नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा शुरू की | बिहार | 17 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिम चंपारण (बेतिया) ज़िले से समृद्धि यात्रा की शुरुआत की है।
मुख्य बिंदु:
- अवधि और कवरेज: समृद्धि यात्रा का पहला चरण 16 से 24 जनवरी, 2026 तक चलेगा।
- यह 9 ज़िलों को शामिल करता है और इसका समापन वैशाली ज़िले में होगा।
- यात्रा का उद्देश्य: यात्रा का उद्देश्य चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा करना, ज़िला स्तर पर उनके क्रियान्वयन का आकलन करना, पूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन करना, नए कार्यों की आधारशिला रखना तथा शासन में जनसहभागिता को सुदृढ़ करना है।
- विकास कार्य: पहले दिन कुमारबाग औद्योगिक क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने 153 करोड़ रुपये की लागत वाली 125 परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
- साथ ही 29 करोड़ रुपये की लागत वाली 36 परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जो मुख्य रूप से अवसंरचना और औद्योगिक विकास पर केंद्रित हैं।
- शासन महत्त्व: समृद्धि यात्रा नागरिकों से सीधे फीडबैक प्राप्त करने, योजनाओं का स्थानीय आकलन करने और समावेशी एवं क्षेत्रीय संतुलित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के लिये एक महत्त्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करती है।
गुजरात ने ‘पोषण उड़ान 2026’ शुरू किया | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 17 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
गुजरात ने मकर संक्रांति उत्सव के दौरान ‘पोषण उड़ान 2026’ की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक उत्सवों और सामुदायिक सहभागिता का उपयोग करते हुए पूरे राज्य में पोषण तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना है।
मुख्य बिंदु:
- पहल: ‘पोषण उड़ान 2026’ पूरे राज्य में जन-जागरूकता बढ़ाने के लिये पतंग उत्सव की लोकप्रियता का उपयोग करता है, जिसमें पोषण और स्वास्थ्य संदेशों वाली पतंगें उड़ाई जाती हैं।
- इसका उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और माताओं के लिये संतुलित आहार तथा स्वास्थ्य के महत्त्व को रेखांकित करना है।
- एकीकरण: यह कार्यक्रम आँगनवाड़ी केंद्रों पर ICDS (एकीकृत बाल विकास सेवाओं) के अंतर्गत संचालित किया जाता है।
- कार्यान्वयन: यह राज्यव्यापी पोषण जागरूकता अभियान गुजरात के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित किया जाता है।
- फोकस: पहल का मुख्य ज़ोर आहार विविधता, जंक फूड के सेवन को घटाने, सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता प्रथाओं पर है ताकि पोषण संबंधी परिणामों में सुधार हो सके।
- लक्षित समूह: जागरूकता अभियान में स्कूल के बच्चे, किशोरियाँ, गर्भवती और धात्री महिलाएँ तथा स्थानीय समुदाय के अभिकर्त्ता शामिल होते हैं।
- स्वास्थ्य हस्तक्षेप: माताओं और बच्चों के लिये हीमोग्लोबिन परीक्षण, आयरन एवं फोलिक एसिड (IFA) टैबलेट वितरण, BMI (शरीर द्रव्यमान सूचकांक) जाँच तथा व्यक्तिगत पोषण परामर्श जैसी गतिविधियाँ संचालित की गईं।
तमिलनाडु में बनेगा भारत का पहला ‘सॉवरेन AI पार्क’ | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 17 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
13 जनवरी, 2026 को तमिलनाडु सरकार ने सर्वम AI के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये, जिसके तहत चेन्नई में भारत का पहला सॉवरेन AI पार्क स्थापित किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- फुल-स्टैक इन्फ्रास्ट्रक्चर: यह पार्क संपूर्ण AI जीवनचक्र की मेज़बानी करेगा, जिसमें GPU-आधारित विशिष्ट डेटा सेंटर, स्वदेशी लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLMs) और एप्लीकेशन-लेयर टूल शामिल होंगे।
- भारतीय भाषाओं पर केंद्रित AI: इस सुविधा का प्रमुख लक्ष्य भारतीय भाषाओं, विशेषकर तमिल भाषा के लिये इंडिक LLMs का विकास करना है ताकि गैर-अंग्रेज़ी भाषी आबादी के लिये डिजिटल अंतराल को कम किया जा सके।
- डेटा संप्रभुता: राज्य के भीतर ही डेटा एवं कंप्यूटिंग क्षमता की मेज़बानी करके यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि नागरिकों और सरकार से संबंधित संवेदनशील जानकारी स्थानीय अधिकार क्षेत्र में ही सुरक्षित रहे तथा विदेशी निगरानी या अंतर्राष्ट्रीय कानूनी जटिलताओं से संरक्षित हो।
- रणनीतिक सहयोग: यह पार्क तमिलनाडु ई-गवर्नेंस एजेंसी (TNeGA) के सहयोग से प्रबंधित किया जाएगा, ताकि AI को सार्वजनिक सेवा वितरण में एकीकृत किया जा सके।
- ‘सॉवरेन AI’: सॉवरेन AI से तात्पर्य एक देश या राज्य की उस क्षमता से है जिसके माध्यम से वह अपने स्वयं के अवसंरचना, डेटा और मानव संसाधन का उपयोग करके AI विकसित कर सके।
- रणनीतिक स्वायत्तता: इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक अनुकूलन के लिये आवश्यक माना जाता है और यह ‘डिजिटल उपनिवेशवाद’ को रोकने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- महत्त्व: यह पहल डिजिटल स्वायत्तता प्राप्त करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है और तमिलनाडु को उच्चस्तरीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता का वैश्विक केंद्र बनाने में सहायक होगी।
- यह परियोजना केंद्र सरकार के इंडिया AI मिशन के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य AI कंप्यूट एक्सेस को लोकतांत्रिक बनाना है।
इंडिया पोस्ट ने लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर के तौर पर पहला ONDC ऑर्डर डिलीवर किया | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 17 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
डाक विभाग (इंडिया पोस्ट) ने एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, क्योंकि उसने ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के लिये लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता के रूप में अपना पहला ऑनलाइन ऑर्डर सफलतापूर्वक डिलीवर किया है।
मुख्य बिंदु:
- लेन-देन: उद्घाटन ऑर्डर में श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर के एक स्थानीय विक्रेता से प्राप्त अखरोट की शिपमेंट शामिल थी, जिसे दिल्ली में एक उपभोक्ता तक डिलीवर किया गया।
- इंडिया पोस्ट की भूमिका: पारंपरिक डाक सेवाओं की सीमाओं से आगे बढ़कर इंडिया पोस्ट ने लॉजिस्टिक्स की मुख्य ज़िम्मेदारी सॅंभाली और दूरदराज़ क्षेत्रों से पिकअप लेकर महानगर में अंतिम गंतव्य वितरण तक पूरी मूल्य शृंखला का प्रबंधन किया।
- एकीकरण: डिलीवरी इंडिया पोस्ट के आंतरिक लॉजिस्टिक्स सॉफ्टवेयर को ONDC के ओपन प्रोटोकॉल के साथ निर्बाध रूप से एकीकृत करके संभव हुई, जिससे रीयल-टाइम ट्रैकिंग और स्वचालित डिस्पैच सुनिश्चित हुआ।
- लॉजिस्टिक्स फ्रेमवर्क: इंडिया पोस्ट को शामिल करने से ONDC को 1.6 लाख से अधिक डाकघरों तक पहुँच मिलती है, जिससे सबसे दूरदराज़ ग्रामीण विक्रेता भी राष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँच सकते हैं।
- समान अवसर: अब छोटे कारीगर और MSME उच्च-गुणवत्ता वाली लॉजिस्टिक्स सेवाओं का प्रतिस्पर्द्धी दरों पर लाभ उठा सकते हैं, जो पहले डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रवेश करने में एक बड़ी बाधा था।
- स्थानीय का समर्थन (Vocal for Local): यह एकीकरण वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल को मज़बूती देता है, क्योंकि यह क्षेत्रीय विशिष्टताओं के लिये भरोसेमंद आपूर्ति शृंखला उपलब्ध कराता है।
- वित्तीय समावेशन: यह ग्रामीण उद्यमियों को डिजिटल भुगतान अपनाने और अपने व्यवसाय को औपचारिक बनाने के लिये प्रोत्साहित करता है, जिससे विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में योगदान मिलता है।
IOA ने नेशनल ओलंपिक एजुकेशन एंड डेवलपमेंट प्रोग्राम लॉन्च किया | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 17 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने स्थानीय स्तर से लेकर उत्कृष्ट स्तर तक भारत की संपूर्ण ओलंपिक प्रणाली को मज़बूत करने के उद्देश्य से नेशनल ओलंपिक एजुकेशन एंड डेवलपमेंट प्रोग्राम (NOEDP) को औपचारिक रूप से शुरू किया।
मुख्य बिंदु:
- समेकित ढाँचा: NOEDP को एक व्यापक राष्ट्रीय ढाँचे के रूप में तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) और राज्य ओलंपिक संघों (SOAs) के सहयोग से पूरे खेल पारितंत्र में संरचित शैक्षणिक पहलें लागू करना है।
- नेशनल ओलंपिक अकादमी (NOA) का पुनर्सक्रियण: इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आधार अहमदाबाद स्थित नेशनल ओलंपिक अकादमी (NOA) का औपचारिक पुनर्सक्रियण है। NOA भारत में ओलंपिक शिक्षा, अधिगम, अनुसंधान और संवाद का केंद्रीय केंद्र होगा।
- नेतृत्व: IOA की अध्यक्ष और दिग्गज धाविका पी. टी. उषा को NOA की अध्यक्ष के रूप में अनुमोदित किया गया है, जबकि ओलंपिक पदक विजेता एवं IOA के उपाध्यक्ष गगन नारंग को इसका निदेशक नियुक्त किया गया है।
- अंतर्राष्ट्रीय अनुरूपता: NOA, ओलंपिया स्थित इंटरनेशनल ओलंपिक अकादमी के साथ सहयोग करेगा ताकि भारत के कार्यक्रम वैश्विक मानकों के अनुरूप हों और ओलंपिक चार्टर का पालन सुनिश्चित करें।
- महत्त्व: ये पहलें एथलीट-केंद्रित ओलंपिक आंदोलन को मज़बूत करने पर भारत के नए फोकस को दर्शाती हैं, जिससे खिलाड़ियों को अपने करियर के दौरान नेतृत्व कौशल और शैक्षणिक सहायता प्राप्त हो सकेगी।