टू द पॉइंट

वाताग्र | 01 Jul 2020 | भूगोल

भूमिका:

विश्व के विभिन्न भागों में अलग-अलग प्रकार की वायुराशियाँ पाई जाती हैं। ये वायुराशियाँ अपनी उत्पत्ति के स्थानों से अन्य स्थानों तक विचरण करती हैं। वाताग्रों के कारण मौसम में विभिन्न परिवर्तन देखने को मिलते हैं।

क्या है वाताग्र?

वाताग्र जनन (Frontogenesis):

वताग्र को प्रभावित करने वाले कारक:

वाताग्रों के प्रकार एवं उनसे संबंधित मौसम:

वाताग्र मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं-

1. शीत वताग्र (Cold Front)-

cold-frong

2. उष्ण वाताग्र (Warm Front)-

warm-front

3. अधिविष्ट वाताग्र (Occluded front)-

Occluded-front

स्थाई वाताग्र (Stationary Front)-

stationary-front

क्या है वाताग्र प्रदेश?

दो भिन्न स्वभाव की वायुराशियों के मिलने पर जो संक्रमण क्षेत्र बनता है उसे वाताग्र प्रदेश (Frontal Zone) कहते हैं। विश्व में तीन वाताग्र प्रदेश पाए जाते हैं।

Arctic-front-zone