प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार | 01 Jul 2020

प्रीलिम्स के लिये:

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

मेन्स के लिये:

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

चर्चा में क्यों?

हाल ही में राज्यों द्वारा 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' (Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana- PMGKAY) के विस्तार की मांग को देखते हुए योजना की अवधि को नवंबर, 2020 के अंत तक बढ़ा दिया गया है। 

प्रमुख बिंदु:

  • सरकार द्वारा योजना के विस्तार पर 90,000 करोड़ रुपए से अधिक का व्यय किया जाएगा।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली’ का लाभ देश के सभी नागरिकों की प्राप्त हो सके इसके लिये ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ की व्यवस्था का विस्तार शीघ्र ही पूरे देश में किया जाएगा।
  • 1 जून, 2020 तक ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना को 20 राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों में लागू किया जा चुका है। 31 मार्च, 2021 तक सभी शेष राज्य भी इस योजना से जुड़ जाएंगे।  

प्रधान मंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY): 

  • PMGKAY, COVID-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज’ (Pradhan Mantri Garib Kalyan Package-PMGKP) का एक हिस्सा है।
  • योजना के तहत 80 करोड़ राशन कार्डधारकों को कवर किया गया है। 
  • योजना की घोषणा तीन महीने (अप्रैल, मई और जून) के लिये की गई थी।
  • योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम’ (National Food Security Act- NFSA) के तहत प्रदान किये 5 किलो अनुदानित अनाज (गेहूं या चावल) के अलावा 5 किलोग्राम मुक्त खाद्यान्न प्रदान किया जाएगा।
  • क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार, लाभार्थियों को मुफ्त में 1 किलो दाल भी प्रदान की गई है।

योजना का प्रदर्शन:

  • केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय (Union Ministry of Food and Public Distribution) के अनुसार, योजना के तहत कुल 116.02 लाख मीट्रिक टन (LMT) खाद्यान्न का वितरण किया गया है।

माह 

वितरण लक्ष्य की प्राप्ति (प्रतिशत में)

लाभार्थियों की संख्या 

अप्रैल 

93%

74.05 करोड़ 

मई

91% 

72.99 करोड़

जून 

71%

56.81 करोड़

खाद्य स्टॉक की उपलब्धता:

  • केंद्र सरकार के अनुसार, ‘भारतीय खाद्य निगम’ (Food Corporation of India- FCI) के पास पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न का भंडार है। FCI के पास 266.29 LMT चावल और 550.31 LMT गेहूं का स्टॉक उपलब्ध है (जून 2020)।
  • जबकि प्रत्येक महीने, राशन कार्डधारकों को वितरण के लिये केवल 55 LMT खाद्यान्न की आवश्यकता होती है। 

समस्या के बिंदु:

  • पर्याप्त खाद्यान स्टॉक होने के बावजूद अप्रैल, 2020 में PMGKAY के तहत लगभग 200 मिलियन लाभार्थियों को अतिरिक्त खाद्यान्न और दालों के वितरण का लाभ नहीं मिला।
  • अप्रैल, 2020 में सरकार द्वारा अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र बनाने के लिये अधिशेष चावल को इथेनॉल में बदलने की अनुमति दी गई थी। 
  • मानसून की शुरुआत के साथ, खाद्यान्नों के खराब होने का खतरा है।

आगे की राह:

  • PMGKAY के तहत किये जाने वाले खाद्यान्न वितरण को तब तक जारी रखना चाहिये जब तक कि COVID-19 महामारी का प्रभाव कम न हो जाए।
  •  ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना के संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है ताकि सभी प्रवासित श्रमिक योजना का लाभ उठा सके। 

स्रोत: द हिंदू