सीमा सड़क संगठन | 21 Jan 2026
वर्ष 2024–25 में सीमा सड़क संगठन (BRO) ने 356 अवसंरचना परियोजनाएँ राष्ट्र को समर्पित कीं तथा ₹16,690 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक व्यय दर्ज किया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों की संपर्कता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
- परिचय: BRO उच्च हिमालयी, हिमाच्छादित एवं अत्यंत दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों में अवसंरचना निर्माण का कार्य करने वाला भारत का अग्रणी संगठन है, यह उन क्षेत्रों में भी अवसंरचना निर्माण का कार्य करता है जहाँ पारंपरिक अभियंत्रण एजेंसियों का संचालन संभव नहीं होता।
- स्थापना: BRO की स्थापना 7 मई 1960 को पूर्वी भारत में प्रोजेक्ट वर्तक तथा उत्तरी क्षेत्र में प्रोजेक्ट बीकन के साथ की गई थी। वर्तमान में यह संगठन 11 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में 18 फील्ड प्रोजेक्ट्स के माध्यम से कार्यरत है।
- दायित्व एवं प्रमुख कार्य: BRO का प्रमुख दायित्व सीमावर्ती क्षेत्रों में सर्व-ऋतु रणनीतिक संपर्कता हेतु अवसंरचना का विकास एवं अनुरक्षण करना है, जिससे रक्षा तैयारियाँ सुदृढ़ होती हैं। इसके अतिरिक्त, यह आपदा की स्थिति में प्रथम प्रत्युत्तरक की भूमिका भी निभाता है, जिसका उदाहरण वर्ष 2023 में मात्र 68 दिनों में जोज़िला दर्रे को पुनः परिगमन योग्य बनाना है।
- संस्थागत ढाँचा: BRO, रक्षा मंत्रालय के अधीन एक कार्यकारी बल के रूप में कार्य करता है तथा सीमा सड़क विकास बोर्ड (BRDB) के अंतर्गत संचालित होता है।
- उपलब्धियाँ: BRO ने अटल, सेल और शिंकुन ला सुरंगों, सियोम, सिस्सेरी और देवक पुलों, प्रोजेक्ट्स विजयक और स्वास्तिक के अंतर्गत सड़कों और बागडोगरा व बैरकपुर हवाई पट्टियों के आधुनिकीकरण जैसे प्रमुख अवसंरचनात्मक संसाधन तैयार किये हैं, जिससे सर्व-ऋतु रणनीतिक संपर्कता सुनिश्चित होती है।
- वैश्विक पहुँच: विदेशों में किये गए परियोजना कार्य जैसे प्रोजेक्ट DANTAK (भूटान), भारत-म्याँमार फ्रेंडशिप रोड, डेलारम-जारान्ज़ हाईवे (अफगानिस्तान) और ताज़िकिस्तान में अवसंरचना कार्य भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और रणनीतिक साझेदारियों को सुदृढ़ करते हैं।
