टाटा ग्रुप बना भारत का सबसे वैल्यूएबल ब्रांड; एप्पल पूरे विश्व में अग्रणी | 24 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
ब्रांड फाइनेंस ग्लोबल 500 2025 रिपोर्ट के अनुसार, टाटा ग्रुप भारत का सबसे मूल्यवान ब्रांड बनकर उभरा है, जबकि एप्पल विश्व का सबसे मूल्यवान ब्रांड घोषित हुआ है।
मुख्य बिंदु:
- ऐतिहासिक उपलब्धि: टाटा समूह $30 बिलियन की सीमा पार करने वाला पहला भारतीय ब्रांड बन गया है।
- ब्रांड मूल्य: समूह का मूल्य वर्ष-दर-वर्ष 10% बढ़कर $31.6 बिलियन तक पहुँच गया है।
- वैश्विक स्थान: यह ग्लोबल टॉप 100 में शामिल एकमात्र भारतीय ब्रांड बना हुआ है और 60वाँ स्थान रखता है।
- सततता नेतृत्व: समूह भारत में सस्टेनेबिलिटी परसेप्शंस वैल्यू (SPV) में भी अग्रणी है, जिसका मूल्य $4.3 बिलियन आँका गया है।
- अन्य प्रमुख भारतीय ब्रांड:
- इन्फोसिस: भारत में दूसरा स्थान (मूल्य: $16.3 बिलियन) और वैश्विक स्तर पर 132वाँ स्थान।
- HDFC ग्रुप: भारत में तीसरा स्थान (मूल्य: $14.2 बिलियन)।
- LIC: भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला ब्रांड, जिसका मूल्य 36% बढ़कर $13.3 बिलियन हो गया है।
- ताज होटल्स: लगातार चौथे वर्ष AAA+ रेटिंग के साथ भारत का सबसे मज़बूत ब्रांड बना रहा।
- इन्फोसिस: भारत में दूसरा स्थान (मूल्य: $16.3 बिलियन) और वैश्विक स्तर पर 132वाँ स्थान।
- विश्व का नंबर एक: एप्पल ने वर्ष 2025 के लिये $574.5 बिलियन के मूल्यांकन के साथ विश्व के सबसे मूल्यवान ब्रांड के रूप में अपना स्थान बरकरार रखा।
- शीर्ष वैश्विक ब्रांडों की सूची में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेज़न और NVIDIA जैसे प्रौद्योगिकी दिग्गजों ने भी अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखी।
- महत्त्व: ब्रांड फाइनेंस की रैंकिंग वैश्विक और घरेलू स्तर पर कंपनियों की प्रतिस्पर्द्धात्मक क्षमता, उपभोक्ता धारणा तथा व्यावसायिक संस्थाओं की आर्थिक मज़बूती के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है।