तेलंगाना पुलिस ने घर बैठे FIR दर्ज कराने की सुविधा शुरू की | 29 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
तेलंगाना पुलिस ने नागरिकों को उनके निवास स्थान या चुने गए स्थान पर ही प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने की सुविधा देने वाली अपनी तरह की पहली नागरिक-केंद्रित पहल शुरू की है।
मुख्य बिंदु:
- उद्देश्य: प्रक्रियागत देरी को कम करना, पीड़ितों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना तथा पुलिस सेवाओं को उन लोगों के लिये सुलभ बनाना जो भौतिक रूप से थाने नहीं पहुँच सकते।
- लागू मामलों का दायरा: प्रारंभ में यह पहल संज्ञेय अपराधों की कुछ निर्धारित श्रेणियों पर लागू होगी, जिनमें POCSO अधिनियम, अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और तेलंगाना रैगिंग निषेध अधिनियम जैसे कानूनों के अंतर्गत आने वाले मामले शामिल हैं।
- प्रक्रिया: पुलिस अधिकारी पीड़ित के निवास स्थान, अस्पताल या अपराध स्थल पर जाकर प्रारंभिक बयान दर्ज करेंगे, अपराध स्थल को सुरक्षित करेंगे और बाद में पुलिस थाने में औपचारिक रूप से FIR दर्ज करेंगे।
- पंजीकरण के बाद FIR की प्रति उसी स्थान पर ई-मेल, व्हाट्सऐप या आवश्यकता होने पर हार्ड कॉपी के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
- मानक संचालन प्रक्रिया (SOP): समान क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिये SOP जारी की गई है।
- नीति-संगति: यह पहल पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग, आपराधिक न्याय सुधारों तथा अनुच्छेद 21 के तहत न्याय तक पहुँच की गारंटी के अनुरूप है।
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और पढ़ें: POCSO अधिनियम, SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, अनुच्छेद 21 |