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भारत में लॉकडाउन | 25 Mar 2020 | शासन व्यवस्था

इस Editorial में The Hindu, The Indian Express, Business Line आदि में प्रकाशित लेखों का विश्लेषण किया गया है। इस लेख में भारत में जारी लॉकडाउन व उससे उपजी परिस्थितियों पर चर्चा की गई है। आवश्यकतानुसार, यथास्थान टीम दृष्टि के इनपुट भी शामिल किये गए हैं।

संदर्भ 

इस समय विश्व के लगभग सभी देशों में कोरोना वायरस अपने पैर पसार रहा है। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच विश्व के लगभग सभी देशों ने संपूर्ण लॉकडाउन या आंशिक लॉकडाउन की स्थिति को अपना लिया है। चीन, इटली, ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, और ईरान के बाद भारत ने भी इस बढ़ते खतरे को रोकने के लिये अग्रिम 21 दिनों के लिये संपूर्ण लॉकडाउन के विकल्प को अपना लिया है। वस्तुतः पिछले कुछ दिनों से लॉकडाउन शब्द चर्चा के केंद्र में है। इसके साथ ही लोग यह भी जानने का प्रयास कर रहे हैं कि आखिर लॉकडाउन है क्या? क्या लॉकडाउन में सभी सेवाएँ बंद हो जाएँगी? क्या देश का स्वास्थ्य तंत्र इतना कमज़ोर है कि लॉकडाउन ही अंतिम विकल्प बचा है? लॉकडाउन एवं कर्फ्यू में क्या अंतर है? लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर दंड का क्या प्रावधान है? क्या लॉकडाउन आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर देगा?

इस आलेख में लॉकडाउन से संबंधित सभी प्रश्नों का उत्तर जानने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही लॉकडाउन की स्थिति में आवश्यक सेवाओं से संबंधित आपूर्ति श्रृंखला को बहाल रखने के लिये सरकार के द्वारा किये जा रहे प्रयासों का भी विश्लेषण करेंगे।

पृष्ठभूमि

लॉकडाउन के बारे में जानने से पूर्व हमें इसके कारण के बारे में जानना चाहिये। लॉकडाउन का कारण कोरोना वायरस है…..जी नहीं, यह आधा सच है। पूरा सच यह है कि लॉकडाउन का कारण कोरोना वायरस का तीव्रता से प्रसार है। कोरोना वायरस की विभिन्न अवस्थाएँ इसे और अधिक हानिकारक बना रही हैं। इसकी विभिन्न अवस्थाएँ निम्नलिखित हैं-

क्या है लॉकडाउन?        

अनिवार्य शासकीय दिशा-निर्देश

लॉकडाउन की आवश्यकता क्यों पड़ी? 

लॉकडाउन का आपूर्ति श्रृंखला पर प्रभाव

आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने में सरकार के प्रयास 

लॉकडाउन के उल्लंघन में दंड का प्रावधान 

लॉकडाउन और कर्फ्यू में अंतर  

निष्कर्ष

नि:संदेह यह संकट का समय है। इस संकटकालीन घड़ी में लोगों से धैर्य रखने व अपनी गतिविधियों को सीमित रखने की अपेक्षा की जाती है। लोगों से यह भी अपेक्षा है कि वह अनावश्यक रूप से खाद्य सामग्री का संचय न करें। सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस संकट की घड़ी में सोशल डिस्टेंसिंग के सिद्धांत को बनाए रखने में अपना अमूल्य योगदान दें।   

प्रश्न- लॉकडाउन से आप क्या समझते हैं? इस संदर्भ में सरकार द्वारा ज़ारी किये गए दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए, सोशल डिस्टेंसिंग के महत्त्व का विश्लेषण कीजिये।