CBDC आधारित खाद्य सब्सिडी वितरण पायलट परियोजना | 26 Feb 2026
भारत सरकार ने पुडुचेरी में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) आधारित खाद्य सब्सिडी वितरण हेतु एक पायलट परियोजना शुरू की है। यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से खाद्य सब्सिडी के वितरण में एक महत्त्वपूर्ण सुधार है, क्योंकि इसमें डिजिटल रुपया (e₹) को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) ढाँचे के साथ एकीकृत किया गया है।
- प्रोग्राम योग्य और उद्देश्यपूर्ण उपयोग: इस पायलट परियोजना के अंतर्गत खाद्य सब्सिडी के लिये चिह्नित लाभार्थियों के CBCD वॉलेट में प्रोग्राम योग्य सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBCD) टोकन के रूप में सीधे जमा की जाएगी।
- इन टोकनों का उपयोग केवल अधिकृत व्यापारियों एवं उचित मूल्य की दुकानों (FPS) से खाद्यान्नों की खरीद के लिये किया जा सकेगा, जिससे सब्सिडी का उद्देश्यपूर्ण उपयोग सुनिश्चित होगा एवं पारदर्शिता बढ़ेगी।
- प्रणाली की दक्षता और पारदर्शिता: यह डिजिटल नकद प्रणाली अत्यंत सुरक्षित, त्वरित और पूर्णतः पता लगाने योग्य होने के कारण प्रणाली की दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करती है। यह बाधाओं को काफी कम करती है, जिससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार को रोकने और जवाबदेही को बढ़ाने में मदद मिलती है।
- यह पायलट प्रोजेक्ट पुडुचेरी सरकार, भारतीय रिज़र्व बैंक, सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) और केनरा बैंक के समन्वय से कार्यान्वित किया जा रहा है।
- पुडुचेरी में इसकी शुरुआत के बाद, इस पहल को चरणबद्ध तरीके से अन्य केंद्रशासित प्रदेशों और लाभार्थियों तक विस्तारित किया जाएगा।
सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी
- परिचय: यह किसी देश की प्रचलित मुद्रा का डिजिटल रूप है। आपके पारंपरिक बैंक खाते में मौजूद डिजिटल मुद्रा (जो वाणिज्यिक बैंक की देनदारी होती है) के विपरीत, CBDC सीधे देश के केंद्रीय बैंक द्वारा जारी की जाती है तथा यह एक प्रत्यक्ष संप्रभु देनदारी का प्रतिनिधित्व करती है।
- डिजिटल रुपया (e₹) भारत की आधिकारिक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) है। इसे वैध मुद्रा के रूप में कानूनी मान्यता प्राप्त है, जिसका अर्थ है कि इसका मूल्य भौतिक नकदी के बराबर है। इसे कागज़ी मुद्रा के साथ एक के बाद एक विनिमय किया जा सकता है।
- रिटेल CBDC (e₹-R): यह आम जनता और रोज़मर्रा के व्यवसायों के लिये डिज़ाइन किया गया है। यह बैंकों द्वारा प्रदान किये गए डिजिटल वॉलेट के माध्यम से संचालित होता है, जो मूल्य का एक सुरक्षित भंडार प्रदान करता है और तत्काल पीयर-टू-पीयर और पीयर-टू-मर्चेंट लेनदेन को सक्षम बनाता है।
- क्योंकि यह वास्तविक नकदी की तरह दिखता है, इसलिये वॉलेट में जमा राशि पर कोई ब्याज नहीं दिया जाता है।
- थोक CBDC (e₹-W): यह CBDC विशेष रूप से वित्तीय संस्थानों और मध्यस्थों के लिये है। इसे सरकारी प्रतिभूतियों में द्वितीयक बाज़ार व्यापार और अंतर-बैंक ऋण जैसे उच्च-मूल्य के लेन-देनों को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसके उपयोग से निपटान लागत में काफी कमी आती है और प्रतिपक्ष निपटान जोखिम कम होते हैं।
- UPI से भिन्न: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) एक साधारण भुगतान इंटरफेस है जो पारंपरिक बैंक खातों के बीच मौजूदा धन को स्थानांतरित करता है।
- डिजिटल रुपी लेनदेन बिना किसी वाणिज्यिक बैंक के बैकएंड लेजर की आवश्यकता के, वॉलेट-टू-वॉलेट तुरंत भुगतान हो जाते हैं। हालाँकि, उपयोगकर्त्ताओं की सुविधा के लिये ई-रुपये ऐप्स मौजूदा UPI QR कोड के साथ पूरी तरह संगत (इंटरऑपरेबल) बनाए गए हैं।
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