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उम्मीद का इंद्रधनुष: LGBTQIA+ | 27 Aug 2022 | सामाजिक न्याय

यह एडिटोरियल 26/08/2022 को ‘द हिंदू’ में प्रकाशित “Rainbow of hope: On Tamil Nadu’s glossary of terms to address LGBTQIA+ community” लेख पर आधारित है। इसमें LGBTQIA+ समुदाय को चिह्नित किये जाने की आवश्यकता और प्रयासों के संबंध में चर्चा की गई है ताकि वे गरिमापूर्ण जीवन जी सकें।

संदर्भ

हाल के वर्ष में भारत सहित कई देशों में ‘थर्ड सेक्स’ और समलैंगिकों को बराबर के नागरिक के रूप में वैधानिक मान्यता प्रदान की गई है। दुनिया भर में चले विभिन्न आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के बाद उन्हें यह मान्यता प्राप्त हुई है।

LGBTQIA+ का क्या अर्थ है?

LGBTQIA+

भारत में LGBTQIA+ की मान्यता का इतिहास

LGBTQIA+ समुदाय के अधिकारों की पुष्टि में योगदान करने वाले विभिन्न मामले

भारत में LGBTQIA+ समुदाय के लोगों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?

आगे की राह

अभ्यास प्रश्न: भारत में LGBTQIA+ समुदाय की स्थिति की चर्चा उन मामलों के आलोक में करें जिनसे उन्हें अपने अधिकारों की पुष्टि कराने में मदद मिली।