सैन्य अभ्यास धर्म गार्जियन | 25 Feb 2026

स्रोत: पीआईबी

भारतीय सेना और जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स के बीच वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास धर्म गार्जियन का 7वाँ संस्करण उत्तराखंड के चौबटिया में प्रारंभ हुआ।

  • उद्देश्य: अर्द्ध-शहरी क्षेत्र में संयुक्त अभियानों को संचालित करने हेतु सैन्य सहयोग को सुदृढ़ करना और संयुक्त क्षमताओं को बढ़ाना इसका प्रमुख लक्ष्य है।
  • भाग लेने वाली इकाइयाँ: भारतीय सेना का दल लद्दाख स्काउट्स से लिया गया है, जबकि जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JGSDF) की ओर से 32वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट के सैनिक भाग ले रहे हैं।
  • मुख्य सामरिक गतिविधियाँ: कार्यक्रम में अस्थायी ऑपरेटिंग बेस की स्थापना, इंटेलिजेंस, सर्विलांस, रिकॉनिसेंस (ISR) ग्रिड का विकास, मोबाइल वाहन जाँच चौकियों की स्थापना, कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन, हेलिबोर्न ऑपरेशन तथा हाउस इंटरवेंशन ड्रिल का अभ्यास शामिल हैं।
  • रणनीतिक महत्त्व: भारत और जापान में बारी-बारी से आयोजित होने वाला यह अभ्यास रक्षा सहयोग का एक प्रमुख स्तंभ है, जो आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग, पारस्परिक संचालन क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) तथा समकालीन अभियानों के पहलुओं को सुदृढ़ करता है।
  • अन्य भारत–जापान सैन्य अभ्यास: JIMEX (जापान-भारत समुद्री अभ्यास), वीर गार्जियन (वायु अभ्यास), शिन्यु मैत्री (वायु अभ्यास), सहयोग काइजिन (तटरक्षक), मालाबार (भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राज्य अमेरिका)।

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