निर्यात तैयारी सूचकांक (EPI), 2024 | 19 Jan 2026
नीति आयोग ने निर्यात तैयारी सूचकांक (Export Preparedness Index–EPI), 2024 जारी किया है, जो राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की निर्यात तत्परता का आकलन करता है तथा वर्ष 2030 तक भारत के 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के वस्तु निर्यात लक्ष्य और विकसित भारत @2047 के विज़न को प्राप्त करने में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।
- निर्यात तैयारी सूचकांक (EPI): पहली बार वर्ष 2020 में शुरू किया गया, यह सूचकांक प्रमाण-आधारित ढाँचे के माध्यम से राज्य और ज़िला स्तर पर निर्यात तैयारियों का आकलन करता है।
- यह निर्यात वृद्धि, रोज़गार सृजन और वैश्विक मूल्य शृंखलाओं के एकीकरण में राज्यों तथा ज़िलों की अहम भूमिका को रेखांकित करता है तथा अवसंरचना विकास, प्रतिस्पर्द्धात्मक क्षमता एवं क्लस्टर-आधारित रणनीतियों पर विशेष बल देता है।
- यह सूचकांक संघवाद और आर्थिक प्रदर्शन के बीच संबंध को दर्शाता है तथा ज़िला-आधारित निर्यात वृद्धि को प्रमुखता देता है, जिससे मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) और व्यापार प्रतिस्पर्द्धात्मकता को समर्थन मिलता है।
- EPI 2024 का रूपरेखा और विवरण: यह 4 स्तंभों, 13 उप-स्तंभों और 70 संकेतकों के आधार पर संरचित है।
- चार मुख्य स्तंभ हैं: निर्यात अवसंरचना, बिज़नेस इकोसिस्टम, नीति व शासन और निर्यात प्रदर्शन।
- इन चारों में बिज़नेस इकोसिस्टम को सबसे अधिक 40 प्रतिशत वेटेज दिया गया है, जबकि शेष तीन स्तंभों को 20–20 प्रतिशत का भार प्रदान किया गया है। यह लागत दक्षता, MSMEs, वित्त तक पहुँच और नवाचार के बढ़ते महत्त्व को रेखांकित करता है, जो निर्यात प्रतिस्पर्द्धात्मकता को मज़बूत करने में सहायक हैं।
- तुलनात्मक आकलन के लिये राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को बड़े राज्य, छोटे राज्य, पूर्वोत्तर राज्य तथा केंद्रशासित प्रदेश की श्रेणियों में विभाजित किया गया है। साथ ही उन्हें लीडर्स (उच्च निर्यात तत्परता), चैलेंजर्स (मध्यम तत्परता, सुधार की संभावना) एवं आस्पायरर्स (प्रारंभिक चरण की निर्यात पारिस्थितिकी) के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिससे पीयर लर्निंग, सहकारी संघवाद व लक्षित सुधारों को बढ़ावा मिलता है।
- चार मुख्य स्तंभ हैं: निर्यात अवसंरचना, बिज़नेस इकोसिस्टम, नीति व शासन और निर्यात प्रदर्शन।
- EPI, 2024 में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य और केंद्रशासित प्रदेश: बड़े राज्यों की श्रेणी में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश तथा आंध्र प्रदेश अग्रणी रहे हैं। वहीं छोटे राज्य, पूर्वोत्तर राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों में उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, दादरा और नगर हवेली, दमन एवं दीव तथा गोवा ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।