प्रिलिम्स फैक्ट्स (02 Jul, 2020)



प्रीलिम्स फैक्ट्स: 02 जुलाई, 2020

कोआला

Koala

ऑस्ट्रेलिया में एक वर्ष तक चली एक संसदीय जाँच प्रक्रिया में यह बताया गया कि यदि ऑस्ट्रेलियाई सरकार कोआला के निवास स्थान की रक्षा करने के लिये तुरंत हस्तक्षेप नहीं करती है तो यहाँ के न्यू साउथ वेल्स (New South Wales- NSW) राज्य से वर्ष 2050 तक कोआला (Koala) की प्रजाति विलुप्त हो सकती है।Koala

प्रमुख बिंदु:

  • पिछले कई दशकों में ऑस्ट्रेलिया के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य न्यू साउथ वेल्स में कृषि, शहरी विकास, खनन एवं वानिकी के लिये भूमि समाशोधन वन्यजीवों के लिये निवास स्थान के विखंडन एवं नुकसान का सबसे बड़ा कारक बन कर उभरा है।
  • वर्ष 2020 की शुरूआत में लंबे समय तक सूखा, बाढ़ भी वन्यजीवों के लिये विनाशकारी साबित हुआ है जो न्यू साउथ वेल्स में उनके आवास के एक चौथाई हिस्से को नष्ट कर चुका है।

कोआला (Koala): 

  • कोआला एक प्रतिष्ठित ऑस्ट्रेलियाई जीव है। आमतौर पर कोआला को ‘भालू’ कहा जाता है।
  • यह पूर्वी ऑस्ट्रेलिया के तटीय क्षेत्रों में वृक्षों पर निवास करने वाला मार्सूपियल (Marsupial) है।
  • इसका वैज्ञानिक नाम ‘फास्कोलार्क्टोस सिनेरेउस’ (Phascolarctos Cinereus) है।
  • यह शाकाहारी (Herbivore) होता है।  
  • यह प्रतिरक्षा प्रणाली के बिना ही गर्भावस्था के 34-36 दिनों के बाद जन्म लेता है और इसके बाद लगभग 6 माह तक पेट के पाउच/थैले में इसका विकास होता है। 
  • इसे IUCN की रेड डेटा बुक के अंतर्गत सुभेद्य (Vulnerable) प्रजाति  के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
  • निवास स्थान की क्षति और आहार की कमी  के कारण इनकी जनसंख्या में तेज़ी से कमी आई है।
  • इनका मुख्य आहार यूकेलिप्टस की पत्तियाँ हैं। उल्लेखनीय है कि वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ने से यूकेलिप्टस के पत्तों की पौष्टिक गुणवत्ता कम हो रही है और ये यूकेलिप्टस के पत्ते लंबे समय तक सूखे के कारण जंगल में आग लगने का कारण भी बनते हैं। 

‘स्ट्राइप्ड हेयरस्ट्रेक’ और ‘इलूसिव प्रिंस’

‘Striped Hairstreak’ and ‘Elusive Prince’

हाल ही में भारत की तितलियों की सूची में दो अन्य प्रजातियों [स्ट्राइप्ड हेयरस्ट्रेक (Striped Hairstreak) और इलूसिव प्रिंस (Elusive Prince)] को जोड़ा गया।

Striped-Hairstreak-and-Elusive-Prince

प्रमुख बिंदु:

  • लेपिडॉप्टेरिस्टों (Lepidopterists) ने भारत में ‘स्ट्राइप्ड हेयरस्ट्रेक’ को भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित विजयनगर से जबकि ‘इलूसिव प्रिंस’ को नामदफा नेशनल पार्क (Namdapha National Park) की परिधि में मियाओ (Miao) में खोजा था।
    • लेपिडॉप्टेरिस्ट एक कीटविज्ञानी होता है जो तितलियों एवं पतंगों का संग्रह व अध्ययन करता है।
  • जबकि ‘स्ट्राइप्ड हेयरस्ट्रेक’ (Striped Hairstreak) को सबसे पहले चीन के हैनान प्रांत में जापानी कीटवैज्ञानिकों द्वारा रिकॉर्ड किया गया था।
  • वहीँ ‘इलूसिव प्रिंस’ मूल रूप से पूर्वी एशियाई देश ‘वियतनाम’ से संबंधित है और यह पूर्वी हिमालय में पाई जाने वाली तितली की एक प्रजाति ‘ब्लैक प्रिंस’ के समान है। 
    • भारत में तितली की दो प्रजातियाँ ‘ब्लैक प्रिंस’ एवं ‘ब्राउन प्रिंस’ रोहाना जीनस (Rohana Genus) से संबंधित हैं।
    • ‘इलूसिव प्रिंस’ (Elusive Prince) का वैज्ञानिक नाम ‘रोहाना टोनकिनिआना’ (Rohana Tonkiniana) है जिसका नाम उत्तरी वियतनाम में ‘टोनकिन’ के नाम पर रखा गया था जहाँ इसे पहली बार खोजा गया था।
      • माना जाता है कि भूटान में ‘इलूसिव प्रिंस’ का अस्तित्व था किंतु वहाँ मौजूद इनके नमूनों के अध्ययन निर्णायक नहीं थे।
  • भारत की तितलियों की सूची में जोड़ी गई दो तितली प्रजातियों से संबंधित विवरण को ‘बायनोट्स जर्नल’ (Bionotes Journal) के अप्रैल-जून संस्करण में प्रकाशित किया गया है।
  • भारत में अब तितली की 1327 प्रजातियाँ हैं जो वर्ष 2015 में 1318 थीं।

उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल

Udyam Registration Portal

1 जुलाई, 2020 को भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (Union Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises) ने ‘उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल’ (Udyam Registration Portal) का शुभारंभ और संचालन किया। 

  • उल्लेखनीय है कि नई पंजीकरण प्रक्रिया से ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को बढ़ावा देने तथा समय एवं लागत के कम होने के उम्मीद जताई गई है।          

Udyam-Ragistration

प्रमुख बिंदु:

  • MSME उद्यमों के वर्गीकरण एवं पंजीकरण की एक नई प्रक्रिया 1 जुलाई, 2020 को 'उद्यम रजिस्ट्रेशन' के नाम से शुरू की गई। 
  • नई MSME पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन, पेपरलेस एवं स्व-घोषणा पर आधारित है। MSME का पंजीकरण कराने के लिये पोर्टल पर कोई दस्तावेज़ अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है।
  • MSME मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ‘आधार’ के अतिरिक्त अन्य किसी प्रमाण पत्र के बिना स्व-घोषणा के आधार पर ‘उद्यम पंजीकरण’ ऑनलाइन दायर किया जा सकता है।
  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने कहा यह पोर्टल उद्यमियों का कदम-कदम पर मार्गदर्शन करता है कि उन्हें क्या जानना चाहिये और क्या करना चाहिये।
  • पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उद्यमी को एक ‘उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र’ जारी किया जाएगा।
    • ‘उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र’ में एक क्यूआर कोड होगा जिससे पोर्टल के वेब पेज पर उद्यम से संबंधित विवरण को प्राप्त किया जा सकता है। इससे पंजीकरण के पुनर्नवीनीकरण की कोई आवश्यकता नहीं होगी।
  • उद्यमों के निवेश एवं टर्नओवर से संबंधित पैन (PAN) एवं जीएसटी (GST) आधारित विवरण सरकारी डेटाबेस से स्वचालित रूप से प्राप्त किया जाएगा। 
  • MSME मंत्रालय की ऑनलाइन प्रणाली पूरी तरह से आयकर एवं GSTIN प्रणालियों के साथ एकीकृत होगी।

MSME का नया वर्गीकरण:

  • सूक्ष्म उद्यम (Micro Enterprise): इसके उद्यम में संयंत्र एवं मशीनरी या उपकरण में निवेश एक करोड़ रुपए से अधिक नहीं होता है और कारोबार पाँच करोड़ रुपए से अधिक नहीं होता है।
  • छोटा उद्यम (Small Enterprise): इसके उद्यम में संयंत्र एवं मशीनरी या उपकरण में निवेश 10 करोड़ रुपए से अधिक नहीं होता है और कारोबार 50 करोड़ रुपए से अधिक नहीं होता है।
  • मध्यम उद्यम (Medium Enterprise): इस उद्यम में संयंत्र एवं मशीनरी या उपकरण में निवेश पचास करोड़ रुपए से अधिक नहीं होता है और कारोबार 250 करोड़ रुपए से अधिक नहीं होता है। 

ज़ीलैंडिया

Zealandia

हाल ही में भू-वैज्ञानिकों ने ज़ीलैंडिया (Zealandia) महाद्वीप का नया मानचित्र जारी किया।

zealandia

प्रमुख बिंदु:

  • ज़ीलैंडिया (इसे माओरी भाषा में इसे ‘ते रिउ-ए-मौई’ (Te Riu-a-Māui) कहा जाता है) ऑस्ट्रेलिया के पूर्व में 2 मिलियन वर्ग मील (5 मिलियन वर्ग किलोमीटर) का एक महाद्वीप है जो आधुनिक न्यूज़ीलैंड के नीचे है। 
  • वैज्ञानिकों ने 1990 के दशक में विशाल जल निकाय के नीचे ठोस स्थल की खोज की थी जिसे वर्ष 2017 में औपचारिक रूप से ‘महाद्वीप’ का दर्जा दिया गया।
  • यह पृथ्वी के क्रस्ट के डूबे हुए टुकड़ों का एक समूह है जो लगभग 85 मिलियन वर्ष पहले प्राचीन ‘गोंडवाना लैंड’ से अलग हो गया था।
    • गोंडवाना का निर्माण तब हुआ था जब प्राचीन महाद्वीपीय भाग ‘पैंजिया दो टुकड़ों में विभाजित हुआ था।
    • गोंडवाना के निर्माण के बाद भी विखंडित भाग की सतह लगातार पुनर्व्यवस्थित होती रही। ज़ीलैंडिया ऐसी ही एक पुनर्व्यवस्थित संरचना है।
  • नए मानचित्र में ज़ीलैंडिया की बेथीमेट्री (Bathymetry) (समुद्र तल का आकार) के साथ-साथ इसके विवर्तनिक इतिहास को भी दिखाया गया है जिसमें दिखाया गया है कि कैसे ज्वालामुखी एवं विवर्तनिक गति ने लाखों वर्षों में इस महाद्वीप को आकार दिया है।  

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 तक ज़ीलैंडिया को ‘सूक्ष्म महाद्वीप’ (मेडागास्कर द्वीप की तरह) के रूप में वर्गीकृत किया गया था किंतु इसकी सीमाओं के परिभाषित होने तथा एक मिलियन वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में अवस्थित होने एवं समुद्री क्रस्ट के ऊपर निर्मित होने के कारण वर्ष 2017 में इसे महाद्वीप की संज्ञा दी गई।