तमिलनाडु में बनेगा भारत का पहला ‘सॉवरेन AI पार्क’ | 17 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
13 जनवरी, 2026 को तमिलनाडु सरकार ने सर्वम AI के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये, जिसके तहत चेन्नई में भारत का पहला सॉवरेन AI पार्क स्थापित किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- फुल-स्टैक इन्फ्रास्ट्रक्चर: यह पार्क संपूर्ण AI जीवनचक्र की मेज़बानी करेगा, जिसमें GPU-आधारित विशिष्ट डेटा सेंटर, स्वदेशी लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLMs) और एप्लीकेशन-लेयर टूल शामिल होंगे।
- भारतीय भाषाओं पर केंद्रित AI: इस सुविधा का प्रमुख लक्ष्य भारतीय भाषाओं, विशेषकर तमिल भाषा के लिये इंडिक LLMs का विकास करना है ताकि गैर-अंग्रेज़ी भाषी आबादी के लिये डिजिटल अंतराल को कम किया जा सके।
- डेटा संप्रभुता: राज्य के भीतर ही डेटा एवं कंप्यूटिंग क्षमता की मेज़बानी करके यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि नागरिकों और सरकार से संबंधित संवेदनशील जानकारी स्थानीय अधिकार क्षेत्र में ही सुरक्षित रहे तथा विदेशी निगरानी या अंतर्राष्ट्रीय कानूनी जटिलताओं से संरक्षित हो।
- रणनीतिक सहयोग: यह पार्क तमिलनाडु ई-गवर्नेंस एजेंसी (TNeGA) के सहयोग से प्रबंधित किया जाएगा, ताकि AI को सार्वजनिक सेवा वितरण में एकीकृत किया जा सके।
- ‘सॉवरेन AI’: सॉवरेन AI से तात्पर्य एक देश या राज्य की उस क्षमता से है जिसके माध्यम से वह अपने स्वयं के अवसंरचना, डेटा और मानव संसाधन का उपयोग करके AI विकसित कर सके।
- रणनीतिक स्वायत्तता: इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक अनुकूलन के लिये आवश्यक माना जाता है और यह ‘डिजिटल उपनिवेशवाद’ को रोकने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- महत्त्व: यह पहल डिजिटल स्वायत्तता प्राप्त करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है और तमिलनाडु को उच्चस्तरीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता का वैश्विक केंद्र बनाने में सहायक होगी।
- यह परियोजना केंद्र सरकार के इंडिया AI मिशन के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य AI कंप्यूट एक्सेस को लोकतांत्रिक बनाना है।
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