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नवीकरणीय ऊर्जा: महत्त्व और संबद्ध समस्याएँ | 28 Jan 2022 | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

यह एडिटोरियल 27/01/2021 को ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित “The consequences of an ill-considered green strategy'' लेख पर आधारित है। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा से संबद्ध समस्याओं और ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों के महत्त्व के संबंध में चर्चा की गई है।

संदर्भ

पारंपरिक ईंधन की तुलना में नवीकरणीय ऊर्जा पर यूरोप का अधिक ज़ोर देना वैश्विक खाद्य संकट का कारण बन सकता है। अगस्त 2021 से पश्चिमी यूरोप को नवीकरणीय ऊर्जा से संबद्ध समस्या का सामना करना पड़ा है जहाँ कभी पवन ऊर्जा के लिये पवन की गति कम पड़ी, तो कभी सौर ऊर्जा के लिये सूर्य का प्रकाश उपलब्ध नहीं हो सकी।

विश्व भर में कमोडिटी बाज़ार, मांग और आपूर्ति के संतुलन पर काम करते हैं; दोनों में से किसी में मामूली परिवर्तन भी कीमतों में तीव्र वृद्धि या गिरावट का कारण बन सकता है। प्राकृतिक गैस के लिये यूरोप की मांग में अचानक आई वृद्धि ने तरलीकृत प्राकृतिक गैस (Liquefied Natural Gas- LNG)—जिस रूप में वैश्विक स्तर पर गैस का कारोबार होता है, के मूल्यों में वृद्धि कर दी है।

‘ऑस्ट्रेलियन कम्पटीशन एंड कंज़्यूमर कमीशन’ द्वारा प्रकाशित LNG मूल्य, दीर्घकालिक औसत की तुलना में वर्तमान (जनवरी 2022) में लगभग चार गुना अधिक है। उल्लेखनीय है कि ऑस्ट्रेलिया विश्व के प्रमुख LNG निर्यातकों में से एक है। 

नवीकरणीय ऊर्जा के लाभ

हरित ऊर्जा अपनाने से संबद्ध समस्याएँ

आगे की राह

निष्कर्ष

मौजूदा संकट भारत के लिये भी सबक है, जो नवीकरणीय प्रौद्योगिकियों के उपयोग की महत्त्वाकांक्षी योजनाएँ रखता है लेकिन उसे यूरोपीय देशों की तरह वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं है। सस्ते और विश्वसनीय ऊर्जा स्रोतों को तब तक नहीं छोड़ा जाना चाहिये जब तक कि विकल्पों (यानी नवीकरणीय स्रोत) का सही ढंग से परीक्षण न हो जाए।

यदि तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो इससे भारत पर विशेष प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि यह सालाना लगभग 1.4 बिलियन बैरल तेल का आयात करता है। लेकिन नए तेल और गैस भंडार के विकास में ताज़ा निवेश का स्तर वैश्विक स्तर पर मंद हो रहा है, जिसका एक कारण जलवायु कार्रवाई है और इसके कारण कच्चे तेल की कीमत बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर है।

अभ्यास प्रश्न: ‘‘पारंपरिक ऊर्जा स्रोत अधिक भरोसेमंद होते हैं और इन्हें तब तक नहीं छोड़ा जाना चाहिये जब तक कि स्वच्छ ऊर्जा जैसे विकल्पों का कड़ाई से परीक्षण नहीं हो जाता है।’’ चर्चा कीजिये।