NATGRID–NPR एकीकरण
चर्चा में क्यों?
नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (NATGRID) को राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) से जोड़ा गया है, जिससे लगभग 119 करोड़ निवासियों के परिवार-स्तर के जनसांख्यिकीय आँकड़ों तक अधिकृत एजेंसियों को वास्तविक समय में पहुँच मिलेगी। इससे भारत की खुफिया और जाँच संरचना का उल्लेखनीय रूप से विस्तार हुआ है।
नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (NATGRID) के बारे में प्रमुख तथ्य क्या हैं?
- NATGRID: यह एक सुरक्षित और एकीकृत खुफिया-साझाकरण मंच है, जिसे आतंकवाद-रोधी और आपराधिक जाँच के लिये कानून प्रवर्तन एवं सुरक्षा एजेंसियों को वास्तविक समय में अनेक डेटाबेसों तक पहुँच उपलब्ध कराने हेतु डिज़ाइन किया गया है।
- NATGRID की परिकल्पना वर्ष 2009 में 26/11 मुंबई आतंकी हमलों (2008) के बाद की गई थी, ताकि सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचना साइलो को दूर किया जा सके और तीव्र, खुफिया-आधारित प्रतिक्रियाएँ संभव हो सकें।
- यह वर्ष 2023 में परिचालन में आया और वर्तमान में अधिकृत एजेंसियों से प्रतिमाह लगभग 45,000 डेटा एक्सेस अनुरोधों को संसाधित करता है।
- प्रारंभ में केवल 10 केंद्रीय एजेंसियों (IB, RAW, NIA, ED, FIU, NCB, DRI, आदि) की पहुँच थी। अब इसे राज्य पुलिस के SP-रैंक के अधिकारियों तक विस्तारित कर दिया गया है, जिससे केंद्र-राज्य समन्वय सशक्त हुआ है।
- NATGRID की परिकल्पना वर्ष 2009 में 26/11 मुंबई आतंकी हमलों (2008) के बाद की गई थी, ताकि सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचना साइलो को दूर किया जा सके और तीव्र, खुफिया-आधारित प्रतिक्रियाएँ संभव हो सकें।
- प्रमुख उपकरण: गांडीव जैसे उन्नत विश्लेषणात्मक उपकरण चेहरे की पहचान, इकाई समाधान तथा बहु-स्रोत डेटा विश्लेषण को समर्थ बनाते हैं, जिससे अन्वेषक चित्रों और परिवार से जुड़े NPR डेटा के माध्यम से संदिग्धों की पहचान कर सकते हैं।
- NATGRID पर एक संगठित अपराध नेटवर्क डेटाबेस विकसित किया जा रहा है, ताकि NIA और राज्य आतंकवाद-रोधी दस्तों के बीच सुरक्षित डेटा-साझाकरण संभव हो सके।
- डेटा अभिगम की प्रकृति: NATGRID आधार, बैंकिंग, कर, फास्टैग, पासपोर्ट, यात्रा, वित्तीय खुफिया इकाई तथा सोशल मीडिया से संबंधित डेटा तक अभिगम की अनुमति देता है। इस जानकारी को असंवेदनशील, संवेदनशील तथा अत्यधिक संवेदनशील श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें बैंक विवरण, वित्तीय और कर संबंधी डेटा तथा निर्यात-आयात विवरण शामिल हैं।
- निजता और सुरक्षा उपाय: प्रत्येक क्वेरी का लॉग रखा जाता है, वह उद्देश्य-आधारित होती है तथा वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी के अधीन रहती है, किंतु प्रथम सूचना रिपोर्ट के बिना डेटा अभिगम निजता, अनुपातिकता तथा विधि प्रक्रिया को लेकर चिंताएँ उत्पन्न करता है।
- संघीय आयाम: राज्यों को NATGRID का सक्रिय उपयोग करने के लिये प्रोत्साहित किया गया है, जिससे केंद्र और राज्यों के बीच खुफिया समन्वय सुदृढ़ होता है।
- NATGRID की संरचना को देश भर के लगभग 14,000 पुलिस थानों से जुड़े डेटाबेस को एकीकृत करने के लिये डिज़ाइन किया गया है।
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR)
- NPR भारत में निवास करने वाले व्यक्तियों का एक राष्ट्रव्यापी डेटाबेस है, जिसमें नाम, आयु, लिंग, पता तथा पारिवारिक संबंधों सहित जनसांख्यिकीय और परिवार-आधारित विवरण शामिल हैं।
- NPR, देशव्यापी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के निर्माण की दिशा में पहला चरण है।
- NPR का निर्माण नागरिकता अधिनियम, 1955 तथा नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करने) नियम, 2003 के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाता है। भारत के प्रत्येक ‘सामान्य निवासी’ के लिये NPR में पंजीकरण अनिवार्य है।
- एक सामान्य निवासी वह व्यक्ति होता है जो किसी स्थानीय क्षेत्र में छह महीने या उससे अधिक समय से रह रहा हो या अगले छह महीने या उससे अधिक समय तक वहाँ रहने का इरादा रखता हो।
- NPR का डेटा वर्ष 2010–11 की जनगणना के दौरान संकलित किया गया था और इसका अंतिम अद्यतन वर्ष 2015 में हुआ था। आगामी वर्ष 2027 की जनगणना के साथ इसे अद्यतन करने को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. NATGRID क्या है और इसे क्यों बनाया गया?
NATGRID एक सुरक्षित खुफिया जानकारी साझा करने वाला मंच है, जिसे 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के बाद सूचना के अलगाव को तोड़ने और आतंकवाद विरोधी और आपराधिक जाँच के लिये वास्तविक समय में डेटा तक पहुँच को सक्षम करने के लिये तैयार किया गया था।
2. NATGRID को NPR से जोड़ने से कौन-सी नई क्षमता मिलती है?
यह अधिकृत एजेंसियों को निवासियों के पारिवारिक स्तर के जनसांख्यिकीय डेटा तक वास्तविक समय में पहुँच प्रदान करता है, जिससे संदिग्धों की पहचान और नेटवर्क विश्लेषण में सुधार होता है।
3. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर किस कानून के अंतर्गत आता है?
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) नागरिकता अधिनियम, 1955 और नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना) नियम, 2003 के तहत तैयार किया जाता है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न
प्रश्न. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2009)
- 1951 की जनगणना और 2001 की जनगणना के बीच भारत के जनसंख्या घनत्व में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।
- 1951 की जनगणना और 2001 की जनगणना के बीच भारत की जनसंख्या की वार्षिक वृद्धि दर (घातीय) तीन गुना हो गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: (d)
चतुर्भुज सुरक्षा संवाद
चतुर्भुज सुरक्षा संवाद (QUAD) देशों अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के राजदूतों ने बीजिंग में एक दुर्लभ सार्वजनिक बैठक की, जिसमें उन्होंने अपने संबंधों को ‘स्थिर और मज़बूत’ बताया।
- परिचय: क्वाड की शुरुआत वर्ष 2004 की हिंद महासागर सुनामी के बाद एक मानवीय समन्वय तंत्र के रूप में हुई थी।
- वर्ष 2007 में जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे द्वारा मूल रूप से प्रस्तावित यह ढाँचा, वर्ष 2008 में ऑस्ट्रेलिया के पीछे हटने के बाद निष्क्रिय हो गया था, लेकिन वर्ष 2017 में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामक सक्रियता की पृष्ठभूमि में इसे पुनर्जीवित किया गया।
- यह क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा, अवसंरचना और आपूर्ति शृंखला की सुदृढ़ता पर केंद्रित है, हालाँकि यह कोई औपचारिक सैन्य गठबंधन नहीं है।
- क्वाड का विज़न: वर्ष 2021 के क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन में ‘क्वाड की भावना (Spirit of the Quad)’ को अपनाया गया, जिसमें लोकतांत्रिक मूल्यों, विधि के शासन और दबाव/ज़बरदस्ती से मुक्ति पर आधारित एक स्वतंत्र, खुला तथा समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की गई।
- क्वाड की प्रमुख पहलें:
- क्वाड एट सी शिप ऑब्ज़र्वर मिशन: क्वाड की विलमिंगटन घोषणा (2024) के तहत शुरू की गई यह पहल हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पारस्परिक संचालन क्षमता, समुद्री क्षेत्र जागरूकता और परिचालन समन्वय को बढ़ाने के उद्देश्य से है।
- मालाबार सैन्य अभ्यास: यह क्वाड देशों की भागीदारी वाला एक प्रमुख वार्षिक बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है, जिसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत में समुद्री समन्वय, पारस्परिक संचालन क्षमता और तैयारियों को सुदृढ़ करना है।
- विस्तार की संभावना: ‘क्वाड प्लस’ सहभागिताओं में दक्षिण कोरिया, न्यूज़ीलैंड और वियतनाम जैसे देश शामिल रहे हैं, जो भविष्य में इस समूह के विस्तार की संभावनाओं को दर्शाता है।
- चीन का विरोध: चीन ने बार-बार क्वाड का विरोध किया है और इसे ‘नाटो जैसी गुटबंदी की राजनीति’ बताया है। साथ ही उसने तीसरे देशों को लक्षित करने वाले सहयोग के विरुद्ध चेतावनी दी है, जो हिंद-प्रशांत गठबंधनों के प्रति चीन की असहजता को रेखांकित करता है।
- चीन के इन दावों के बावजूद, क्वाड के पास कोई पारस्परिक रक्षा संधि नहीं है। यह सामूहिक सैन्य रक्षा के बजाय रणनीतिक समन्वय, समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और नियम-आधारित व्यवस्था पर केंद्रित है।
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मन्नथु पद्मनाभन की जयंती
प्रधानमंत्री ने मन्नथु पद्मनाभन (2 जनवरी, 1878 - 25 फरवरी, 1970) की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज सेवा के लिये समर्पित था। जिन्होंने अपना जीवन गरिमा, समानता और राष्ट्र निर्माण के लिये समर्पित कर दिया था।
- परिचय: मन्नथु पद्मनाभन केरल के एक प्रमुख समाज सुधारक थे, जो जातिगत भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार को चुनौती देने के लिये जाने जाते थे।
- उन्होंने 1914 में नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) की स्थापना की और सामाजिक सुधार, शिक्षा और सामुदायिक उत्थान को संस्थागत रूप दिया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि उनके आदर्श उनके जीवनकाल के बाद भी कायम रहें।
- गांधीवादी विचारों का प्रभाव: महात्मा गांधी से प्रेरित होकर उन्होंने सामाजिक न्याय के लिये सत्याग्रह को एक नैतिक और राजनीतिक साधन के रूप में अपनाया।
- अस्पृश्यता-विरोधी आंदोलनों के अग्रदूत: उन्होंने सवर्णजाथा सत्याग्रह का नेतृत्व किया और उत्पीड़ित समुदायों के लिये मंदिर प्रवेश का समर्थन किया, जिससे ऐतिहासिक मंदिर प्रवेश उद्घोषणा का मार्ग प्रशस्त हुआ।
- वैकोम (1924) और गुरुवायूर (1931) सत्याग्रहों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें जातिगत भेदभाव के विरुद्ध भारत के संघर्ष की अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया।
- उन्होंने निरंतर शांति, एकता और अंतर-समुदाय सौहार्द को बढ़ावा दिया, जिससे केरल की बहुलतावादी परंपरा सुदृढ़ हुई।
- पुरस्कार और सम्मान: सामाजिक सुधार में उनके योगदान के लिये उन्हें वर्ष 1966 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया तथा भारत के राष्ट्रपति द्वारा ‘भारत केसरी’ की उपाधि प्रदान की गई।
- स्वतंत्रता सेनानी: वे भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में, विशेषकर त्रावणकोर क्षेत्र में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। इस दौरान उन्हें कारावास का सामना भी करना पड़ा, जो राजनीतिक स्वतंत्रता और सामाजिक सुधार दोनों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- परिवर्तनकारी विरासत: उन्होंने कर्म, एकता और आत्म-परिवर्तन के दर्शन का प्रसार कर पूरे समुदाय को नवजीवन दिया। उनका प्रभाव पीढ़ी-दर-पीढ़ी बना हुआ है और केरल के सामाजिक, राजनीतिक तथा सांस्कृतिक इतिहास में गहराई से रचा-बसा है।
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गैलेक्सी फ्रॉग्स
एक अध्ययन के अनुसार सात दुर्लभ गैलेक्सी फ्रॉग्स लुप्त हो गए हैं और उन्हें मृत माना जा रहा है। पश्चिमी घाट में अनैतिक वन्यजीव फोटोग्राफी और बढ़ता फोटो पर्यटन इसके प्रमुख कारण बताए गए हैं।
- परिचय: गैलेक्सी फ्रॉग (Melanobatrachus indicus) एक दुर्लभ, स्थानिक (एंडेमिक) उभयचर प्रजाति है, जो केवल केरल के पश्चिमी घाट में पाई जाती है।
- इसके चमकीले काले रंग की त्वचा पर नीले धब्बे और नारंगी निशान होते हैं, जो तारों से भरी आकाशगंगा (गैलेक्सी) जैसे प्रतीत होते हैं।
- आवास और वितरण: यह प्रजाति केवल ठंडे और आर्द्र वन क्षेत्रों में सड़ी-गली लकड़ियों के नीचे पाई जाती है। यह केरल और तमिलनाडु के दक्षिणी पश्चिमी घाट के आर्द्र सदाबहार वनों की स्थानिक (एंडेमिक) प्रजाति है।
- गैलेक्सी फ्रॉग्स को केरल के इडुक्की ज़िले स्थित मथिकेतन शोला राष्ट्रीय उद्यान की फ्लैगशिप प्रजाति घोषित किया गया है।
- शारीरिक और व्यावहारिक विशेषताएँ: मात्र 2-3.5 सेमी लंबी यह प्रजाति अवाचक (non-vocal) तथा शीत-रक्तीय होती है और यह श्वसन के लिये आंशिक रूप से नम त्वचा पर निर्भर करती है। इसी कारण यह गर्मी, शुष्कता और मानवीय हस्तक्षेप के प्रति अत्यंत संवेदनशील है।
- संरक्षण स्थिति: इसे अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा सुभेद्य (Vulnerable) श्रेणी में रखा गया है। कम जनसंख्या घनत्व और सीमित आवास इसके विलुप्त होने के जोखिम को बढ़ाते हैं।
वयस्क कौशल आकलन सर्वेक्षण, 2026
भारत वर्ष 2026 में वयस्क कौशल दक्षताओं का अपना पहला राष्ट्रव्यापी आकलन करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य कार्यबल से जुड़ी चुनौतियों से निपटने तथा जनसांख्यिकीय लाभांश का प्रभावी उपयोग करने के लिये महत्त्वपूर्ण डेटा उपलब्ध कराना है।
वयस्क कौशल आकलन सर्वेक्षण
- सर्वेक्षण का संचालन निकाय: कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के अनुरोध पर सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) व्यापक मॉड्यूलर सर्वेक्षण (CMS) ढाँचे के अंतर्गत इस सर्वेक्षण का संचालन करेगा।
- CMS, मंत्रालयों और विभागों की तात्कालिक नीतिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये विशिष्ट विषयों पर लक्षित, अल्पावधि घरेलू सर्वेक्षणों के संचालन को सक्षम बनाता है, जिनका दायरा अपेक्षाकृत संकीर्ण तथा अवधि कम होती है।
- दायरा और उद्देश्य: यह सर्वेक्षण 18 वर्ष और उससे अधिक आयु की जनसंख्या को कवर करेगा और तीन माह की अवधि में उनकी क्षमताओं को मूल, मध्यवर्ती तथा उन्नत कौशल स्तरों में वर्गीकृत करेगा।
- सर्वेक्षण की आवश्यकता: इसकी आवश्यकता इसलिये अत्यंत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि भारत की कार्यशील आयु जनसंख्या (15–59 वर्ष) वर्ष 2030 तक 68.9% तक पहुँचने का अनुमान है। वर्तमान में भारत में समग्र कौशल स्तरों पर कोई समर्पित डेटा उपलब्ध नहीं है।
- मौजूदा सर्वेक्षणों में डेटा अंतराल: आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) केवल यह दर्ज करता है कि किसी व्यक्ति ने व्यावसायिक या तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया है या नहीं, न कि अर्जित कौशल की गुणवत्ता या स्तर को। इससे कार्यबल की तत्परता का सटीक आकलन सीमित हो जाता है।
- कौशल-रोज़गार योग्यता असंतुलन: नियोजित जनसंख्या के लगभग तीन-चौथाई हिस्से के पास केवल बुनियादी शिक्षा है। स्नातकों में रोज़गार योग्यता मात्र 54.8% है, जो शिक्षा परिणामों और श्रम बाज़ार की आवश्यकताओं के बीच गंभीर असंगति को दर्शाता है।
- व्यावसायिक प्रशिक्षण के रुझान: 15-59 आयु वर्ग में व्यावसायिक/तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों का अनुपात वर्ष 2023–24 में बढ़कर 34.7% हो गया, जो वर्ष 2022–23 में 27.4% था।
- हालाँकि, प्रशिक्षण में बढ़ी हुई भागीदारी के अनुरूप रोज़गार योग्यता में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो पाई है, जिससे कौशल की गुणवत्ता के प्रभावी मूल्यांकन की आवश्यकता और भी स्पष्ट हो जाती है।
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