सरकार के अन्य विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने वाले विभाग के रूप में कार्य करता है।
स्वायत्त ज़िला परिषद
- प्रशासनिक संरचना: छठी अनुसूची क्षेत्रों (असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के चार पूर्वोत्तर राज्यों के जनजातीय क्षेत्र) को स्वायत्त ज़िलों और स्वायत्त क्षेत्रों में संगठित किया गया है, जिनका संचालन प्रत्येक ज़िला परिषद और क्षेत्रीय परिषद द्वारा किया जाता है। राज्यपाल इन इकाइयों का निर्माण, परिवर्तन या पुनर्गठन कर सकता है।
- संरचना और कार्यकाल: एक स्वायत्त ज़िला परिषद (ADC) में अधिकतम 30 सदस्य हो सकते हैं (26 निर्वाचित और 4 राज्यपाल द्वारा मनोनीत) और निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल पाँच वर्ष होता है। बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद इसका अपवाद है, जिसमें 46 सदस्य हैं।
- विधायी शक्तियाँ: परिषदें भूमि, वन (आरक्षित वनों को छोड़कर), उत्तराधिकार, विवाह, सामाजिक रीति-रिवाज़ों और गैर-जनजातीयों द्वारा धन उधार और व्यापार के नियमन पर कानून बना सकती हैं, बशर्ते राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हो।
- कानूनों की प्रयोज्यता: केंद्रीय और राज्य के कानून स्वतः छठी अनुसूची क्षेत्रों पर लागू नहीं होते। इनकी प्रयोज्यता राज्य के अनुसार राज्यपाल या राष्ट्रपति के अधिसूचना पर निर्भर करती है।
