अभ्यास वज्र प्रहार का 16वाँ संस्करण | 25 Feb 2026
भारत-अमेरिका संयुक्त विशेष सैन्य अभ्यास 'वज्र प्रहार' का 16वाँ संस्करण हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित 'स्पेशल फोर्सेज़ ट्रेनिंग स्कूल' में शुरू हुआ।
वज्र प्रहार
- पहली बार वर्ष 2010 में भारत में आयोजित यह अभ्यास बारी-बारी से भारत और अमेरिका में आयोजित किया जाता है। इसका पिछला संस्करण अमेरिका के इदाहो में आयोजित किया गया था।
- इसमें भारतीय सेना के विशेष बल और अमेरिकी सेना के 'ग्रीन बेरेट्स' के कर्मी शामिल होते हैं।
- इसका प्राथमिक उद्देश्य अंतर-संचालनीयता, संयुक्तता और सामरिक विशेषज्ञता के आपसी विनिमय को बढ़ाकर मज़बूत सैन्य सहयोग को बढ़ावा देना है।
- यह संयुक्त मिशन योजना क्षमताओं और परिचालन रणनीति जैसे क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रथाओं और अनुभवों को साझा करने में सक्षम बनाएगा।
भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग
- रणनीतिक विकास: दोनों देशों के संबंध "भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के लिये नए ढाँचे" (2015 में नवीनीकृत) और वर्ष 2016 में भारत को मिले 'प्रमुख रक्षा भागीदार' (MDP) के दर्जे पर आधारित हैं। वर्ष 2018 में भारत को अमेरिकी 'सामरिक व्यापार प्राधिकरण' (STA) के टियर-1 में भी उन्नत किया गया, जिससे उच्च तकनीक के निर्यात नियंत्रण में सुधार हुआ।
- अक्तूबर 2025 में हस्ताक्षरित 'यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप' के नए ढाँचे ने अगले दशक के सहयोग का मार्गदर्शन करने के लिये द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ किया है।
- रक्षा नवाचार, निजी निवेश और प्रौद्योगिकी सह-उत्पादन में तेज़ी लाने के लिये वर्ष 2023 में भारत-अमेरिका डिफेंस एक्सेलेरेशन ईकोसिस्टम (INDUS X) लॉन्च किया गया था।
- आधारभूत समझौते: सैन्य अंतर-संचालन क्षमता महत्त्वपूर्ण समझौतों द्वारा स्थापित की गई है: रसद विनिमय समझौते के ज्ञापन (लेमोआ–2016), संचार संगतता और सुरक्षा समझौता (कोम्कासा– 2018), औद्योगिक सुरक्षा समझौता (ISA–2019) और बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (BECA - 2020)।
- रक्षा खरीद: भारतीय सशस्त्र बल प्रमुख अमेरिकी मूल के प्लेटफॉर्मों का संचालन करते हैं, जिनमें अपाचे, चिनूक, MH60R हेलीकॉप्टर और P8I समुद्री विमान शामिल हैं।
- संयुक्त सैन्य अभ्यास: प्रमुख द्विपक्षीय अभ्यासों में युद्ध अभ्यास (सेना), कोप इंडिया (वायु सेना) और टाइगर ट्रायंफ (ट्राय-सर्विस) शामिल हैं।
- दोनों राष्ट्र मालाबार, रिमपैक और रेड फ्लैग जैसे प्रमुख बहुपक्षीय अभ्यासों में भी सहयोग करते हैं।