भिर्राना के निष्कर्षों के अनुसार सिंधु घाटी सभ्यता की उत्पत्ति | हरियाणा | 20 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
हरियाणा के भिर्राना स्थल से हाल की पुरातात्त्विक शोध, जिसे भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण (ASI) और IIT खड़गपुर द्वारा समर्थित किया गया है, संकेत देती है कि सिंधु घाटी सभ्यता (IVC) लगभग 8,000 वर्ष पुरानी हो सकती है।
मुख्य बिंदु:
- भिर्राना (हरियाणा): मिट्टी के बर्तन और कोयले के नमूनों की रेडियोकार्बन (C-14) तथा थर्मोल्यूमिनेसेंस (TL) डेटिंग से पता चलता है कि यहाँ मानव बसावट लगभग 7500-8000 ईसा पूर्व तक थी।
- संशोधित समयरेखा: जबकि पारंपरिक रूप से ‘परिपक्व हड़प्पा’ (Mature Harappan) चरण की अवधि 2600-1900 ईसा पूर्व मानी जाती है, भिर्राना से प्राप्त मिट्टी के बर्तनों के टुकड़ों और पशु अवशेषों की नई रेडियोकार्बन डेटिंग से यह पता चलता है कि मानव बसावट 7500-8000 ईसा पूर्व तक पहुँचती है।
- विश्व में सबसे प्राचीन: यह सिंधु घाटी सभ्यता को मिस्र (लगभग 7000-3000 ईसा पूर्व) और मेसोपोटामिया (लगभग 6500-3100 ईसा पूर्व) की सभ्यताओं से भी प्राचीन बनाता है।
- संस्कृति की निरंतरता: उत्खनन से पता चलता है कि पूर्व-हड़प्पा हकरा चरण से लेकर परिपक्व हड़प्पा चरण तक संस्कृति का सतत विकास हुआ, जिससे यह सिद्धांत चुनौती में आता है कि शहरीकरण एक आयातित विचार था।
- जलवायु परिवर्तन और अनुकूलन: शोध से पता चलता है कि यह सभ्यता केवल ‘पतित’ नहीं हुई, बल्कि पर्यावरणीय बदलावों के अनुसार अनुकूलित हुई।
- मानसून में बदलाव: लगभग 7,000 वर्ष पूर्व मानसून की तीव्रता कम होने पर हड़प्पावासियों ने जल-प्रधान गेहूँ और जौ के स्थान पर शुष्क-अनुकूल कदन्न तथा चावल की कृषि को अपनाना शुरू कर दिया।
- स्वदेशी उत्पत्ति: यह उस ‘डिफ्यूज़न थ्योरी’ को चुनौती देता है, जिसमें कहा गया था कि शहरीकरण पश्चिम एशिया से आयातित था।
मैग्नस कार्लसन ने 2026 FIDE फ्रीस्टाइल वर्ल्ड चेस टाइटल जीता | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 20 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
नॉर्वेजियन शतरंज के दिग्गज मैग्नस कार्लसन ने अमेरिकी ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारुआना को हराकर 2026 FIDE फ्रीस्टाइल वर्ल्ड शतरंज चैंपियनशिप जीत ली।
मुख्य बिंदु:
- कार्यक्रम: 2026 FIDE फ्रीस्टाइल वर्ल्ड शतरंज चैंपियनशिप पहली आधिकारिक फ्रीस्टाइल वर्ल्ड चैंपियनशिप थी।
- आयोजक: अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) और फ्रीस्टाइल शतरंज ऑपरेशन्स।
- स्थान: श्लॉस वीसेनहाउस, वांगेल्स, जर्मनी।
- यह खिताब उन्हें विभिन्न शतरंज प्रारूपों में 21वीं विश्व चैंपियनशिप जीत दिलाता है।
- विजेता: मैग्नस कार्लसन ने चैंपियनशिप जीती।
- रनर-अप: फैबियानो कारुआना (USA)।
- फ्रीस्टाइल शतरंज प्रारूप: इसे Chess960 (चेस960) के नाम से भी जाना जाता है। इस प्रारूप में मोहरों (प्यादों को छोड़कर) की शुरुआती स्थिति को यादृच्छिक कर दिया जाता है, जिससे रटी-रटाई 'ओपनिंग्स' की भूमिका कम हो जाती है और रचनात्मकता तथा गणना पर अधिक ज़ोर दिया जाता है।
- प्रारूप और प्रतिभागी: विश्व रैंकिंग और टूर्स के आधार पर आठ शीर्ष ग्रैंडमास्टर चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्द्धा के लिये योग्य हुए।
- रणनीतिक महत्त्व: FIDE द्वारा फ्रीस्टाइल चेस को आधिकारिक मान्यता देने से अंतर्राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं में नवाचार और नए प्रारूपों की बढ़ती स्वीकृति का संकेत मिलता है।
रूस ने व्हाट्सएप को ब्लॉक किया, सरकारी ऐप को बढ़ावा दिया | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 20 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
रूसी सरकार ने मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप तक पहुँच को ब्लॉक कर दिया है और टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो रूस के दो सबसे अधिक उपयोग किये जाने वाले विदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म हैं।
मुख्य बिंदु:
- व्हाट्सएप प्रतिबंध: रूस ने व्हाट्सएप को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है, यह आरोप लगाते हुए कि प्लेटफॉर्म ने रूसी कानूनों और नियामक आवश्यकताओं का पालन करने से इनकार किया।
- यह प्रतिबंध इसलिये लागू किया गया क्योंकि व्हाट्सएप स्थानीय कानूनी और सुरक्षा दायित्वों को पूरा नहीं कर पाया।
- नियामक प्राधिकरण: ये प्रतिबंध रूस के राज्य संचार नियामक, 'रोसकोमनाडज़ोर' (Roskomnadzor) द्वारा लागू किये जाते हैं।
- स्टेट ऐप की ओर रुझान: रूसी सरकार विदेशी-स्वामित्व वाले सेवाओं की जगह मैक्स, एक राज्य-समर्थित मैसेजिंग और सुपर-ऐप को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है।
- टेलीग्राम पर प्रतिबंध: टेलीग्राम को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है।
- अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म की कार्यक्षमता पर प्रतिबंध लागू किये हैं और इसे आतंकवादी या निषिद्ध सामग्री हटाने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा कथानक: रूसी अधिकारी तर्क देते हैं कि विदेशी मैसेजिंग ऐप्स पर प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये आवश्यक है।
- इन प्लेटफॉर्म्स पर कथित रूप से आपराधिक गतिविधियाँ, धोखाधड़ी और विदेशी खुफिया पहुँच को सुविधाजनक बनाने का आरोप है।
- सार्वजनिक प्रतिक्रिया: डिजिटल अधिकार समूहों ने व्हाट्सएप प्रतिबंध और टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंधों की आलोचना की है, यह कहते हुए कि ये गोपनीयता तथा स्वतंत्र संचार को कमज़ोर करते हैं, जबकि राज्य-नियंत्रित प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देना रूस की डिजिटल संप्रभुता की पहल का हिस्सा है।