द फ्यूचर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर: FAO | 05 Dec 2022

प्रिलिम्स के लिये:

FAO, खाद्य सुरक्षा, SDG, द फ्यूचर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर।

मेन्स के लिये:

द फ्यूचर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर: FAO।

चर्चा में क्यों?

खाद्य एवं कृषि संगठन (Food and Agriculture Organization- FAO) की नई रिपोर्ट, द फ्यूचर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर - ड्राइवर्स और ट्रिगर्स फॉर ट्रांसफॉर्मेशन के अनुसार, अगर कृषि और खाद्य प्रणाली भविष्य में भी वर्तमान जैसी ही रही तो आने वाले समय में विश्व को निरंतर ही खाद्य असुरक्षा  की समस्या का सामना करना पड़ेगा।

  • इस रिपोर्ट का उद्देश्य कृषि और खाद्य प्रणालियों के स्थायी, लचीले और समावेशी भविष्य के लिये रणनीतिक सोच तथा कार्यों को प्रेरित करना है।

रिपोर्ट के निष्कर्ष:

  • कृषि एवं खाद्य प्रणाली के वाहक:
    • सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरण से जुड़े ऐसे 18 कारक हैं, जोाखाद्य प्रसंस्करण और खाद्य खपत सहित कृषि खाद्य प्रणालियों के भीतर होने वाली विभिन्न गतिविधियों से अंतर्संबंधित होने के साथ उन्हें आकार देने का काम करते हैं।
    • गरीबी और असमानताएंँ, भू-राजनीतिक अस्थिरता, संसाधनों की कमी एवं क्षरण और जलवायु परिवर्तन कुछ प्रमुख चालक हैं जिसका प्रबंधन खाद्य एवं कृषि का भविष्य तय करेगा।
  • खाद्य असुरक्षा पर चिंता:
    • यदि कृषि खाद्य प्रणाली समान बनी रहती है तो भविष्य में विश्व लगातार खाद्य असुरक्षा, घटते संसाधनों और अस्थिर आर्थिक विकास का सामना करेगा।
    • कृषि खाद्य लक्ष्यों सहित सतत् विकास लक्ष्यों (SDGs) को पूरा करने के लिये विश्व "ऑफ ट्रैक" है।
      • कई SDGs सही ट्रैक पर नहीं हैं और इसे तभी हासिल किया जा सकता है, जब कृषि खाद्य प्रणाली को उन वैश्विक प्रतिकूलताओं का सामना करने के लिये सही तरीके से रूपांतरित किया जाए जो बढ़ती संरचनात्मक असमानताओं और क्षेत्रीय असमानताओं के कारण खाद्य सुरक्षा और पोषण को कमज़ोोर करती हैं।
    • वर्ष 2050 तक विश्व में 10 बिलियन लोगों के लिये भोजन की आवश्यकता होगी तथा यह एक अभूतपूर्व चुनौती होगी, यदि वर्तमान रुझानों को बदलने के लिये महत्त्वपूर्ण प्रयास नहीं किये गए।
  • भविष्य के परिदृश्य:
    • कृषि खाद्य प्रणालियों के लिये भविष्य के चार परिदृश्य होंगे जो खाद्य सुरक्षा, पोषण और समग्र स्थिरता के मामले में विविध परिणाम देते हैं।
      • इसके अलावा, यह घटनाओं और संकटों पर प्रतिक्रिया करके निरंतर हस्तक्षेप की परिकल्पना करता है।
      • समायोजित भविष्य, जहाँ कुछ कदम टिकाऊ कृषि खाद्य प्रणालियों की ओर धीमी, अनिश्चित गति से प्रभावित  होते हैं।
      • रेस टू द बाॅटम, जो विश्व को उसके सबसे खराब और अव्यवस्थित रूप में चित्रित करता है।
      • स्थिरता के लिये ट्रेड ऑफ करना, जहाँ अल्पकालिक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के विकास हेतु कृषि-खाद्य सामाजिक आर्थिक और पर्यावरण प्रणालियों की समग्रता, लचीलापन और स्थिरता के लिये व्यापार किया जाता है।।

सुझाव:

  • निर्णय निर्माताओं को अल्पकालिक ज़रूरतों से परे सोचने की ज़रूरत है। दृष्टि की कमी, टुकड़ों में दृष्टिकोण और त्वरित सुधार हर किसी के लिये उच्च लागत पर आएंगे
  • वर्तमान स्वरुप को बदलने की तत्काल आवश्यकता है ताकि कृषि खाद्य प्रणालियों के लिये एक अधिक टिकाऊ और लचीला भविष्य बनाया जा सके।
  • ‘ट्रिगर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन' पर काम करने की आवश्यकता है:
    • बेहतर शासन।
    • आलोचनात्मक और सूचित उपभोक्ता।
    • बेहतर आय और धन वितरण।
    • अभिनव प्रौद्योगिकियांँ और दृष्टिकोण।
  • हालाँकि एक व्यापक परिवर्तन एक कीमत पर आएगा और इसके लिये विपरीत उद्देश्यों के व्यापार-बंद की आवश्यकता होगी, जिन्हें सरकारों, नीति निर्माताओं और उपभोक्ताओं को प्रतिमान बदलाव के प्रतिरोध से निपटने के दौरान संबोधित और संतुलित करना होगा।

खाद्य और कृषि संगठन:

  • परिचय:
    • खाद्य और कृषि संगठन की स्थापना वर्ष 1945 में संयुक्त राष्ट्र संघ के तहत की गई थी, यह संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है।
    • प्रत्येक वर्ष विश्व में 16 अक्तूबर को विश्व खाद्य दिवस मनाया जाता है। यह दिवस FAO की स्थापना की वर्षगाँठ की याद में मनाया जाता है।
    • यह संयुक्त राष्ट्र के खाद्य सहायता संगठनों में से एक है जो रोम (इटली) में स्थित है। इसके अलावा विश्व खाद्य कार्यक्रम और कृषि विकास के लिये अंतर्राष्ट्रीय कोष (IFAD) भी इसमें शामिल हैं।
  • FAO की पहलें:
  • फ्लैगशिप पब्लिकेशन (Flagship Publications):

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा विगत वर्ष के प्रश्न  

FAO पारम्परिक कृषि प्रणालियों को 'सार्वभौमिक रूप से महपूर्ण कृषि विरासत प्रणाली (Globally Important System 'GIAHS)' की हैसियत प्रदान करता है। इस पहल का संपूर्ण लक्ष्य क्या है?

  • अभिनिर्धारित GIAHS के स्थानीय समुदायों को आधुनिक प्रौद्योगिकी, आधुनिक कृषि प्रणाली का प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता प्रदान करना जिससे उनकी कृषि उत्पादकता अत्यधिक बढ़ जाए।
  • पारितंत्र-अनुकूली परंपरागत कृषि पद्धतियां और उनसे संबंधित परिदृश्य (लैंडस्केप), कृषि जैव विविधता और स्थानीय समुदायों के ज्ञानतंत्र का अभिनिर्धारण एवं संरक्षण करना।
  • इस प्रकार चिह्नित अभिनिर्धारित GIAHS के सभी भिन्न-भिन्न कृषि उत्पादों को भौगोलिक सूचक (जिओग्राफिकल इंडिकेशन) की हैसियत प्रदान करना।

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (b)

 स्रोत: डाउन टू अर्थ