डैनेब्रोग और कोपेनहेगन का युद्ध | 03 Apr 2026

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

समुद्री पुरातत्त्वविदों ने 19वीं सदी के प्रसिद्ध डेनिश युद्धपोत 'डैनेब्रोग' के मलबे को सफलतापूर्वक खोज निकाला है। दो शताब्दियों पहले ब्रिटिश नौसेना द्वारा डुबोए गए इस जहाज़ की अब वैज्ञानिक रूप से खुदाई शुरू कर दी गई है।

  • यह जहाज़ 1801 के कोपेनहेगन के युद्ध के दौरान नष्ट हो गया था, जो एक नौसैनिक संघर्ष था जिसमें एडमिरल होरेशियो नेल्सन के नेतृत्व में ब्रिटिश नौसेना ने डेनिश नौसेना को पराजित किया था।

कोपेनहेगन का युद्ध (1801)

  • परिचय: कोपेनहेगन का युद्ध एक महत्त्वपूर्ण नौसैनिक संघर्ष था, जिसमें होरेशियो नेल्सन के नेतृत्व में ब्रिटिश बेड़े ने रूस, डेनमार्क-नॉर्वे, स्वीडन और प्रशिया के रणनीतिक गठबंधन को तोड़ने के लिये डैनो-नॉर्वेजियन रक्षा को निष्क्रिय कर दिया।
    • यह संघर्ष ‘सशस्त्र तटस्थता संघ’ (रूस, डेनमार्क-नॉर्वे, स्वीडन और प्रशिया) के गठन से शुरू हुआ, जिसे ब्रिटेन ने अपने बाल्टिक सागर के व्यापार मार्गों तथा नौसैनिक संसाधनों के लिये फ्राँस-समर्थित खतरे के रूप में देखा।
  • रणनीतिक नेतृत्व: हालाँकि एडमिरल हाइड पार्कर ब्रिटिश सेना के समग्र कमांडर थे, लेकिन उप-एडमिरल होरेशियो नेल्सन (द्वितीय कमांडर) ने आक्रमण का नेतृत्व किया। उन्होंने पीछे हटने के आदेश को नज़रअंदाज़ करते हुए दूरबीन को अपनी अंधी आँख पर रख लिया—जिससे ‘टर्न अ ब्लाइंड आई’ (अनदेखा करना) मुहावरे की उत्पत्ति हुई।
  • तत्काल परिणाम: यह एक निर्णायक ब्रिटिश विजय थी, जिसके परिणामस्वरूप युद्धविराम हुआ और डेनमार्क ने अस्थायी रूप से तटस्थ संघ से अलगाव कर लिया।
  • रणनीतिक पतन: रूस के जार पॉल प्रथम की हत्या और अलेक्ज़ेंडर प्रथम के सिंहासन पर आने के बाद सशस्त्र तटस्थता संघ पूरी तरह विघटित हो गया। इस विघटन के फलस्वरूप समुद्र पर ब्रिटेन का निर्विवाद वर्चस्व स्थापित हो गया।

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