राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
प्रसून जोशी को प्रसार भारती का अध्यक्ष नियुक्त किया गया
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार ने प्रसून जोशी को प्रसार भारती का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
मुख्य बिंदु:
- नियुक्ति: भारत के सार्वजनिक सेवा प्रसारक, प्रसार भारती के अध्यक्ष के रूप में प्रसून जोशी को नियुक्त किया गया है।
- संगठनात्मक भूमिका: प्रसार भारती सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय के रूप में कार्य करता है।
- पिछली भूमिकाएँ: उन्होंने वर्ष 2017 से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है।
- उन्होंने मैककैन वर्ल्डग्रुप इंडिया (McCann World Group India) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में कार्य किया।
- उन्होंने मैककैन वर्ल्डग्रुप एशिया पैसिफिक के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएँ दीं।
- प्रसार भारती:
- प्रसार भारती की स्थापना प्रसार भारती (भारतीय प्रसारण निगम) अधिनियम, 1990 के तहत की गई थी और यह वर्ष 1997 में क्रियान्वित हुआ।
- इसके दो मुख्य विभाग हैं: आकाशवाणी (All India Radio - AIR) और दूरदर्शन (DD)।
- प्रसार भारती ने हाल ही में WAVES OTT प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है।
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राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
दिल्ली ने “कैच द रेन 2026” अभियान शुरू किया
चर्चा में क्यों?
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने पूरे शहर में वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिये “कैच द रेन 2026” (Catch the Rain 2026) अभियान की शुरुआत की और साथ ही इसके आधिकारिक मैस्कॉट ‘नीरा’ का अनावरण किया।
मुख्य बिंदु:
- अभियान: दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण को प्रोत्साहित करने के लिये “कैच द रेन 2026” पहल की शुरुआत की।
- मैस्कॉट का अनावरण: नागरिकों और संस्थानों के बीच जल संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिये अभियान के मैस्कॉट ‘नीरा (Neera)’ को पेश किया गया।
- उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य वर्षा जल के संग्रहण और भंडारण को बढ़ावा देकर सतत जल प्रबंधन को प्रोत्साहित करना है ताकि भूजल स्तर में सुधार हो सके।
- वित्तीय प्रोत्साहन: दिल्ली जल बोर्ड ₹50,000 तक की वित्तीय सहायता के साथ-साथ तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगा, जिसमें गड्ढे के डिज़ाइन, सामग्री विनिर्देशों और आकार के मानकों पर मार्गदर्शन शामिल है।
- कैच द रेन:
- ‘कैच द रेन’ अभियान जल शक्ति मंत्रालय की एक समयबद्ध जल संरक्षण पहल है, जिसकी टैगलाइन “कैच द रेन, व्हेयर इट फॉल्स, व्हेन इट फॉल्स” (वर्षा जल का संचयन करें, जहाँ गिरे, जब गिरे) है।
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उत्तर प्रदेश Switch to English
कोका-कोला इंडिया ने सामुदायिक और पर्यावरणीय पहलों के लिये उत्तर प्रदेश के साथ साझेदारी की
चर्चा में क्यों?
कोका-कोला इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश में सामुदायिक विकास और पर्यावरणीय पहलों को आगे बढ़ाने के लिये उत्तर प्रदेश सरकार के इन्वेस्ट यूपी (Invest UP) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये हैं।
मुख्य बिंदु:
- MoU समझौता: कोका-कोला इंडिया ने स्थिरता और समुदाय-केंद्रित पहलों पर सहयोग करने के लिये इन्वेस्ट यूपी के साथ तीन वर्ष के समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये हैं।
- यह साझेदारी जल पहुँच बुनियादी ढाँचे, अपशिष्ट संग्रहण और पुनर्चक्रण प्रणालियों तथा स्थानीय समुदायों के लिये आजीविका सृजन पर ध्यान केंद्रित करेगी।
- सामुदायिक विकास: इस पहल का उद्देश्य कौशल निर्माण के अवसर उत्पन्न करना और आजीविका में सुधार करना है, विशेष रूप से अधिक पर्यटकों वाले क्षेत्रों में।
- पर्यावरणीय स्थिरता: इसका लक्ष्य पर्यावरणीय बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करना, जल प्रबंधन को बढ़ावा देना और अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं में सुधार करना है।
- सार्वजनिक-निजी सहयोग: यह साझेदारी दीर्घकालिक, स्केलेबल एवं समुदाय के नेतृत्व वाले विकास परिणामों को प्राप्त करने के लिये सरकार और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग को रेखांकित करती है।
- इन्वेस्ट यूपी:
- इसे पहले 'उद्योग बंधु (Udyog Bandhu)' के नाम से जाना जाता था, जो उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन और सुविधा एजेंसी के रूप में कार्य करती है।
- यह राज्य में नए निवेश आकर्षित करने और मौजूदा एवं आगामी उद्योगों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने पर ध्यान केंद्रित करती है।
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राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
भारत-कंबोडिया सैन्य अभ्यास CINBAX-II 2026
चर्चा में क्यों?
भारतीय सेना का एक दल कंबोडिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास 'CINBAX-II 2026' के दूसरे संस्करण में भाग लेने के लिये कंबोडिया रवाना हो गया है।
मुख्य बिंदु:
- अभ्यास: द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास CINBAX-II 2026 मई 2026 में कंबोडिया के कंपोंग स्पू प्रांत में आयोजित किया जाएगा।
- यह सैन्य अभ्यास भारतीय सेना और रॉयल कंबोडियन आर्मी के बीच आयोजित हो रहा है, जो भारत तथा कंबोडिया के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को दर्शाता है।
- भारतीय सैन्य दल: भारत ने लगभग 120 कर्मियों को तैनात किया है, जो मुख्य रूप से मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं।
- फोकस: यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र (UN) शासनादेश के अध्याय VII के ढाँचे के तहत उप-पारंपरिक वातावरण में आतंकवाद विरोधी अभियानों पर केंद्रित होगा।
- उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य दोनों सशस्त्र बलों के बीच अंतर-संचालनीयता समन्वय और परिचालन तालमेल को बढ़ाना है।
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और पढ़ें: आतंकवाद |
राजस्थान Switch to English
तमिलनाडु में ऐतिहासिक शुरुआत के साथ विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी
चर्चा में क्यों?
4 मई, 2026 को अभिनेता से राजनेता बने जोसेफ विजय और उनकी नवगठित पार्टी, तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने 17वीं विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर तमिलनाडु के दशकों पुराने DMK-AIADMK द्विध्रुवीय राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया।
मुख्य बिंदु:
- शानदार शुरुआत: सभी 234 निर्वाचन क्षेत्रों में अकेले चुनाव लड़ते हुए, TVK ने 108 सीटें जीतीं और 118 सीटों के बहुमत के आँकड़े से कुछ ही पीछे रह गई।
- ‘त्रिशंकु’ विधानसभा: तमिलनाडु के इतिहास में पहली बार, किसी भी एक दल या गठबंधन ने पूर्ण बहुमत हासिल नहीं किया।
- बड़े उलटफेर: भारतीय राजनीतिक इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक में, वर्तमान मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन अपने लंबे समय से सुरक्षित गढ़ कोलाथुर में TVK के वी.एस. बाबू से 8,795 मतों के अंतर से हार गए।
- विजय की ‘दोहरी’ जीत: TVK प्रमुख विजय ने उन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में निर्णायक जीत हासिल की जहाँ से उन्होंने चुनाव लड़ा था: पेरंबूर (50,000 से अधिक मतों से) और तिरुचिरापल्ली पूर्व (27,000 से अधिक मतों से)।
- द्रविड़ द्वयधिकार का अंत: वर्ष 1967 के बाद यह पहली बार है कि कोई गैर-द्रविड़ पार्टी (पारंपरिक DMK/AIADMK वंश से हटकर) राज्य में सबसे बड़ी इकाई के रूप में उभरी है।
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भारत ने अंडमान में सबसे बड़े अंडरवाटर झंडे के साथ गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया
चर्चा में क्यों?
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने अब तक का सबसे बड़ा अंडरवाटर (पानी के नीचे) राष्ट्रीय ध्वज फहराकर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है, जो भारत के समुद्री गौरव और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को प्रदर्शित करता है।
मुख्य बिंदु:
- आयोजन: यह आयोजन मुख्य गोताखोरी गंतव्य हैवलॉक द्वीप (स्वराज द्वीप) के पास समुद्र के पानी में किया गया।
- आयाम और पैमाना: झंडे की लंबाई और चौड़ाई कई मीटर (60 मीटर x 40 मीटर) थी, जो इसे पानी के नीचे अपनी तरह का सबसे बड़ा झंडा बनाता है।
- व्यापक भागीदारी: लेफ्टिनेंट गवर्नर एडमिरल (सेवानिवृत्त) डी.के. जोशी के नेतृत्व में, इस गोताखोरी में नौसेना, तटरक्षक बल, स्थानीय पुलिस के कर्मियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।
- पर्यटन को बढ़ावा: साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों के तहत इस पहल ने द्वीपों की समृद्ध समुद्री जैव विविधता को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया।
- महत्त्व: अंडमान को स्कूबा डाइविंग और समुद्री पर्यटन के केंद्र के रूप में उभारते हुए साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना।
- यह परियोजना सागर (क्षेत्र में सभी के लिये सुरक्षा और विकास-SAGAR) विज़न को रेखांकित करती है। पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये "पानी के नीचे सबसे ऊँचा मानव पिरामिड" जैसे और भी रिकॉर्ड बनाने की योजना है।
- राष्ट्रीय गौरव और जागरूकता: यह एक विशिष्ट वातावरण में देशभक्ति और एकता का प्रतीक है।
और पढ़ें: स्वराज द्वीप |

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