टू द पॉइंट

ई गवर्नेंस | 12 Nov 2019 | शासन व्यवस्था

ई-गवर्नेंस का अर्थ है, किसी देश के नागरिकों को सरकारी सूचना एवं सेवाएँ प्रदान करने के लिये संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी का समन्वित प्रयोग करना।

यूरोपीय परिषद ने ई-शासन को निम्न प्रकार से परिभाषित किया है :

सार्वजनिक कार्रवाई के तीन क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग।

ई-गवर्नेंस के उदय के कारण:

ई-गवर्नेंस की विभिन्न धारणाएँ:

प्रशासन:

राज्य को आधुनिक बनाने के लिये आईसीटी का उपयोग; प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) के लिये डेटा रिपॉज़िटरी का निर्माण और रिकॉर्ड्स (भूमि, स्वास्थ्य आदि) का कंप्यूटरीकरण।

ई-सेवाएँ: इसका उद्देश्य राज्य और नागरिकों के मध्य संबंध को मज़बूत करना है।

उदाहरण के लिये:

ई-गवर्नेंस: समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये सरकार की क्षमता में सुधार हेतु सूचना एवं प्रौद्योगिकी का उपयोग करना।

ई-लोकतंत्र: राज्य के शासन में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु आईटी का उपयोग।

उत्पत्ति:

प्रारंभिक कदम

उद्देश्य

ई-गवर्नेंस के स्तंभ

ई-गवर्नेंस में सहभागिता के प्रकार

G2G

क्र. कार्यक्रम विवरण
1. भूमि प्रोजेक्ट (कर्नाटक): भूमि अभिलेखों की ऑनलाइन डिलीवरी भूमि प्रोजेक्ट कर्नाटक के 6.7 मिलियन किसानों हेतु 20 मिलियन ग्रामीण भूमि के रिकॉर्ड के, कंप्यूटरीकृत वितरण के लिये एक स्व-स्थायी ई-गवर्नेंस परियोजना है।
2. खजाने (कर्नाटक): सरकारी ट्रेजरी सिस्टम का एंड-टू-एंड ऑटोमेशन

कर्नाटक राज्य की सरकार-से-सरकार (G2G) ई-शासन पहल।

यह कार्यक्रम मुख्य रूप से मैनुअल ट्रेजरी सिस्टम में प्रणालीगत कमियों को खत्म करने और राज्य वित्त के कुशल प्रबंधन के लिये लागू किया गया है।

3. ई-सेवा (आंध्रप्रदेश)

इसे सरकार से नागरिक और ई-बिजनेस से नागरिक’ सेवाएँ प्रदान करने के लिये बनाया गया है।

सभी सेवाओं को उपभोक्ताओं / नागरिकों से संबंधित सरकारी विभागों से जोड़कर, सेवा वितरण के बिंदु पर ऑनलाइन जानकारी प्रदान की जाती है तथा फिर इन सेवाओं को ऑनलाइन वितरित किया जाता है।

यह परियोजना नागरिकों के बीच विशेष रूप से उपयोगिता बिलों के भुगतान के लिये बहुत लोकप्रिय हो गई है।

4. ई-कोर्ट

इस परियोजना को न्याय विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया है।

इस मिशन मोड प्रोजेक्ट (MMP) का उद्देश्य नागरिकों को प्रौद्योगिकी के उपयोग द्वारा बेहतर न्यायिक सेवाएँ प्रदान करना है।

5. ई-ज़िला

इसे सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा शुरू किया गया।

MMP का उद्देश्य ज़िला स्तर पर नागरिक-केंद्रित सेवाएँ जैसे-जन्म / मृत्यु प्रमाण पत्र, आय और जाति प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था और विधवा पेंशन, आदि प्रदान करना है।

6. MCA21

इसे कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया।

इस परियोजना का उद्देश्य कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत कंपनियों को इलेक्ट्रॉनिक सेवाएँ प्रदान करना है।

इसके अंतर्गत विभिन्न ऑनलाइन सुविधाओं के आवंटन और नाम परिवर्तन, निगमन, पंजीकरण शुल्क का ऑनलाइन भुगतान, पंजीकृत कार्यालय का पता बदलना, सार्वजनिक रिकॉर्ड देखना जैसी सेवाएँ शामिल हैं।

7. ई-ऑफिस

इसे प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा शुरू किया गया।

इसका उद्देश्य कार्यालयों में कम से कम कागज (Less Paper Office) के उपयोग द्वारा सरकार की परिचालन क्षमता में सुधार करना है।



डिजिटल इंडिया पहल

डिजिटल इंडिया के केंद्र में तीन मुख्य क्षेत्र हैं:

(i) प्रत्येक नागरिक के लिये सुविधा के रूप में बुनियादी ढाँचा

(ii) गवर्नेंस व मांग आधारित सेवाएँ

(iii) नागरिकों का डिजिटल सशक्तीकरण

ई-गवर्नेंस के लाभ

9 Pillars

ई गवर्नेंस से संबंधित चुनौतियाँ

E-Governance

अवसंरचना

(BharatNet और Saubhagya जैसी पहलें इस संबंध में उठाए गए कदम हैं।)

लागत

गोपनीयता और सुरक्षा

डिजिटल डिवाइड

सुझाव

निष्कर्ष