आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 | 09 Mar 2026
अमेरिका-इज़रायल-ईरान संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा अनिश्चितता तथा पश्चिम एशिया के तेल आपूर्ति मार्गों में व्यवधान के बीच भारत ने रिफाइनरियों को आवश्यक वस्तु (EC) अधिनियम, 1955 के अंतर्गत द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) के उत्पादन में वृद्धि करने का निर्देश दिया है।
- साथ ही, वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों में स्थायित्व बना रहे, इस हेतु अमेरिका ने भारत को 30 दिनों के लिये रूस से कच्चा तेल खरीदने की अस्थायी अनुमति प्रदान की है।
- आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955: इसे भारत सरकार द्वारा नागरिकों को उचित मूल्य पर आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जमाखोरी, कालाबाज़ारी एवं कृत्रिम अभाव को रोकने के उद्देश्य से अधिनियमित किया गया था।
- ऐतिहासिक रूप से यह कानून जमाखोरी पर नियंत्रण, खुदरा मुद्रास्फीति को संतुलित करने तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा बनाए रखने हेतु सरकार का प्रमुख साधन रहा है।
- धारा 3: इसके अंतर्गत केंद्र सरकार आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, प्रदाय तथा वितरण को नियंत्रित कर सकती है। सरकार भंडारण सीमा निर्धारित करना, व्यापार का विनियमन करना, मूल्य निर्धारित करना तथा जमाखोरी पर प्रतिबंध लगाना जैसे उपाय कर सकती है।
- धारा 5: इसके अंतर्गत केंद्र सरकार, धारा 3 के तहत प्राप्त अपनी शक्तियों को राज्य सरकारों अथवा अधिकृत अधिकारियों को प्रत्यायोजित कर सकती है, जिससे स्थानीय स्तर पर त्वरित एवं प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित हो सके।
- वर्ष 2020 का संशोधन: संसद ने वर्ष 2020 में अधिनियम में संशोधन करते हुए केंद्र सरकार की शक्तियों को कुछ विशिष्ट वस्तुओं, जैसे- अनाज, दलहन, आलू, प्याज, खाद्य तिलहन तथा ईंधन तेल के असाधारण परिस्थितियों में विनियमन तक सीमित कर दिया था। इनमें युद्ध, अकाल, असाधारण मूल्य वृद्धि तथा गंभीर प्रकृति की प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियाँ सम्मिलित हैं।
- आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत LPG: पेट्रोलियम उत्पाद, जिनमें LPG भी सम्मिलित है, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत ‘आवश्यक वस्तु’ के रूप में वर्गीकृत किये गए हैं।
- केंद्र सरकार ने तेल रिफाइनरियों को LPG के उत्पादन को अधिकतम करने तथा इसके वितरण को घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
- साथ ही, रिफाइनरियों को प्रोपेन तथा ब्यूटेन प्रवाहों को पेट्रोकेमिकल उत्पादन की ओर मोड़ने से प्रतिबंधित किया गया है, ताकि इन प्रमुख घटकों का उपयोग मुख्यतः LPG आपूर्ति के लिये किया जा सके।
- केंद्र सरकार ने तेल रिफाइनरियों को LPG के उत्पादन को अधिकतम करने तथा इसके वितरण को घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
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