उत्तर प्रदेश सरकार ने आधार-आधारित संपत्ति पंजीकरण प्रणाली शुरू की | 30 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि संपत्ति पंजीकरण के लिये आधार-आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- नया प्रावधान: उत्तर प्रदेश के उप-पंजीयक कार्यालयों में 1 फरवरी, 2026 से सभी संपत्ति पंजीकरण प्रक्रियाओं के लिये आधार-आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा।
- प्रमाणीकरण के तरीके: खरीदारों, विक्रेताओं और गवाहों की पहचान आधार से जुड़े e‑KYC, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और ई-हस्ताक्षर के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से सत्यापित की जाएगी।
- उद्देश्य: यह पहल फर्ज़ी संपत्ति पंजीकरण, पहचान की धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज़ों को रोकने के साथ-साथ संपत्ति अभिलेखों की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिये तैयार की गई है।
- अनिवार्य आधार सत्यापन से पंजीकरण प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और विश्वसनीयता आने की अपेक्षा है तथा न्यायालयों में भूमि विवाद के मामलों में कमी आ सकती है।
- डिजिटल शासन: यह सुधार राज्य के व्यापक डिजिटल गवर्नेंस पर ज़ोर और तकनीकी रूप से संपत्ति पंजीकरण तंत्र को सुदृढ़ करने के लक्ष्य के अनुरूप है।
- प्रशासनिक निर्देश: सरकार ने सभी उप-पंजीयक कार्यालयों को नई प्रमाणीकरण प्रणाली के क्रियान्वयन की तैयारी के लिये आवश्यक निर्देश जारी कर दिये हैं।