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राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग | 22 Mar 2022 | भारतीय राजनीति

प्रिलिम्स के लिये:

एनसीएसटी, एसटी से संबंधित संवैधानिक प्रावधान।

मेन्स के लिये:

एनसीएसटी और उसके कार्य, अनुसूचित जनजाति।

चर्चा में क्यों? 

एक संसदीय समिति की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (National Commission for Scheduled Tribes-NCST) पिछले चार वर्षों से निष्क्रिय है तथा उसके द्वारा इन चार वर्षों में संसद (Parliament) के समक्ष एक भी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है।

प्रमुख बिंदु: 

NCST के बारे में: 

NCST के कर्तव्य और कार्य:

NCST से संबंधित मुद्दे:

पैनल की सिफारिशें:

भारत में अनुसूचित जनजातियों की स्थिति:

Scheduled-Tribes

अनुच्छेद 244: खंड (1) पाँचवीं अनुसूची के प्रावधान असम, मेघालय, मिज़ोरम और त्रिपुरा राज्यों के अलावा किसी भी राज्य में अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन एवं नियंत्रण पर लागू होंगे, जो इस अनुच्छेद के खंड (2) के तहत छठी अनुसूची के अंतर्गत आते हैं।

334: आरक्षण के लिये 10 वर्ष की अवधि (अवधि बढ़ाने हेतु कई बार संशोधित)।

विगत वर्षों के प्रश्न

भारत के संविधान की पाँचवीं अनुसूची और छठी अनुसूची में किससे संबंधित प्रावधान हैं? (2015)

(a) अनुसूचित जनजातियों के हितों की रक्षा
(b) राज्यों के बीच सीमाओं का निर्धारण
(c) पंचायतों की शक्तियों, अधिकार और ज़िम्मेदारियों का निर्धारण
(d) सभी सीमावर्ती राज्यों के हितों की रक्षा

उत्तर: (a)

स्रोत: द हिंदू