गतिशक्ति संचार पोर्टल | 16 May 2022

प्रिलिम्स के लिये:

गतिशक्ति संचार पोर्टल, गतिशक्ति योजना।

मेन्स के लिये:

सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप, गतिशक्ति संचार पोर्टल का महत्त्व।

चर्चा में क्यों?

हाल ही में संचार मंत्रालय ने केंद्रीकृत मार्ग का अधिकार (RoW) अनुमोदन के लिये "गतिशक्ति संचार" पोर्टल का शुभारंभ किया है।

‘गतिशक्ति संचार’ पोर्टल:

  • परिचय: पोर्टल को राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन की परिकल्पना क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है, जो प्रत्येक नागरिक को मुख्य उपयोगिता के रूप में ब्रॉडबैंड बुनियादी ढाँचा, मांग पर प्रशासन और सेवाएँ तथा विशेष रूप से हमारे देश के नागरिकों को डिजिटल सशक्तीकरण प्रदान करेंगे।
  • उद्देश्य: पोर्टल दूरसंचार बुनियादी ढाँचे के कार्यों के लिये "व्यवसाय करने में सुगमता" के उद्देश्य हेतु एक प्रवर्तक के रूप में कार्य करेगा।

महत्त्व:

  •   5G नेटवर्क की समय पर शुरुआत: विभिन्न सेवा और अवसंरचना प्रदाताओं के आरओडब्ल्यू अनुप्रयोगों का समय पर निपटान, त्वरित बुनियादी ढाँचे के निर्माण को सक्षम करेगा जो 5G नेटवर्क की समय पर शुरुआत के लिये भी एक प्रवर्तक होगा।
    • यह पोर्टल देश भर में केंद्रीकृत मार्ग का अधिकार (RoW) अनुमोदनों की प्रभावी निगरानी के लिये राज्य और ज़िलेवार लंबित स्थिति को दर्शाने वाले एक शक्तिशाली डैशबोर्ड से भी सुसज्जित है।
  •  दूरसंचार सेवाओं की बेहतर गुणवत्ता: इसके परिणामस्वरुप: 
    • अधिक ऑप्टिकल फाइबर केबल को तेज़ी से बिछाने और इस प्रकार फाइबराइज़ेशन में तेज़ी आएगी।
    • टॉवर घनत्व में वृद्धि होगी जो कनेक्टिविटी को बढ़ाएगी और विभिन्न दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करेगी
    • दूरसंचार टावरों के फाइबराइज़ेशन में वृद्धि, इस प्रकार देश भर में बेहतर ब्रॉडबैंड गति सुनिश्चित होगी।
  • देश का सशक्तीकरण: इस पोर्टल से देश के 'आत्मनिर्भर' अभियान को बढ़ावा मिलने की आशा है, जो हमारे देश को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने के लिये सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है।
  • ग्रामीण और शहरी भारत दोनों के लिये महत्त्वपूर्ण: यह निर्बाध डिजिटल पहुँच, सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी और किफायती, परिवर्तनकारी एवं टिकाऊ प्रौद्योगिकी के आधार पर सभी के लिये डिजिटल समावेशन सुनिश्चित करेगा।

PM गतिशक्ति योजना: 

  • परिचय: 
    • वर्ष 2021 में भारत सरकार ने लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने के लिये समन्वित और बुनियादी अवसंरचना परियोजनाओं के निष्पादन हेतु महत्त्वाकांक्षी गति शक्ति योजना या ‘नेशनल मास्टर प्लान फॉर मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी प्लान’ लॉन्च किया।
  • उद्देश्य: 
    • ज़मीनी स्तर पर काम में तेज़ी लाना, लागत में कमी और रोज़गार पैदा करने पर ध्यान देने के साथ-साथ आगामी चार वर्षों में बुनियादी अवसंरचना परियोजनाओं की एकीकृत योजना एवं कार्यान्वयन सुनिश्चित करना
    • गतिशक्ति योजना के तहत वर्ष 2019 में शुरू की गई 110 लाख करोड़ रुपए की राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन को समाहित किया जाएगा।
    • लॉजिस्टिक्स लागत में कटौती के अलावा इस योजना का उद्देश्य कार्गो हैंडलिंग क्षमता को बढ़ाना और व्यापार को बढ़ावा देने हेतु बंदरगाहों पर टर्नअराउंड समय को कम करना है।
    • इसका लक्ष्य 11 औद्योगिक गलियारे और दो नए रक्षा गलियारे (एक तमिलनाडु में तथा दूसरा उत्तर प्रदेश में) बनाना भी है। 
    • इसके तहत सभी गाँवों में 4G कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा। साथ ही गैस पाइपलाइन नेटवर्क में 17,000 किलोमीटर की क्षमता जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।
    • यह वर्ष 2024-25 के लिये सरकार द्वारा निर्धारित महत्त्वाकांक्षी लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की लंबाई को 2 लाख किलोमीटर तक विस्तारित करना, 200 से अधिक नए हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट और वाटर एयरोड्रोम का निर्माण करना शामिल है।

Gati-Shakti-Master-Plan

राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन: 

  • परिचय: इसकी स्थापना वर्ष 2019 में दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा की गई थी। 
  • उद्देश्य: देश भर में विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिये सार्वभौमिक एवं समान पहुँच की सुविधा प्रदान करना।  
    • इस परिकल्पना को पूरा करने के लिये यह ज़रूरी है कि देश भर में डिजिटल संचार अवसंरचना के सुचारू और कुशल परिनियोजन को सुगम बनाकर इसे बुनियादी ढाँचे का आधार बनाया जाए। 
    • "गतिशक्ति संचार" पोर्टल राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति-2 में परिकल्पित "सभी के लिये ब्रॉडबैंड" के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु एक मज़बूत तंत्र प्रदान करेगा।