ज़िम्बाब्वे ने लंबे समय तक असर करने वाला HIV-निरोधक इंजेक्शन लेनाकापैविर लॉन्च किया | 25 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
ज़िम्बाब्वे HIV की रोकथाम के लिये लंबे समय तक असर करने वाली इंजेक्टेबल दवा लेनाकापैविर (Lenacapavir) लॉन्च करने वाले अफ्रीका के पहले देशों में से एक बन गया है। यह कदम महाद्वीप में HIV/AIDS के खिलाफ लड़ाई में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुख्य बिंदु:
- लेनाकापैविर: लेनाकापैविर एक दीर्घकालिक प्रभाव वाली एंटीरेट्रोवायरल दवा है, जिसका उपयोग HIV की रोकथाम के लिये प्री-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस (PrEP) में किया जाता है।
- क्रिया-विधि: गिलियड साइंसेज़ द्वारा विकसित लेनाकापैविर एक कैप्सिड इनहिबिटर है। यह HIV-1 के वायरल कैप्सिड (जो वायरस की आनुवंशिक सामग्री की रक्षा करने वाला प्रोटीन आवरण है) में उसके जीवन-चक्र के कई चरणों पर हस्तक्षेप करता है, जिससे वायरस निष्क्रिय हो जाता है।
- छह-महीने का संरक्षण: लेनाकापैविर नगेपोन की पहली ऐसी PrEP दवा है, जिसे वर्ष में केवल दो बार (हर छह महीने में) इंजेक्शन के रूप में दिया जाता है।
- WHO पूर्व-अर्हता: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अक्तूबर 2025 में इस दवा को पूर्व-अर्हता प्रदान की और जुलाई 2025 में इसके कार्यान्वयन संबंधी दिशानिर्देश जारी किये।
- क्षेत्रीय नेतृत्व: ज़िम्बाब्वे ने ज़ाम्बिया और दक्षिण अफ्रीका के साथ मिलकर WHO की सहयोगी पंजीकरण प्रक्रिया के माध्यम से इस तकनीक को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभाई, जिससे रिकॉर्ड समय में अनुमोदन संभव हुआ।
- लक्षित आबादी: प्रारंभिक चरण में पूरे देश के 24 केंद्रों पर लगभग 46,500 उच्च-जोखिम वाले व्यक्तियों को लक्षित किया गया है, जिनमें किशोरियाँ, युवा महिलाएँ, यौन कर्मी तथा गर्भवती या स्तनपान कराने वाली माताएँ शामिल हैं।
- वित्तपोषण और समर्थन: यह कार्यक्रम संयुक्त राज्य अमेरिका सरकार और ग्लोबल फंड के सहयोग से संचालित है, जिसके तहत कमज़ोर वर्गों को यह दवा निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
- प्रभावकारिता: नैदानिक परीक्षणों में HIV संक्रमण की रोकथाम में लगभग 100% प्रभावशीलता पाई गई, जो दैनिक मौखिक PrEP गोलियों की तुलना में कहीं अधिक है।