राजस्थान विधानसभा ने अशांत क्षेत्रों से संबंधित विधेयक पारित किया | राजस्थान | 17 Mar 2026
चर्चा में क्यों?
6 मार्च, 2026 को राजस्थान विधानसभा ने राजस्थान अशांत क्षेत्र (अचल संपत्ति हस्तांतरण नियंत्रण) विधेयक, 2026 पारित किया। इस विधेयक का उद्देश्य आधिकारिक रूप से ‘अशांत’ घोषित क्षेत्रों में संपत्ति की बिक्री और हस्तांतरण को नियंत्रित करना है, ताकि जबरन पलायन को रोका जा सके और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखा जा सके।
मुख्य बिंदु:
- पूर्व अनुमति अनिवार्य: अधिनियम के अंतर्गत ‘अशांत’ घोषित किसी भी क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति अचल संपत्ति का हस्तांतरण (बिक्री, उपहार या पट्टा) ज़िला कलेक्टर की पूर्व लिखित अनुमति के बिना नहीं कर सकेगा।
- सत्यापन प्रक्रिया: अनुमति देने से पूर्व कलेक्टर को आवश्यक जाँच करनी होगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि संपत्ति का हस्तांतरण पूर्णतः स्वेच्छा से हो रहा है तथा यह किसी दबाव, भय, धमकी या सांप्रदायिक तनाव के कारण हुई ‘मजबूरन बिक्री’ का परिणाम नहीं है।
- 'अशांत क्षेत्र' की परिभाषा: यदि राज्य सरकार को यह संतोष हो जाता है कि दंगे या सांप्रदायिक तनाव के कारण सार्वजनिक शांति और व्यवस्था को खतरा है तो वह किसी क्षेत्र को एक निश्चित अवधि के लिये ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित कर सकती है।
- उल्लंघन पर दंड: निर्धारित प्रक्रिया का पालन किये बिना किया गया कोई भी हस्तांतरण अमान्य माना जाएगा। इसमें शामिल पक्षों को दो वर्ष तक का कारावास या जुर्माना हो सकता है।
- उद्देश्य: यह विधेयक उन परिस्थितियों को नियंत्रित करने का प्रयास करता है जहाँ स्थानीय दबाव के कारण किसी विशेष समुदाय को अपने पुश्तैनी क्षेत्रों से पलायन करने के लिये बाध्य होना पड़ता है, जिससे एक ही धर्म के समूहों के अलग-अलग क्षेत्र बन जाते हैं।
- संकटग्रस्त बिक्री पर अंकुश लगाना: यह सामाजिक अशांति के समय में कमज़ोर संपत्ति मालिकों को अपनी संपत्ति को बहुत कम मूल्य पर बेचने के लिये मजबूर होने से बचाता है।
- जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखना: संपत्ति हस्तांतरण को नियंत्रित कर सरकार ऐतिहासिक शहरी क्षेत्रों की विविध सामाजिक संरचना को सुरक्षित रखना चाहती है।
- महत्त्व: यह सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिये व्यक्तिगत अधिकारों पर ‘युक्तिसंगत प्रतिबंध’ लगाने की राज्य की शक्ति को दर्शाता है।
- सांप्रदायिक सद्भाव: यह सांप्रदायिक तनाव के दीर्घकालिक सामाजिक प्रभावों को रोकने के लिये एक सक्रिय विधायी दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है।
BCCI नमन पुरस्कार 2026 | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 17 Mar 2026
चर्चा में क्यों?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने वर्ष 2024–25 सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों तथा भारतीय क्रिकेट की दिग्गज हस्तियों को सम्मानित करने हेतु नमन पुरस्कार 2026 का आयोजन किया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तरों पर उनकी उपलब्धियों को औपचारिक मान्यता प्रदान की गई।
मुख्य बिंदु:
- पॉली उमरीगर पुरस्कार: 2024–25 सत्र के लिये सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर (पुरुष) का पुरस्कार शुभमन गिल को प्रदान किया गया, जबकि स्मृति मंधाना को सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर (महिला) चुना गया। यह उनका पाँचवाँ BCCI सम्मान है।
- कर्नल सी.के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड: भारतीय क्रिकेट में उत्कृष्ट योगदान के लिये पूर्व क्रिकेटरों राहुल द्रविड़, रोजर बिन्नी और मिताली राज को यह सम्मान प्रदान किया गया।
- अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण पुरस्कार: ये पुरस्कार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में प्रभावशाली पदार्पण करने वाले उभरते खिलाड़ियों को दिये जाते हैं।
- सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू (पुरुष): हर्षित राणा
- सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू (महिला): एन. श्री चरणी
- घरेलू क्रिकेट पुरस्कार: ये पुरस्कार भारत की घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिताओं में असाधारण प्रदर्शन को मान्यता देते हैं।
- जगमोहन डालमिया ट्रॉफी (सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर - घरेलू): इरा जाधव
- सीनियर घरेलू एक दिवसीय टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर: शेफाली वर्मा
- सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर के लिये लाला अमरनाथ पुरस्कार: घरेलू क्रिकेट में यह पुरस्कार आयुष म्हात्रे (सीमित ओवर टूर्नामेंट) और हर्ष दुबे (रणजी ट्रॉफी) को प्रदान किया गया।
- सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट संघ: मुंबई क्रिकेट संघ को 2024-25 सत्र के लिये BCCI के घरेलू टूर्नामेंटों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का पुरस्कार मिला।
- सर्वश्रेष्ठ अंपायर: घरेलू टूर्नामेंटों में अपने शानदार प्रदर्शन के लिये उल्हास गांधे को घरेलू क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ अंपायर के रूप में सम्मानित किया गया ।
- महत्त्व: BCCI नमन पुरस्कार भारतीय क्रिकेट के सभी स्तरों अंतर्राष्ट्रीय, घरेलू और प्रशासनिक में उत्कृष्टता का सम्मान करते हैं, साथ ही उन दिग्गज हस्तियों को सम्मानित करते हैं जिन्होंने खेल में स्थायी योगदान दिया है।