ग्रामीण दैनिक मज़दूरी | 24 Nov 2022

प्रिलिम्स के लिये:

भारतीय रिज़र्व बैंक, ग्रामीण मज़दूरी, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

मेन्स के लिये:

सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भारत में दैनिक वेतन भुगतान पर डेटा जारी किया।

प्रमुख बिंदु

  • कृषि श्रमिक:
    • मध्य प्रदेश (MP) में ग्रामीण क्षेत्रों के पुरुष कृषि श्रमिकों को केवल 217.8 रुपए की दैनिक मज़दूरी प्रदान की गई, जबकि गुजरात में मार्च 2022 को समाप्त वर्ष में यह 220.3 रुपए थी।
      • दोनों राज्यों में दैनिक मज़दूरी राष्ट्रीय औसत 323.2 रुपए से कम है।
    • केरल 726.8 रुपए प्रति श्रमिकं की औसत मज़दूरी के साथ कृषि श्रमिकों को अधिक भुगतान करने वाले राज्यों में सबसे आगे है।
      • केरल में उच्च मज़दूरी के चलते इसने कम भुगतान वाले राज्यों के कृषि श्रमिकों को आकर्षित किया है, इस कारण राज्य में प्रवासी श्रमिकों की संख्या लगभग 25 लाख है
    • कृषि श्रमिकों को जम्मू-कश्मीर में प्रति व्यक्ति औसतन 524.6 रुपए, हिमाचल प्रदेश में 457.6 रुपए और तमिलनाडु में 445.6 रुपए मिलते हैं।
  • गैर-कृषि श्रमिक:
    • पुरुष गैर-कृषि श्रमिकों के मामले में सबसे कम मज़दूरी 230.3 रुपए मध्य प्रदेश में दी जाती है, जबकि गुजरात के श्रमिकों को 252.5 रुपए और त्रिपुरा में 250 रुपए दैनिक मज़दूरी प्राप्त होती है, ये सभी राष्ट्रीय औसत 326.6 रुपए से कम हैं।
    • केरल फिर से गैर-कृषि श्रमिकों के वेतन में 681.8 रुपए प्रति व्यक्ति के साथ सबसे आगे है।
      • मार्च 2022 को समाप्त वर्ष के लिये केरल के बाद जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और हरियाणा का स्थान रहा।
    • निर्माण कार्य में संलग्न ग्रामीण पुरुष श्रमिकों के मामले में भी गुजरात और मध्य प्रदेश में मज़दूरी राष्ट्रीय औसत 373.3 रुपए से कम है।
      • गुजरात में निर्माण कार्य में संलग्न ग्रामीण पुरुष श्रमिकों की औसत मज़दूरी 295.9 रुपए है, जबकि मध्य प्रदेश में यह 266.7 रुपए और त्रिपुरा में 250 रुपए है।
  • निर्माण कार्य में संलग्न श्रमिक:
    • निर्माण कार्य में संलग्न ग्रामीण पुरुष श्रमिकों के लिये दैनिक मजदूरी केरल में 837.7 रुपए, जम्मू-कश्मीर में 519.8 रुपए, तमिलनाडु में 478.6 रुपए और हिमाचल प्रदेश में 462.7 रुपए थी।

Daily-Wages

ग्रामीण मज़दूरी से जुड़े मुद्दे:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार का प्रमुख स्रोत कृषि है और यह रोज़गार मानसून, रबी और खरीफ उत्पादन से प्रभावित होते हैं।
  • कम कृषि मूल्य के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आय भी कम होती है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश नई नौकरियाँ अकुशल श्रमिकों के लिये हैं, इसलिये मज़दूरी और कार्य की प्रकृति अनाकर्षक होती है।
  • लैंगिक असमानता विद्यमान होने के कारण महिला श्रमिक को पुरुष श्रमिक की कमाई का केवल 70% भुगतान किया जाता है।
  • मज़दूरी में वृद्धि किये बिना उत्पादकता में होने वाली वृद्धि से मज़दूरों के कल्याण को सकारात्मक रूप से प्रभावित नहीं किया जा सकता है।

ग्रामीण सशक्तीकरण से संबंधित प्रमुख सरकारी पहलें:

आगे की राह

  • बढ़ती युवा आबादी हेतु अच्छे रोज़गार सृजित करने की चुनौती से निपटने के लिये, मानव पूंजी में निवेश, उत्पादक क्षेत्रों के पुनरुद्धार और लघु उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के कार्यक्रमों सहित कई मोर्चों पर कार्रवाई की आवश्यकता होगी।
  • ग्रामीण खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिये और मूल्य शृंखलाओं को प्रसंस्करण को परिवहन से जोड़ने में कुशल होना चाहिये।
    • इसके अतिरिक्त अनुबंध खेती तथा खेतों और कारखानों के बीच सीधा संबंध ग्रामीण वित्तीय सुरक्षा के लिये काफी संभावनाएँ प्रदान करते हैं।
  • 650,000 गाँवों वाले  ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटलीकरण और स्थानीय ई-गवर्नेंस के माध्यम से 800 मिलियन नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। 
  • सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच सक्रिय सहयोग से एक ग्रामीण ज्ञान मंच बनाया जा सकता है जिससे अत्याधुनिक तकनीक को गाँवों में लागू करने के साथ ही नई नौकरियों को सृजित करने में मदद मिलेगी।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग स्मार्ट और सटीक कृषि सुविधा के लिये किया जा सकता है।

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)  

प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन "महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम" से लाभान्वित होने के पात्र हैं? (2011)

(a) केवल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति परिवारों के वयस्क सदस्य
(b) गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के परिवारों के वयस्क सदस्य
(c) सभी पिछड़े समुदायों के परिवारों के वयस्क सदस्य
(d) किसी भी परिवार के वयस्क सदस्य

उत्तर: (d)

व्याख्या:

  • महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना (मनरेगा) जो विश्व का सबसे बड़ा कार्य की गारंटी कार्यक्रम है, को 25 अगस्त, 2005 को अधिनियमित किया गया था। यह वैधानिक न्यूनतम मज़दूरी पर सार्वजनिक कार्य से संबंधित अकुशल श्रम करने के इच्छुक किसी भी ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों के लिये प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों के रोज़गार के लिये कानूनी गारंटी प्रदान करता है।
  • इसका उद्देश्य 'कार्यों' (परियोजनाओं) के माध्यम से स्थायी गरीबी के कारणों को संबोधित करके सतत् विकास सुनिश्चित करना है। इन कार्यों की योजना बनाने और उन्हें लागू करने में पंचायती राज संस्थाओं (PRI) को महत्त्वपूर्ण भूमिका देकर विकेंद्रीकरण की प्रक्रिया को मज़बूत करने पर भी ज़ोर दिया जा रहा है।

अतः विकल्प D सही उत्तर है।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस