केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने राष्ट्रीय वन प्रबंधन समिति की बैठक की अध्यक्षता की | 22 Jan 2026

चर्चा में क्यों?

19 जनवरी, 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (SC-NBWL) की 88वीं बैठक की अध्यक्षता की।

मुख्य बिंदु 

  • स्वीकृत प्रस्ताव: समिति में संरक्षित क्षेत्रों, टाइगर रिज़र्व और  इको-सेंसिटिव ज़ोन के भीतर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित 70 प्रस्तावों पर विचार किया गया।
  • रणनीतिक अवसंरचना: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये महत्त्वपूर्ण रणनीतिक सड़कों और अवसंरचना से संबंधित 17 रक्षा संबंधी प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से मुख्य रूप से लद्दाख और सिक्किम में थे।
  • सार्वजनिक उपयोगिताएँ: चर्चा की गई परियोजनाओं में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल, स्वास्थ्य केंद्र, 4G टावरों के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी, सड़क उन्नयन और पारेषण लाइनों से संबंधित परियोजनाएँ शामिल थीं।
  • जल सुरक्षा: मध्य प्रदेश में एक मध्यम सिंचाई परियोजना पर विचार किया गया, जिसका उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र को पेयजल और सिंचाई जल उपलब्ध कराकर बुंदेलखंड क्षेत्र को लाभ पहुँचाना और साथ ही घड़ियालों सहित वन्यजीवों के लिये जल स्थितियों में सुधार करना था। 
  • प्रशासनिक एवं प्रक्रिया सुधार: समिति ने पूर्व निर्णयों पर की गई कार्रवाइयों की समीक्षा की तथा परिवेश पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने पर ज़ोर दिया।
  • निरंतर निगरानी: आगामी बैठकों में अनुपालन और निगरानी से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी, ताकि प्रभावी वन्यजीव संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

SC-NBWL क्या है?

  • स्थापना: इसकी स्थापना वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत की गई है।
  • नेतृत्व: जहाँ राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की पूर्ण अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं, वहीं इसकी स्थायी समिति (Standing Committee) की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्री करते हैं।
  • कार्य: यह संरक्षण से संबंधित विषयों पर केंद्र सरकार को परामर्श प्रदान करने वाला निकाय है तथा संरक्षित क्षेत्रों के भीतर या आसपास प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की समीक्षा करता है।

और पढ़ें: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972, जल जीवन मिशन