भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 | 24 Mar 2026

स्रोत: पीआईबी 

चर्चा में क्यों?

भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 नई दिल्ली में ‘विकास का विद्युतीकरण, स्थिरता को सशक्त बनाना, वैश्विक स्तर पर जोड़ना’ (Electrifying Growth. Empowering Sustainability. Connecting Globally) विषय के तहत आयोजित किया गया।

  • यह भारत के विद्युत संकट से नवीकरणीय ऊर्जा-प्रधान ऊर्जा अधिशेष की ओर होने वाले परिवर्तन को प्रदर्शित करता है, साथ ही वर्ष 2032 तक 50 लाख करोड़ रुपए के अनुमानित निवेश की संभावना को उजागर करता है।

भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026

  • परिचय: यह भारत के अनुकूलनशील और कम-कार्बन ऊर्जा ईकोसिस्टम की ओर संक्रमण को गति प्रदान करने हेतु एक वैश्विक मंच के रूप में कार्य करता है।
    • इसमें 25,000 से अधिक प्रतिभागी और 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिससे भारत को अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सहयोग के लिये एक केंद्रीय केंद्र के रूप में स्थापित किया गया।
  • नवाचार ईकोसिस्टम: इसमें 500 से अधिक प्रदर्शकों में से 100 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ एक समर्पित प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी शामिल थी, जो पावर सेक्टर और उभरते विद्युत समाधान में अनुसंधान एवं विकास (R&D) को उजागर करती है।

भारत के विद्युत क्षेत्र के परिवर्तन से संबंधित प्रमुख तथ्य क्या हैं?

  • नवीकरणीय ऊर्जा में वृद्धि: जनवरी 2026 तक भारत की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 520 GW तक पहुँच गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत ने 52,537 MW की रिकॉर्ड क्षमता जोड़ी, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा 75% (39,657 MW) था। इस वृद्धि में सौर ऊर्जा ने अग्रणी भूमिका निभाई, जो वर्ष 2014 में 3 GW से बढ़कर जनवरी 2026 में 140 GW तक पहुँच गई।
    • अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी (IRENA) की नवीकरणीय ऊर्जा सांख्यिकी 2025 के अनुसार, भारत कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वैश्विक स्तर पर चौथे स्थान पर है।
    • भारत ने 29 जुलाई, 2025 को एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की, जब नवीकरणीय स्रोतों ने देश की कुल विद्युत मांग का 51.5% पूरा किया। इस विद्युत उत्पादन संरचना में सौर ऊर्जा (44.5 GW), पवन ऊर्जा  (29.89 GW) और जल ऊर्जा (30.29 GW) शामिल हैं।
  • घाटे से स्थिरता की ओर: राष्ट्रीय विद्युत कमी वित्तीय वर्ष 2013-14के 4.2% से घटकर दिसंबर 2025 में 0.03% रह गई। भारत ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 242 GW की उत्कृष्ट मांग को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
  • सार्वभौमिक विद्युतीकरण सफलता: सौभाग्य, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (DDUGJY) और इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (IPDS) जैसी योजनाओं के तहत 1.85 लाख करोड़ रुपए के निवेश से 18,374 गाँवों का विद्युतीकरण किया गया और 2.86 करोड़ घरों को कनेक्शन प्रदान किये गए। ग्रामीण क्षेत्रों में औसत दैनिक विद्युत आपूर्ति वित्तीय वर्ष 2013-14 के 12.5 घंटे से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2024-25 में 22.6 घंटे हो गई।
  • राष्ट्रीय ग्रिड की उपलब्धियाँ: भारत अब विश्व का सबसे बड़ा समकालिक राष्ट्रीय ग्रिड संचालित करता है, जिसकी लंबाई 5 लाख सर्किट किमी. (ckm) से अधिक है। राष्ट्रीय विद्युत योजना (2023-32) इसे और बढ़ाकर 6.48 लाख ckm करने का लक्ष्य रखता है, जिसके लिये 9.15 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है।
  • वित्तीय अनुशासन: पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS), लेट पेमेंट सरचार्ज (LPS) नियम, 2022 और 5.62 करोड़ स्मार्ट मीटरों की स्थापना ने क्रांतिकारी परिवर्तन लाए हैं, जिससे शेष राशि जून 2022 के  1.4 लाख करोड़ रुपए से घटकर फरवरी 2026 में केवल 4,109 करोड़ रुपए रह गई।
  • DISCOM की पुनर्प्राप्ति: पहली बार वितरण उपयोगिताओं ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2,701 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया, जो वित्तीय वर्ष 2013-14 के 67,962 करोड़ रुपए के नुकसान से एक विशाल सुधार है।
  • प्रमुख सरकारी पहल:
    • PM सूर्य घर योजना: वर्ष 2024 में शुरू की गई यह 75,021 करोड़ रुपए की योजना अब तक 31.04 लाख घरों तक पहुँच चुकी है और वित्तीय वर्ष 2026-27 तक 1 करोड़ आवासीय रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन का लक्ष्य रखती है।
    • पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS): 3.03 लाख करोड़ रुपए की RDSS के तहत पूरे देश में 5.62 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, जिससे बिलिंग दक्षता और उपभोक्ता पारदर्शिता में सुधार हुआ है।
    • राष्ट्रीय विद्युत योजना (2023-32): वर्ष 2032 तक 458 GW की अनुमानित उत्कृष्ट मांग को पूरा करने के लिये 9.15 लाख करोड़ रुपए का निवेश ट्रांसमिशन सिस्टम में करने का लक्ष्य है।
    • इलेक्ट्रिसिटी (संशोधन) विधेयक, 2026: क्रॉस-सबसिडी को समुचित बनाने, लागत-प्रतिबिंबित टैरिफ को बढ़ावा देने और औद्योगिक उपभोक्ताओं को सीधे विद्युत खरीदने की अनुमति देने पर केंद्रित, ताकि विनिर्माण प्रतिस्पर्द्धात्मकता बढ़ सके।
    • POWERGRID में निवेश अधिकरण का विस्तार: सरकार ने POWERGRID (देश की सबसे बड़ी ट्रांसमिशन उपयोगिता) के निवेश अधिकरण को बढ़ाया है, जिससे प्रत्येक सहायक कंपनी के लिये इक्विटी सीमा 5,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 7,500 करोड़ रुपए कर दी गई है। 

India's_Climate_Action_Targets

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) 

1. जनवरी 2026 तक भारत की कुल स्थापित विद्युत क्षमता कितनी थी?
जनवरी 2026 तक भारत की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 520.51 GW पहुँच गई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में 52,537 MW की रिकॉर्ड वृद्धि हुई।

2. भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिये 29 जुलाई, 2025 का क्या महत्त्व है?
इस दिन भारत ने अपनी कुल विद्युत मांग का 51.5% केवल नवीकरणीय स्रोतों से पूरा किया, जो हरित ऊर्जा के उच्च-स्तरीय ग्रिड एकीकरण की सफलता का संकेत है।

3. PM सूर्य घर: मुफ्त विद्युत योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह 75,021 करोड़ रुपए की पहल है, जिसका लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2026-27 तक 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर स्थापित करना है, ताकि उपभोक्ता-निर्माता को बढ़ावा प्राप्त हो और आवासीय विद्युत लागत कम हो सके।

4. राष्ट्रीय विद्युत योजना (2023-32) की विशेषताएँ क्या हैं?
यह योजना 2032 तक 458 GW की उत्कृष्ट मांग को पूरा करने का लक्ष्य रखती है, जिसके लिये ट्रांसमिशन नेटवर्क को 6.48 लाख ckm तक बढ़ाने हेतु 9.15 लाख करोड़ रुपए का निवेश आवश्यक है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)

प्रश्न: भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (IREDA) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (2015)

  1. यह एक पब्लिक लिमिटेड सरकारी कंपनी है।  
  2. यह एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी है।

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1

(b) केवल 2

(c) 1 और 2 दोनों

(d) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (c)