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कैंसर कारक जीन उत्परिवर्तन | 11 Mar 2020 | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

प्रीलिम्स के लिये:

जीन उत्परिवर्तन (Gene Mutation), चालक जीन (Driver Gene)

मेन्स के लिये:

कैंसर और जीन चिकित्सा से संबंधित मुद्दे 

चर्चा में क्यों?

हाल ही में ‘नेचर (Nature)’ नामक विज्ञान पत्रिका में प्रकाशित कुछ शोधपत्रों के अनुसार, वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसे जीन (Gene) की पहचान की है, जिनका उत्परिवर्तन (Mutation) कई प्रकार के कैंसर रोगों का कारण बनता है।

मुख्य बिंदु:

चालक जीन (Driver Gene):

चालक जीन, वे जीन होते हैं जिनमें होने वाले उत्परिवर्तन किसी अंग या जीन के समूह में किसी रोग (इस मामले में कैंसर) के विकास/प्रसार के लिये उत्तरदायी होते हैं।
जीन उत्परिवर्तन (Gene Mutation) क्या है? 

जीन या क्रोमोसोम की संरचना अथवा क्रोमोसोम की संख्या में वंशागत परिवर्तन होना उत्परिवर्तन या म्यूटेशन (Mutation) कहलाता है। म्यूटेशन से कोशिका के आनुवंशिक संदेश में परिवर्तन आ जाता है। म्यूटेशन एक अनियमित प्रक्रिया है जो कम आवृत्ति के साथ अचानक होती है। जीन म्यूटेशन दो प्रकार के होते हैं:

  • जीन की संरचना में परिवर्तन: इस तरह के उत्परिवर्तन को पॉइंट म्यूटेशन (Point Mutation) अथवा जीन म्यूटेशन (Gene Mutation) कहते हैं। 
  • क्रोमोसोम की संरचना अथवा संख्या में परिवर्तन: इस तरह के उत्परिवर्तन को क्रोमोसोम म्यूटेशन (Chromosome mutation) कहते हैं। क्रोमोसोम म्यूटेशन में जीन की या तो हानि होती है अथवा उसके स्थान में परिवर्तन हो जाता है। 

चालक उत्परिवर्तन की पहचान के लाभ:

चुनौतियाँ: 

निष्कर्ष: 

चालक जीन और उनके उत्परिवार्तनों की पहचान से कैंसर के उपचार के साथ ही कैंसर के संदर्भ में व्याप्त अनिश्चितताओं को दूर करने में भी सहायता प्राप्त होगी। हालाँकि कैंसर के बारे में बड़े/बृहत् स्तर पर अध्ययनों की कमी और संसाधनों के अभाव के कारण कैंसर का उपचार आज भी एक बड़ी चुनौती है। अतः चिकित्सा क्षेत्र की महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं वैश्विक संस्थाओं को साथ मिलकर इस क्षेत्र में शोध और क्षमता विकास के लिये सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना चाहिये। 

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स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस