उत्तराखंड ने भवन उपविधियों में बदलाव के लिये पैनल बनाया | 27 Feb 2026
चर्चा में क्यों?
उत्तराखंड सरकार ने राज्य की बढ़ती भूकंपीय संवेदनशीलता और अद्यतन भूकंप सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए राज्य के भवन उपविधियों की व्यापक समीक्षा एवं संशोधन के लिये 14-सदस्यीय उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
मुख्य बिंदु:
- नेतृत्व: इस समिति की अध्यक्षता CSIR-CBRI, रुड़की के निदेशक आर. प्रदीप कुमार कर रहे हैं तथा इसका गठन मुख्य सचिव आनंद बर्धन के मार्गदर्शन में किया गया है।
- समिति में CSIR-CBRI, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), IIT रुड़की, BRIDCUL, राज्य लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, विकास प्राधिकरणों, भूवैज्ञानिक विशेषज्ञों तथा अभियंता पेशेवरों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
- कारण: उत्तराखंड एक उच्च भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है, जिसके कारण भूकंप-रोधी डिज़ाइन, जलवायु-संवेदी निर्माण और आपदा न्यूनीकरण उपायों को सम्मिलित करते हुए भवन मानकों का अद्यतन किया जाना आवश्यक है।
- समिति भूमि-उपयोग विनियमों, शहरी नियोजन दिशानिर्देशों, भवन निर्माण सामग्री के मानकों, संरचनात्मक सुरक्षा उपायों तथा पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा करेगी।
- रिपोर्ट प्रस्तुतिकरण: समिति अपनी रिपोर्ट राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और आवास विभाग को सौंपेगी, जिसके पश्चात संशोधित उपविधियों को सुरक्षित शहरी तथा ग्रामीण विकास के लिये लागू किया जाएगा।
- उद्देश्य: समिति वर्तमान भवन उपविधियों का मूल्यांकन करेगी, आधुनिक निर्माण प्रौद्योगिकियों की अनुशंसा करेगी, भूकंप एवं भूस्खलन सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करेगी तथा अभियंताओं और योजनाकारों के लिये प्रशिक्षण आवश्यकताओं को रेखांकित करेगी।
- महत्त्व: यह पहल भारत के सर्वाधिक भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में से एक, उत्तराखंड में संरचनात्मक सुरक्षा को सुदृढ़ करती है और जीवन एवं संपत्ति के जोखिम को कम करने में सहायक होगी।
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