दृष्टि के NCERT कोर्स के साथ करें UPSC की तैयारी और जानें
ध्यान दें:

उत्तर प्रदेश स्टेट पी.सी.एस.

  • 29 Nov 2025
  • 0 min read
  • Switch Date:  
उत्तर प्रदेश Switch to English

प्रतिबिंब प्लेटफॉर्म

चर्चा में क्यों?

प्रयागराज पुलिस ने उच्च सटीकता के साथ धोखाधड़ी का पता लगाने के लिये एक उन्नत डिजिटल पुलिस प्लेटफॉर्म 'प्रतिबिंब' का उपयोग करके साइबर अपराध पर अपनी कार्रवाई तीव्र कर दी है।

मुख्य बिंदु

  • प्रतिबिंब एक डेटा-संचालित अपराध-मानचित्रण एवं विश्लेषण मंच है, जो साइबर धोखाधड़ी समूहों का पता लगाने हेतु FIR, मोबाइल टॉवर डेटा, IP पते, वित्तीय लेनदेन डेटा तथा व्यवहार पैटर्न को एकीकृत करता है।
  • यह प्रणाली पुलिस को साइबर अपराध-प्रवण क्षेत्रों के वास्तविक समय हीट मैप तैयार करने की सुविधा देती है, जिससे लक्षित फील्ड अभियान संभव हो पाता है।
  • प्लेटफॉर्म बार-बार साइबर धोखाधड़ी करने वालों, घोटालों में प्रयुक्त सिम कार्डों तथा धन हस्तांतरण के लिये प्रयुक्त उच्च जोखिम वाले डिजिटल मार्गों की पहचान करने में मदद करता है।
  • यह गृह मंत्रालय के तहत 'नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली (CFCFRMS)' जैसे राष्ट्रीय उपकरणों के साथ मिलकर काम करता है, ताकि संदिग्ध लेनदेन को समय रहते ब्लॉक किया जा सके।

नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (CFCFRMS)

  • यह वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग हेतु एक राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रणाली है, जिसे नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (1930 हेल्पलाइन + ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म) के माध्यम से संचालित किया जाता है।
  • यह पीड़ितों को धोखाधड़ी लेनदेन की तुरंत रिपोर्ट करने में सक्षम बनाती है, जिससे बैंकों और भुगतान मध्यस्थों को 'गोल्डन ऑवर' में धन फ्रीज या वसूलने की अनुमति मिलती है।
  • प्रणाली का समन्वय गृह मंत्रालय के अधीन इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा किया जाता है।
  • यह बैंकों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, फिनटेक कंपनियों और भुगतान सेवा प्रदाताओं को एक ही वास्तविक समय प्रतिक्रिया तंत्र पर जोड़ती है।

उत्तर प्रदेश Switch to English

ऊपरी यमुना समीक्षा समिति की बैठक

चर्चा में क्यों?

ऊपरी यमुना समीक्षा समिति (UYRC) की 9वीं बैठक केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश के नोएडा में आयोजित की गई, जिसमें छह राज्यों के मंत्री और अधिकारी शामिल हुए।

मुख्य बिंदु

समिति के बारे में:

  • इसकी स्थापना ऊपरी यमुना नदी बोर्ड (UYRB) के कार्यों की निगरानी हेतु की गई थी।
  • केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता वाली यह समिति, जिसमें बेसिन राज्यों के मुख्यमंत्री/मंत्री शामिल हैं, ऊपरी यमुना नदी बोर्ड के लिये पर्यवेक्षी और उच्च-स्तरीय नीति-निर्माण निकाय का काम करती है।
  • यह नदी प्रवाह, जलाशय संचालन, जल आवंटन और अंतरराज्यीय समन्वय की नियमित समीक्षा करती है।

यमुना नदी:

  • यमुना, गंगा की सबसे लंबी सहायक नदी है, जो उत्तराखंड के उत्तरकाशी में यमुनोत्री ग्लेशियर से निकलती है।
  • ऊपरी बेसिन के प्रमुख राज्य उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान हैं।
  • इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ टोंस (सबसे लंबी), हिंडन, चंबल, बेतवा और केन हैं।
  • हथिनीकुंड बैराज हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में यमुना के प्रवाह को नियंत्रित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Upper Yamuna Review Committee Meeting


close
Share Page
images-2
images-2