60वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार | 17 Mar 2026

स्रोत: द हिंदू 

प्रतिष्ठित तमिल गीतकार और लेखक आर. वैरामुथु को 60वें ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिये चुना गया है। वे यह पुरस्कार पाने वाले तीसरे तमिल लेखक और पहले तमिल कवि बन गए हैं।

  • उन्होंने अपने उपन्यास कल्लिकट्टू इतिहासम के लिये साहित्य अकादमी पुरस्कार (2003) भी जीता। उन्हें वर्ष 2003 में पद्म श्री और वर्ष 2014 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था।
  • यह पुरस्कार पहले तमिल लेखक अकिलन (1975) और जयकांतन (2002) को प्रदान किया जा चुका है।

ज्ञानपीठ पुरस्कार

  • परिचय: भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा वर्ष 1961 में स्थापित ज्ञानपीठ पुरस्कार लेखकों के आजीवन असाधारण योगदान को मान्यता देने वाला भारत का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है।
    • प्रायः "भारतीय साहित्य का नोबेल पुरस्कार" माना जाने वाला यह पुरस्कार भारत की भाषायी  विविधता और साहित्यिक अखंडता को उजागर करता है।
  • संस्थागत पृष्ठभूमि: यह पुरस्कार उद्योगपति साहू शांति प्रसाद जैन और उनकी पत्नी रमा जैन द्वारा वर्ष 1944 में स्थापित एक सांस्कृतिक संगठन भारतीय ज्ञानपीठ के माध्यम से स्थापित किया गया था। प्रथम पुरस्कार वर्ष 1965 में जी. शंकर कुरुप (मलयालम) को प्रदान किया गया था।
    • पहली महिला पुरस्कार प्राप्तकर्त्ता वर्ष 1976 में आशापूर्णा देवी (बंगाली) थीं और अंग्रेज़ी भाषा के पहले विजेता वर्ष 2018 में अमिताव घोष थे।
  • पात्रता और दायरा: यह पुरस्कार प्रतिवर्ष केवल एक भारतीय लेखक को साहित्य में उसके "असाधारण योगदान" के लिये प्रदान किया जाता है। वर्ष 1965 से 1981 तक यह पुरस्कार किसी विशिष्ट पुस्तक/कृति के लिये दिया जाता था। वर्ष 1982 से यह किसी लेखक के भारतीय साहित्य में आजीवन योगदान के लिये प्रदान किया जाता है।
    • यह आठवीं अनुसूची की सभी 22 भाषाओं के साथ-साथ अंग्रेज़ी (2013 में शामिल) को भी कवर करता है। मरणोपरांत कोई पुरस्कार नहीं दिया जाता है।
  • पुरस्कार और प्रतीकात्मकता: प्राप्तकर्त्ता को 11 लाख रुपये का नकद पुरस्कार, एक प्रशस्ति पत्र और ज्ञान की देवी वाग्देवी (सरस्वती) की एक कांस्य प्रतिमा प्रदान की जाती है। यह पुरस्कार प्रायः भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • चयन प्रक्रिया: प्रतिष्ठित विद्वानों और साहित्यकारों की एक उच्च-स्तरीय समिति (प्रवर परिषद) रचनात्मकता, दृष्टिकोण और भारतीय साहित्य पर प्रभाव के आधार पर नामांकन का मूल्यांकन करती है।

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