झारखंड में ओल चिकी शताब्दी समारोह | झारखंड | 02 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने झारखंड में ओल चिकी लिपि के शताब्दी समारोह में भाग लिया।

मुख्य बिंदु
- कार्यक्रम एवं स्थल: राष्ट्रपति मुर्मू ने जमशेदपुर के करांडीह स्थित डिशोम जहेरथान में संथाली भाषा के लेखन तंत्र ओल चिकी लिपि की 100वीं वर्षगाँठ में भाग लिया।
- ओल चिकी: यह लिपि वर्ष 1925 में पंडित रघुनाथ मुर्मू द्वारा संथाली भाषा के लिये लेखन प्रणाली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निर्मित की गई थी।
- भाषा संवर्द्धन: राष्ट्रपति ने 22वें पारसी महा संथाली सम्मेलन में संथाली में भाषण दिया और संविधान के अनुवाद तथा डिजिटल उपकरणों को ओल चिकी लिपि में रूपांतरित करने के प्रयासों की सराहना की।
- संथाली भाषा: यह भाषा वर्ष 2003 में 92वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम के माध्यम से संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल की गई।
संविधान की आठवीं अनुसूची:
- इस अनुसूची में भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषाओं को सूचीबद्ध किया गया है। भारतीय संविधान के भाग XVII में अनुच्छेद 343 से 351 तक शामिल अनुच्छेद आधिकारिक भाषाओं से संबंधित हैं।
- आठवीं अनुसूची से संबंधित संवैधानिक प्रावधान इस प्रकार हैं:
- अनुच्छेद 344: अनुच्छेद 344(1) संविधान के प्रारंभ से पांँच वर्ष की समाप्ति पर राष्ट्रपति द्वारा एक आयोग के गठन का प्रावधान करता है।
- अनुच्छेद 351: यह हिंदी भाषा का विकास करने हेतु इसके प्रसार का प्रावधान करता है ताकि यह भारत की मिश्रित संस्कृति के सभी घटकों के लिये अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में काम कर सके।
- हालांँकि यह ध्यान देने योग्य है कि किसी भी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिये कोई निश्चित मानदंड निर्धारित नहीं है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के 25 वर्ष | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 02 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार वर्ष 2025 में प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की 25वीं वर्षगाँठ मना रही है, जो ग्रामीण संपर्कता और अवसंरचना विकास में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि को चिह्नित करती है।
मुख्य बिंदु
- प्रारंभ: यह योजना 25 दिसंबर, 2000 को प्रारंभ की गई।
- बजटीय सहायता: वर्ष 2025–26 में ग्रामीण संपर्कता प्रयासों को जारी रखने हेतु लगभग 19,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
- उद्देश्य: उन ग्रामीण बस्तियों को हर मौसम में सड़क संपर्क प्रदान करना, जो पहले पूरी तरह असंबद्ध थीं।
- वित्त पोषण: केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 लागत-साझाकरण अनुपात अपनाया जाता है, जबकि उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों के लिये यह अनुपात 90:10 है।
- PMGSY-IV योजना: चरण IV (2024–29) के तहत 25,000 बस्तियों को जोड़ने के लिये 62,500 किमी. सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 70,125 करोड़ रुपये है।
- प्रगति: योजना की शुरुआत के बाद से लगभग 8,25,114 किमी ग्रामीण सड़कों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से लगभग 7,87,520 किमी (95–96%) दिसंबर 2025 तक पूर्ण हो चुकी हैं।
- उन्नत निगरानी प्रणाली: OMMAS (ऑनलाइन प्रबंधन, निगरानी और लेखा प्रणाली), e-MARG (PMGGSY के तहत ग्रामीण सड़कों का इलेक्ट्रॉनिक रखरखाव), GPS ट्रैकिंग और त्रिस्तरीय गुणवत्ता प्रणाली के माध्यम से वास्तविक समय की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाती है, जिससे कार्यान्वयन की पारदर्शिता तथा स्थायित्व बढ़ता है।
भारत में तीन नई एयरलाइंस | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 02 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार ने भारतीय विमानन क्षेत्र में प्रवेश के लिये तीन नई एयरलाइंस- शंख एयर, अल हिंद एयर तथा फ्लाई एक्सप्रेस को अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) प्रदान किये हैं।
मुख्य बिंदु
- नियामकीय स्वीकृति: यह NOC नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी की गई है, जो किसी भी नई एयरलाइन के परिचालन की प्रारंभिक वैधानिक शर्त होती है।
- अगला चरण: NOC प्राप्त करने के पश्चात, संबंधित एयरलाइंस अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं, जो वाणिज्यिक उड़ानों के लिये अनिवार्य है।
- परिचालन: इन एयरलाइंस द्वारा वर्ष 2026 से वाणिज्यिक उड़ान संचालन प्रारंभ किये जाने की संभावना है।
- एयरलाइंस का स्वरूप: प्रस्तावित एयरलाइंस को कम लागत और क्षेत्रीय केंद्रित मॉडल पर विकसित किये जाने की योजना है।
- द्वयाधिकार का अंत: यह पहल भारतीय विमानन क्षेत्र में व्याप्त अत्यधिक एकाधिकार को कम करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है, जहाँ वर्तमान में इंडिगो (लगभग 65%) और एयर इंडिया (लगभग 27%) मिलकर 90% से अधिक यात्री यातायात को नियंत्रित करती हैं।
- क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा: नई एयरलाइंस का प्रवेश द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के शहरों तक हवाई संपर्क के विस्तार के सरकारी उद्देश्य के अनुरूप है तथा यह उड़ान (UDAN) क्षेत्रीय संपर्क योजना के व्यापक लक्ष्यों को भी सुदृढ़ करता है।