पटना उच्च न्यायालय में दो न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई | बिहार | 06 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
रितेश कुमार और प्रवीण कुमार को संघीय विधि एवं न्याय मंत्रालय की मंज़ूरी के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
मुख्य बिंदु
- नियुक्ति प्राधिकरण: भारत के राष्ट्रपति उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश और संबंधित राज्य के राज्यपाल से परामर्श करके करते हैं।
- नियुक्ति अधिसूचना: विधि एवं न्याय मंत्रालय ने सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिशों के बाद संविधान के अनुच्छेद 217 के तहत इन नियुक्तियों को जारी किया।
- न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि: उनकी नियुक्तियों के साथ पटना उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की कुल संख्या 36 हो जाएगी।
- महत्त्व: पटना उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य मामले की लंबित स्थिति को कम करना और न्यायिक कार्यक्षमता में सुधार करना है।
पटना उच्च न्यायालय
- स्थापना: 3 फरवरी, 1916
- कानूनी आधार: वर्ष 1915 के भारत सरकार अधिनियम के तहत स्थापित।
- प्रथम मुख्य न्यायाधीश: माननीय न्यायमूर्ति सर एडवर्ड मेनार्ड डेस चैंप्स।
- पटना उच्च न्यायालय के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू।
कैंसर उपचार अवसंरचना हेतु NTPC–GCRI समझौता ज्ञापन (MoA) | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 06 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
NTPC पश्चिमी क्षेत्र ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत रेडियोथेरेपी सेवाओं के उन्नयन के लिये गुजरात कैंसर एवं अनुसंधान संस्थान (GCRI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किये।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: अहमदाबाद स्थित सिद्धपुर सैटेलाइट सेंटर में उच्च-ऊर्जा लिनियर एक्सेलेरेटर (LINAC) की खरीद और स्थापना के माध्यम से रेडियोथेरेपी सेवाओं को सुदृढ़ करना।
- वित्तपोषण: क्षमता उन्नयन के लिये NTPC ने अपनी CSR पहल के अंतर्गत ₹23.16 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।
- प्रौद्योगिकी उन्नयन: इस सहायता से उन्नत और परिष्कृत रेडियोथेरेपी उपकरणों की खरीद व स्थापना संभव होगी, जिससे आधुनिक कैंसर उपचार क्षमताओं में सुधार होगा।
- CSR फोकस: यह पहल समावेशी विकास के प्रति NTPC की प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा सार्थक CSR हस्तक्षेपों के माध्यम से महत्त्वपूर्ण स्वास्थ्य अवसंरचना को मज़बूत करते हुए सतत विकास लक्ष्य–3 (अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण) में योगदान देती है।
- क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र: GCRI को सुदृढ़ करने से रोगियों के आउट-ऑफ-पॉकेट व्यय (OOPE) में कमी आएगी।