टैक्स हेवेन के रूप में साइप्रस | 18 Nov 2023

प्रिलिम्स के लिये:

टैक्स हेवन, दोहरा कराधान बचाव समझौता, साइप्रस के साथ भारत की कर संधि, कर चोरी

मेन्स के लिये:

साइप्रस को टैक्स हेवन के रूप में इस्तेमाल किये जाने को लेकर चिंताएँ और निहितार्थ

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

चर्चा में क्यों?

हाल की साइप्रस गोपनीय जाँच से साइप्रस में अपतटीय संस्थाओं और भारत में धनी व्यक्तियों से उनके संबंध से जुड़ी वित्तीय गतिविधियों का एक जटिल वेब सामने आया है।

  • अंतर्राष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ (International Consortium of Investigative Journalists- ICIJ) के सहयोग से की गई यह वैश्विक अपतटीय जाँच, विश्व भर के अमीर और शक्तिशाली लोगों द्वारा टैक्स हेवेन के रूप में साइप्रस के उपयोग को उजागर करती है।

नोट:

  • टैक्स हेवेन आमतौर पर एक अपतटीय देश होता है जहाँ राजनीतिक और आर्थिक रूप से स्थिर परिस्थिति में विदेशी व्यक्तियों तथा व्यवसायों को बहुत कम या कोई कर देय नहीं होता है।
  • एक अपतटीय कंपनी अपने गृह देश के अलावा किसी अन्य क्षेत्राधिकार में निगमित होती है।
    • एक अपतटीय कंपनी स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य किसी बाहरी देश में अनुकूल कर कानूनों या आर्थिक माहौल का लाभ उठाना है।

टैक्स हेवन के रूप में साइप्रस क्या कर लाभ प्रदान करता है?

  • कॉर्पोरेट कराधान:
    • साइप्रस से प्रबंधित और नियंत्रित अपतटीय कंपनियों और अपतटीय शाखाओं पर 4.25% कर लगता है
    • विदेश से प्रबंधित अपतटीय शाखाएँ और अपतटीय साझेदारियाँ कर से पूर्ण छूट का लाभ लेती हैं।
  • विदहोल्डिंग कर और लाभांश:
    • साइप्रस लाभांश पर कोई विदहोल्डिंग टैक्स नहीं लगाता है।
    • अपतटीय संस्थाओं या शाखाओं के लाभकारी मालिक लाभांश या मुनाफे पर अतिरिक्त कर के लिये उत्तरदायी नहीं हैं।
  • पूंजीगत लाभ और संपदा शुल्क:
    • किसी अपतटीय इकाई में शेयरों की बिक्री या हस्तांतरण पर कोई पूंजीगत लाभ कर देय नहीं है।
    • एक अपतटीय कंपनी में शेयरों की विरासत संपत्ति शुल्क से मुक्त है।
  • आयात शुल्क में छूट:
    • विदेशी कर्मचारियों के लिये कार, कार्यालय या घरेलू उपकरण की खरीद पर कोई आयात शुल्क नहीं।
  • गुमनामी और गोपनीयता:
    • साइप्रस अपतटीय संस्थाओं के लाभकारी मालिकों की गुमनामी सुनिश्चित करता है।
    • गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए साइप्रस में अपतटीय ट्रस्टों को किसी भी सरकार या प्राधिकरण के साथ पंजीकृत होने की आवश्यकता नहीं है।
  • अपतटीय ट्रस्ट:
    • ऑफशोर ट्रस्ट ऐसे ट्रस्ट हैं जिनकी संपत्ति और आय साइप्रस के बाहर है तथा यहाँ तक कि सेटलर एवं लाभार्थी भी साइप्रस के स्थायी निवासी नहीं हैं।
      • यदि ट्रस्टी साइप्रस है तो साइप्रस में अपतटीय ट्रस्टों को संपत्ति शुल्क से छूट दी गई है।
      • अपतटीय ट्रस्टों द्वारा उत्पन्न आय और लाभ पर कोई कर नहीं।
    • ट्रस्ट को किसी भी सरकार या अन्य प्राधिकरण के साथ पंजीकृत होने की आवश्यकता नहीं है और यह गोपनीयता नए कानून में निहित है।

साइप्रस के साथ भारत की कर संधि क्या है?

  • वर्ष 2013 से पहले:
    • पूंजीगत लाभ कर से छूट:
      • भारत और साइप्रस के बीच एक कर संधि थी जो निवेशकों को बाहर निकलने पर पूंजीगत लाभ कर से छूट देती थी।
        • दोनों देशों में पूंजीगत लाभ पर शून्य कराधान ने साइप्रस को भारत में इक्विटी निवेश के लिये एक पसंदीदा स्थान बना दिया है।
      • साइप्रस ने 4.5% के कम विदहोल्डिंग टैक्स की पेशकश की, जिससे व्यक्तियों और व्यवसायों के लिये इसका आकर्षण बढ़ गया।
        • विदहोल्डिंग टैक्स गैर-निवासियों द्वारा कर अनुपालन सुनिश्चित करने के एक साधन के रूप में कार्य करता है, जो अनिवासी व्यक्तियों को किये गए भुगतान पर लागू होता है।
        • आयकर अधिनियम, 1961 या दोहरा कराधान अपवंचन समझौता (Double Taxation Avoidance Agreement- DTAA), जो भी कम हो, द्वारा परिभाषित दरों पर सरकार के पास जमा किये गए कर में कटौती के लिये भुगतानकर्त्ता ज़िम्मेदार थे।

नोट:

  • DTAA दो या दो से अधिक देशों के बीच हस्ताक्षरित एक कर संधि है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि इन देशों में करदाता एक ही आय पर दो बार कर लगाने से बच सकें
    • DTAA उन मामलों में लागू होता है जहाँ करदाता एक देश में रहता है और दूसरे देश में आय अर्जित करता है।
  • DTAA या तो आय के सभी स्रोतों को कवर करने के लिये व्यापक हो सकते हैं या कुछ क्षेत्रों तक सीमित हो सकते हैं जैसे- शिपिंग, हवाई परिवहन, विरासत आदि से आय पर कर लगाना।
  • वर्ष 2013 से:
    • भारत ने आयकर अधिनियम की धारा 94A के तहत 1 नवंबर, 2013 को साइप्रस को अधिसूचित क्षेत्राधिकार (NJA) के रूप में नामित किया।
      • NJA स्थिति के परिणामस्वरूप साइप्रस में संस्थाओं को भुगतान के लिये उच्च विदहोल्डिंग कर दर (30%) जैसे परिणाम देखे गए।
    • NJA में संस्थाओं के साथ लेन-देन भारतीय हस्तांतरण मूल्य निर्धारण नियमों के अधीन हो गया।
      • स्थानांतरण मूल्य निर्धारण एक उद्यम के अंदर नियंत्रित (या संबंधित) कानूनी संस्थाओं (विभिन्न देशों में स्थित हो सकता है) के बीच बेची जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं के लिये मूल्य निर्धारण है।
  • वर्ष 2016 से:
    • वर्ष 2016 में साइप्रस के साथ एक संशोधित DTAA पर हस्ताक्षर किये गए थे, जिसमें वर्ष 2013 से पूर्वव्यापी प्रभाव से NJA स्थिति को रद्द करना स्पष्ट किया गया था।
    • शेयरों के हस्तांतरण से पूंजीगत लाभ के स्रोत-आधारित कराधान के लिये नया DTAA पेश किया गया।
      • अलगाव का तात्पर्य मालिक द्वारा संपत्ति की स्वैच्छिक बिक्री/स्थानांतरण या त्याग से है।
    • 1 अप्रैल, 2017 से पहले किये गए निवेश को ग्रैंडफादरिंग क्लॉज़ द्वारा संरक्षित किया गया है, जिससे करदाता के निवास के देश में पूंजीगत लाभ पर कराधान की अनुमति मिलती है।
  • विश्लेषण और निहितार्थ:
    • चरणबद्ध विकास साइप्रस के साथ भारत की कर व्यवस्था की गतिशील प्रकृति को दर्शाता है।
      • स्रोत-आधारित कराधान की दिशा में कदम कर चोरी को रोकने और उचित राजस्व वितरण सुनिश्चित करने के वैश्विक प्रयासों के अनुरूप है।
      • वैश्विक स्तर पर कर-संबंधित मामलों पर बढ़ती जाँच, जैसा कि विदेशी जाँच से पता चला है, ने कर संधियों के प्रति भारत के दृष्टिकोण को प्रभावित किया है।
      • ग्रैंडफादरिंग क्लॉज़ का उद्देश्य महत्त्वपूर्ण नीतिगत परिवर्तनों से पहले किये गए निवेशों के लिये निरंतरता और स्थिरता प्रदान करना था।
  • साइप्रस में भारतीय कंपनियों की वैधता:
    • साइप्रस में एक अपतटीय कंपनी स्थापित करना अवैध नहीं है।
    • भारत का साइप्रस सहित कई देशों के साथ DTAA है, जो कम कर दरों की पेशकश करते हैं।
      • कंपनियाँ ऐसे देशों में कानूनी रूप से उपलब्ध कर लाभों का आनंद लेने के लिये अपने कर निवास प्रमाणपत्र का उपयोग करती हैं।
      • इन न्यायक्षेत्रों की विशेषता सामान्यतः कमज़ोर नियामक निगरानी और सख्त गोपनीयता कानून हैं।

निवेशक साइप्रस को टैक्स हेवेन के रूप में कैसे उपयोग करते हैं?

  • साइप्रस में शेल कंपनियों के कई नेटवर्कों के माध्यम से धनराशि को प्रसारित करके मनी लॉन्ड्रिंग की सुविधा प्रदान की जाती है।
    • शेल कंपनी एक ऐसी फर्म है जो अर्थव्यवस्था में कोई संचालन नहीं करती है, लेकिन यह अर्थव्यवस्था में औपचारिक रूप से पंजीकृत, निगमित या कानूनी रूप से संगठित होती है।
  • साइप्रस में उच्च स्तर की बैंकिंग गोपनीयता है और यह अन्य देशों के साथ वित्तीय खातों की जानकारी का स्वचालित रूप से आदान-प्रदान नहीं करता है।
    • यह निवेशकों को अधिकारियों और लेनदारों से संपत्ति एवं आय छिपाने में सहायता करता है।
  • इसके अलावा निवेशक रणनीतिक दान और लॉबिंग प्रथाओं के माध्यम से राजनीति तथा नीति-निर्माण को प्रभावित कर सकते हैं।

भारत टैक्स हेवन के रूप में साइप्रस के उपयोग पर कैसे अंकुश लगा सकता है?

  • अनुपालन तंत्र को सशक्त करना: भारत द्वारा प्रवर्तन एवं अनुपालन तंत्र को मज़बूत किया जाना चाहिये तथा यह सुनिश्चित करना चाहिये कि कर अधिकारियों के पास कर चोरी और परिवर्जन के मामलों का पता लगाने, जाँच करने एवं मुकदमा चलाने के लिये पर्याप्त संसाधन एवं शक्तियाँ मौजूद हैं। इस माध्यम से साइप्रस को टैक्स हेवन के रूप में उपयोग करने की स्थिति का मुकाबला किया जा सकता है।
  • उत्तरदायित्व के उपाय: भारत को अपतटीय संस्थाओं की पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ानी चाहिये जिससे उनके हिताधिकारी स्वामियों, निदेशकों एवं वित्तीय गतिविधियों का खुलासा हो सके।
    • भारत साइप्रस संस्थाओं अथवा व्यक्तियों को किये गए भुगतान पर विदहोल्डिंग टैक्स एवं परिवर्जन-विरोधी उपाय का इस्तेमाल भी कर सकता है।
  • सशक्त विधान: भारत मज़बूत कानून बनाकर तथा लागू करके कर संधियों के दुरुपयोग का समाधान कर सकता है। इसमें इन कानूनों के दायरे तथा कवरेज का विस्तार करना एवं उनके प्रभावी कार्यान्वयन व निगरानी को सुनिश्चित करना शामिल है।
  • नैतिक व्यवहार को बढ़ावा देना: करदाताओं के नैतिक तथा ज़िम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देना तथा प्रोत्साहन देना चाहिये तथा उन्हें करों का उचित हिस्सा चुकाने एवं राष्ट्रीय विकास में योगदान देने के लिये प्रोत्साहित करना चाहिये।

साइप्रस से संबंधित मुख्य तथ्य:

  • साइप्रस पूर्वी भूमध्य सागर में स्थित एक द्वीपीय देश है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 9,251 वर्ग किलोमीटर है।
  • लगभग 1.2 मिलियन लोगों की आबादी के साथ यह भूमध्य सागर में तीसरा सबसे बड़ा एवं तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला द्वीप है।
  • राजधानी: इसकी राजधानी निकोसिया है।
  • साइप्रस 2004 से यूरोपीय संघ का सदस्य रहा है।
  • साइप्रस में अनुकूल भूमध्यसागरीय जलवायु है, जिसमें ऊष्म ग्रीष्मकाल एवं हल्की सर्दियाँ होती हैं।
  • साइप्रस भौतिक रूप से विभाजित है, इसका दक्षिणी भाग अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार द्वारा शासित है और उत्तरी भाग तुर्की द्वारा नियंत्रित है।