आधार शुभंकर ‘उदय’ | 13 Jan 2026

स्रोत: पीआईबी 

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार सेवाओं को आम नागरिकों के लिये अधिक सुलभ और सहज बनाने हेतु एक संचार उपकरण के रूप में 'उदय', जो कि एक नागरिक-अनुकूल आधार शुभंकर है, को प्रस्तुत किया है।

  • इसका उद्देश्य अद्यतन, प्रमाणीकरण, ऑफलाइन सत्यापन, जानकारी के चयनात्मक साझाकरण और ज़िम्मेदार उपयोग को सरल बनाना है।

आधार

  • परिचय: आधार UIDAI द्वारा जारी कीएक 12-अंकीय बायोमेट्रिक पहचान संख्या है, जो संपूर्ण भारत में निवासियों के लिये पहचान और पते का प्रमाण के रूप में कार्य करती है। यह नागरिकता या जन्म तिथि का प्रमाण नहीं है, राष्ट्रीयता स्थापित करने के लिये इसका उपयोग नहीं किया जा सकता है।
  • पात्रता: कोई भी व्यक्ति, जिसमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिसने पंजीकरण आवेदन की तिथि से पूर्व विगत 12 माह में भारत में 182 दिन या उससे अधिक समय तक निवास किया है, तो वह पात्र होगा — बशर्ते कि वह अधिसूचित पहचान एवं पता संबंधी 18 दस्तावेज़ों में से किसी एक को प्रस्तुत करे।
  • उपयोगिता: आधार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), बैंकिंग सेवाओं, मोबाइल कनेक्शन और विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी सेवाओं तक पहुँच की सुविधा प्रदान करता है।
  • न्यायिक रुझान: न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ मामला 2017 में सर्वोच्च न्यायालय ने आधार की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा और स्पष्ट किया कि आधार अधिनियम, 2016 की धारा 9 के अंतर्गत, आधार संख्या स्व नागरिकता या अधिवास प्रदान या सिद्ध नहीं करती है।

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