राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन | 17 Jan 2026
प्रधानमंत्री ने पुराने संसद भवन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल (पूर्व में चैंबर ऑफ प्रिंसेज़) में राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों (CSPOC) के 28वें सम्मेलन का उद्घाटन किया।
- भारत ने 16 वर्षों के अंतराल के पश्चात CSPOC की मेज़बानी की है। इससे पूर्व इस सम्मेलन का आयोजन भारत में वर्ष 1971, 1986 तथा 2010 में किया गया था, जो संसदीय कूटनीति के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को प्रतिबिंबित करता है।
- CSPOC का मुख्य सम्मेलन द्विवार्षिक (प्रत्येक दो वर्ष में एक बार) आयोजित किया जाता है, जबकि मध्यवर्ती वर्ष में स्थायी समिति की बैठक होती है। इसके प्रमुख उद्देश्य हैं- पीठासीन अधिकारियों की निष्पक्षता सुनिश्चित करना, संसदीय लोकतंत्र से संबंधित ज्ञान का संवर्द्धन करना, संसदीय संस्थाओं को सुदृढ़ बनाना।
राष्ट्रमंडल (कॉमनवेल्थ) क्या है?
- परिचय: राष्ट्रमंडल 56 स्वतंत्र एवं समान देशों का एक स्वैच्छिक संघ है, जिसमें मुख्यतः ब्रिटिश साम्राज्य के पूर्व उपनिवेश शामिल हैं।
- जनवरी 2026 तक राष्ट्रमंडल के 15 देश ब्रिटेन के सम्राट किंग चार्ल्स तृतीय (जिन्होंने वर्ष 2022 में महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के पश्चात पद सँभाला) को अपना राष्ट्राध्यक्ष मानते हैं; उदाहरणस्वरूप— कनाडा एवं न्यूज़ीलैंड।
- वर्ष 2021 में बारबाडोस ने आधिकारिक तौर पर महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय को अपने राज्य प्रमुख के पद से हटा दिया और डेम सैंड्रा के साथ बारबाडोस गणराज्य के पहले राज्य प्रमुख (राष्ट्रपति) के रूप में विश्व का नवीनतम गणराज्य बना।
- उद्भव: यह वर्ष 1926 के इंपीरियल सम्मेलन (लंदन) के समानता सिद्धांतों से विकसित होकर वर्ष 1949 के लंदन घोषणा-पत्र तक पहुँचा, जिसने गणराज्यों और गैर-ब्रिटिश राजतंत्रों को शामिल करके आधुनिक राष्ट्रमंडल की स्थापना की। गैबॉन और टोगो वर्ष 2022 में शामिल हुए।
- भारत की भूमिका: भारत जनसंख्या के हिसाब से सबसे बड़ा सदस्य देश है, चौथा सबसे बड़ा वित्तीय योगदानकर्त्ता है, इसने वर्ष 1983 का राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन और वर्ष 2010 के राष्ट्रमंडल खेल (नई दिल्ली) जैसे प्रमुख आयोजनों की मेज़बानी की है। भारत वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी करेगा।
- मूल्य और शासन: यह राष्ट्रमंडल चार्टर द्वारा निर्देशित है, जो विकास, लोकतंत्र और शांति को बढ़ावा देता है, जिसमें लंदन स्थित राष्ट्रमंडल सचिवालय इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सदस्य देशों का समर्थन करता है।
चैंबर ऑफ प्रिंसेस
- अवस्थिति: यह पुराने संसद भवन (संविधान सदन) में स्थित है। इसे नरेंद्र मंडल के नाम से भी जाना जाता है और बाद में इसे लाइब्रेरी हॉल में पुनर्निर्मित किया गया।
- स्थापना और कार्य: इसकी स्थापना वर्ष 1919 के भारत शासन अधिनियम के तहत वर्ष 1920 में एक ब्रिटिश-निर्मित सलाहकार निकाय के रूप में की गई थी। यह 1921 से 1947 तक कार्यरत रहा, जिसमें भारत की रियासतों को वायसरॉय की अध्यक्षता में बैठकों के माध्यम से ब्रिटिश राजशाही के समक्ष मुद्दे उठाने की अनुमति थी।
- स्वतंत्रता के बाद की भूमिका: यहाँ 28 जनवरी, 1950 को अपनी स्थापना से लेकर अगस्त 1958 तक भारत का सर्वोच्च न्यायालय स्थित था। उससे पहले वर्ष 1937 से 1950 तक यहाँ भारत का फेडरल कोर्ट लगता था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स सम्मेलन (CSPOC) क्या है?
CSPOC द्विवार्षिक सम्मेलन है, जिसमें संसदीय नेताओं की भागीदारी होती है। इसका उद्देश्य पीठासीन अधिकारी/प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स में निष्पक्षता बनाए रखना और संसदीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करना है।
2. 'चैंबर ऑफ प्रिंसेस' का ऐतिहासिक महत्त्व क्या था?
यह भारत सरकार अधिनियम, 1919 के तहत स्थापित और वर्ष 1921 से 1947 तक रियासतों के लिये ब्रिटिश क्राउन के समक्ष परामर्शात्मक निकाय के रूप में कार्य करता था। स्वतंत्रता के बाद इसमें फेडरल कोर्ट (1937-50) और भारतीय सर्वोच्च न्यायालय (1950-58) स्थित रहा।
3. आधुनिक कॉमनवेल्थ ऑफ नेशंस की शुरुआत के संबंध में बताइये।
आधुनिक कॉमनवेल्थ 1926 के इंपीरियल कॉन्फ्रेंस से लेकर 1949 के लंदन डिक्लेरेशन तक विकसित हुआ, जिसमें रिपब्लिक और गैर-ब्रिटिश राजशाही देशों को शामिल किया गया, जिससे यह स्वतंत्र राज्यों का एक स्वैच्छिक संगठन बन गया।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न
प्रश्न. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2010)
- राष्ट्रमंडल का कोई चार्टर, संधि या संविधान नहीं है।
- एक बार ब्रिटिश साम्राज्य (क्षेत्राधिकार/नियम/जनादेश) के अधीन सभी क्षेत्र/देश स्वतः ही इसके सदस्य के रूप में राष्ट्रमंडल में शामिल हो गए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: (a)
