उत्तराखंड बजट 2026-27 | 16 Mar 2026
चर्चा में क्यों?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये लगभग ₹1.11 लाख करोड़ का राज्य बजट पेश किया, जिसमें सरकार की विकास प्राथमिकताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
मुख्य बिंदु:
- बजट का आकार: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये कुल बजट परिव्यय लगभग ₹1,11,703 करोड़ है। यह राज्य के अब तक के सबसे बड़े बजटों में से एक है, जो पिछले वर्ष के बजट से लगभग 10% अधिक है।
- वित्तीय संकेतक: बजट में लगभग ₹64,989 करोड़ का राजस्व व्यय और लगभग ₹46,713 करोड़ का पूंजीगत व्यय अनुमानित है। राजकोषीय घाटा लगभग ₹12,579 करोड़ है, जो राजकोषीय नियमों के तहत GSDP की 3% की सीमा के भीतर बना हुआ है।
- राजकोषीय प्रावधान (करोड़ में):
- कुल प्राप्तियाँ: 110143.12
- कुल व्यय: 111703.21
- राजस्व प्राप्तियाँ: 67525.77
- राजस्व व्यय: 64989.44
- पूंजीगत प्राप्तियाँ: 42617.35
- पूंजीगत व्यय: 46713.77
- राजस्व अधिशेष: 2536.33
- राजकोषीय घाटा: 12579.70
- प्राथमिक घाटा: 4650.30
- क्षेत्रवार प्रावधान (हज़ारों में):
- शिक्षा, खेल, युवा कल्याण और संस्कृति: 126606022
- चिकित्सा और परिवार कल्याण: 45464669
- जल आपूर्ति, आवास और शहरी विकास: 42433468
- कल्याणकारी योजनाएँ: 29124998
- श्रम और रोज़गार: 5869333
- कृषि और अनुसंधान: 14958193
- ग्रामीण विकास: 38602170
- अनुसूचित जातियों का कल्याण: 24688848
- अनुसूचित जनजातियों का कल्याण: 7467691
- विकास मॉडल (GYAN): बजट GYAN मॉडल पर आधारित है, जो चार स्तंभों—गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी पर केंद्रित है, ताकि समावेशी विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
- अवसंरचना विकास: बजट में प्रमुख अवसंरचना विस्तार पर ज़ोर दिया गया है। सड़कों और पुलों के निर्माण तथा सुधार के लिये लोक निर्माण विभाग (PWD) को ₹2,502 करोड़ आवंटित किये गए हैं, जिससे पूरे राज्य में संपर्क व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।
- ग्रामीण संपर्क: दूरस्थ पहाड़ी गाँवों में अंतिम छोर तक संपर्क सुधारने के लिये प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत लगभग ₹1,050 करोड़ तथा ग्रामीण विकास के लिये ₹1,642 करोड़ आवंटित किये गए हैं।
- कुंभ मेले की तैयारी: वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले के लिये लगभग ₹1,027 करोड़ निर्धारित किये गए हैं, जिनका उपयोग अवसंरचना, भीड़ प्रबंधन और लाखों श्रद्धालुओं के लिये सुविधाएँ विकसित करने में किया जाएगा।
- पर्यटन संवर्द्धन: सरकार ने आध्यात्मिक पर्यटन को मज़बूत करने के लिये कई पहलों की घोषणा की है। इसमें हरिद्वार और ऋषिकेश में 'गंगा कॉरिडोर' का विकास तथा 'नंदा देवी राज जात यात्रा' जैसे प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों के लिये समर्थन शामिल है।
- शहरी विकास: बजट में शहरी अवसंरचना, आवास और नगर सेवाओं में सुधार के लिये ₹1,401 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- कृषि और संबद्ध क्षेत्र: किसानों की आय में वृद्धि के लिये कई पहलें लागू की जाएंगी, जिनमें मिशन एप्पल, ट्राउट प्रोत्साहन योजना, डेयरी क्षेत्र को प्रोत्साहन, जैविक कृषि का विस्तार तथा मत्स्य पालन और मोटे अनाज (मिलेट) की कृषि को बढ़ावा देना शामिल है।
- शिक्षा और कौशल विकास: बजट में युवाओं के लिये रोज़गार के अवसरों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शिक्षा और खेल के लिये ₹11,871 करोड़ तथा कौशल विकास कार्यक्रमों के लिये ₹586 करोड़ का आवंटन किया गया है।
- बजट में युवाओं के रोज़गार को बढ़ावा देने के लिये मुख्यमंत्री स्वरोज़गार योजना, पलायन रोकथाम योजना और ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रमों जैसी योजनाओं के लिये भी धन का प्रावधान किया गया है, ताकि रोज़गार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहन मिल सके।
- महिला एवं समाज कल्याण: महिला और बाल कल्याण को मज़बूत करने के लिये 'जेंडर बजट' के रूप में लगभग ₹19,692 करोड़ का आवंटन किया गया है। इसमें नंदा गौरा योजना, पोषण 2.0 और सक्षम आँगनवाड़ी जैसे महिला-केंद्रित कार्यक्रम शामिल हैं।
- स्वास्थ्य क्षेत्र: सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे और चिकित्सा सेवाओं के लिये अधिक धनराशि प्रस्तावित की गई है, विशेष रूप से दूरस्थ पहाड़ी ज़िलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने के लिये।
- आपदा प्रबंधन: प्राकृतिक आपदाओं के प्रति राज्य की संवेदनशीलता को देखते हुए, बजट में आपदा तैयारियों, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों और जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढाँचे के लिये प्रावधान शामिल हैं।
- नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण: हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में सतत विकास सुनिश्चित करने के लिये सरकार जलविद्युत, सौर ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती है।
- नागरिक उड्डयन और कनेक्टिविटी: राज्य में हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नागरिक उड्डयन के लिये लगभग ₹52.5 करोड़ आवंटित किये गए हैं।
- आर्थिक दृष्टिकोण: यह बजट गरीब, युवा, किसानों और महिलाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए समावेशी विकास पर ज़ोर देता है। साथ ही यह राज्य की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिये बुनियादी ढाँचे, पर्यटन एवं स्वरोज़गार को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।