उत्तर प्रदेश का पूरक बजट | उत्तर प्रदेश | 02 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिये विकास और कल्याण प्राथमिकताओं को सुदृढ़ करने हेतु राज्य विधानसभा में 24,496.98 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया।
मुख्य बिंदु
- कुल बजट परिव्यय: इस वृद्धि के बाद चालू वित्तीय वर्ष का कुल बजट बढ़कर लगभग 8,33,233.04 करोड़ रुपये हो गया है।
- राजस्व और पूंजीगत व्यय: कुल बजट में से 18,369.30 करोड़ रुपये राजस्व व्यय के लिये और 6,127.68 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिये निर्धारित किये गए हैं।
- कल्याण और सामाजिक प्राथमिकताएँ: यह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, तकनीकी शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों का भी समर्थन करता है।
- अनुपूरक बजट का उद्देश्य: विकास की गति को बनाए रखना, उभरती जरूरतों को पूरा करना और संपूर्ण राज्य में आवश्यक सेवाओं को सुदृढ़ करना।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के 25 वर्ष | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 02 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार वर्ष 2025 में प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की 25वीं वर्षगाँठ मना रही है, जो ग्रामीण संपर्कता और अवसंरचना विकास में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि को चिह्नित करती है।
मुख्य बिंदु
- प्रारंभ: यह योजना 25 दिसंबर, 2000 को प्रारंभ की गई।
- बजटीय सहायता: वर्ष 2025–26 में ग्रामीण संपर्कता प्रयासों को जारी रखने हेतु लगभग 19,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
- उद्देश्य: उन ग्रामीण बस्तियों को हर मौसम में सड़क संपर्क प्रदान करना, जो पहले पूरी तरह असंबद्ध थीं।
- वित्त पोषण: केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 लागत-साझाकरण अनुपात अपनाया जाता है, जबकि उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों के लिये यह अनुपात 90:10 है।
- PMGSY-IV योजना: चरण IV (2024–29) के तहत 25,000 बस्तियों को जोड़ने के लिये 62,500 किमी. सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 70,125 करोड़ रुपये है।
- प्रगति: योजना की शुरुआत के बाद से लगभग 8,25,114 किमी ग्रामीण सड़कों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से लगभग 7,87,520 किमी (95–96%) दिसंबर 2025 तक पूर्ण हो चुकी हैं।
- उन्नत निगरानी प्रणाली: OMMAS (ऑनलाइन प्रबंधन, निगरानी और लेखा प्रणाली), e-MARG (PMGGSY के तहत ग्रामीण सड़कों का इलेक्ट्रॉनिक रखरखाव), GPS ट्रैकिंग और त्रिस्तरीय गुणवत्ता प्रणाली के माध्यम से वास्तविक समय की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाती है, जिससे कार्यान्वयन की पारदर्शिता तथा स्थायित्व बढ़ता है।
भारत में तीन नई एयरलाइंस | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 02 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार ने भारतीय विमानन क्षेत्र में प्रवेश के लिये तीन नई एयरलाइंस- शंख एयर, अल हिंद एयर तथा फ्लाई एक्सप्रेस को अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) प्रदान किये हैं।
मुख्य बिंदु
- नियामकीय स्वीकृति: यह NOC नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी की गई है, जो किसी भी नई एयरलाइन के परिचालन की प्रारंभिक वैधानिक शर्त होती है।
- अगला चरण: NOC प्राप्त करने के पश्चात, संबंधित एयरलाइंस अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं, जो वाणिज्यिक उड़ानों के लिये अनिवार्य है।
- परिचालन: इन एयरलाइंस द्वारा वर्ष 2026 से वाणिज्यिक उड़ान संचालन प्रारंभ किये जाने की संभावना है।
- एयरलाइंस का स्वरूप: प्रस्तावित एयरलाइंस को कम लागत और क्षेत्रीय केंद्रित मॉडल पर विकसित किये जाने की योजना है।
- द्वयाधिकार का अंत: यह पहल भारतीय विमानन क्षेत्र में व्याप्त अत्यधिक एकाधिकार को कम करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है, जहाँ वर्तमान में इंडिगो (लगभग 65%) और एयर इंडिया (लगभग 27%) मिलकर 90% से अधिक यात्री यातायात को नियंत्रित करती हैं।
- क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा: नई एयरलाइंस का प्रवेश द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के शहरों तक हवाई संपर्क के विस्तार के सरकारी उद्देश्य के अनुरूप है तथा यह उड़ान (UDAN) क्षेत्रीय संपर्क योजना के व्यापक लक्ष्यों को भी सुदृढ़ करता है।