राजनाथ सिंह ने किया लखनऊ में EV प्लांट का उद्घाटन | उत्तर प्रदेश | 12 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में अशोक लेयलैंड इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया।
मुख्य बिंदु
- निवेश: इस संयंत्र का विकास लगभग ₹1,000 करोड़ के निवेश से किया गया है।
- उत्पादन क्षमता: इस संयंत्र की प्रारंभिक क्षमता प्रतिवर्ष 2,500 इलेक्ट्रिक वाहनों की है, जिसे सालाना 5,000 इकाइयों तक बढ़ाया जा सकता है।
- वाहन: यह पहला समर्पित ई-बस (इलेक्ट्रिक बस) निर्माण संयंत्र है।
- रोज़गार सृजन: इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा होने की संभावना है, जिससे स्थानीय औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
- इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा: यह परियोजना भारत के स्वच्छ गतिशीलता और नेट-ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्यों के अनुरूप है, क्योंकि यह पेट्रोलियम आधारित परिवहन पर निर्भरता कम करती है।
- राष्ट्रीय निर्माण पहलों को बढ़ावा: यह परियोजना मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों के अनुरूप है, जिससे घरेलू निर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ किया जाता है।
- राष्ट्रीय महत्त्व: यह परियोजना भारत की इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण क्षमता को मज़बूत करती है और सतत आर्थिक विकास के लक्ष्य का समर्थन करती है।
- यह परियोजना उत्तर प्रदेश को EV निर्माण केंद्र के रूप में उभरने में भी मज़बूती प्रदान करती है।
धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का उद्घाटन किया | राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स | 12 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में न्यू दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर (NDWBF) 2026 का उद्घाटन किया।
मुख्य बिंदु
- आयोजक: यह पुस्तक मेला राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) भारत द्वारा, शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आयोजित किया गया है।
- थीम: NDWBF 2026 की थीम है "भारतीय सैन्य इतिहास: वीरता और बुद्धिमत्ता @75", जो भारत के सशस्त्र बलों की भूमिका और विरासत को दर्शाती है।
- पुस्तक विमोचन: उद्घाटन के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने ‘द सागा ऑफ कुडोपाली: 1857 की अनकही कहानी’ पुस्तक का हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं और स्पेनिश भाषा में विमोचन किया। यह पुस्तक वीर सुरेंद्र साई और संबलपुर के शहीदों को सम्मानित करती है।
- अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी: कतर और स्पेन सहित कई देशों ने मेले में भाग लिया।
- फोकस देश: कतर (प्रदर्शनियों और साहित्यिक आदान–प्रदान का मुख्य केंद्र)
- सहभागी देश: स्पेन (सांस्कृतिक और साहित्यिक सहभागिता)
- पठन संस्कृति को बढ़ावा: यह पुस्तक मेला छात्रों, शोधकर्त्ताओं और आम जनता में पठन संस्कृति, ज्ञान-वितरण, बहुभाषिकता तथा वैश्विक साहित्यिक संवाद के महत्त्व को रेखांकित करता है।