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तमिलनाडु ने वर्ष 2025 में समुद्री मछलियों की सबसे अधिक लैंडिंग दर्ज की
- 06 May 2026
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चर्चा में क्यों?
ICAR–केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान द्वारा जारी नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में तमिलनाडु समुद्री मछली उत्पादन में शीर्ष राज्य के रूप में उभरा, जिसने गुजरात को पीछे छोड़ दिया और भारत के समुद्री मत्स्य क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव को दर्शाया।
मुख्य बिंदु:
- शीर्ष उत्पादक: तमिलनाडु ने वर्ष 2025 में लगभग 6.85 लाख टन समुद्री मछलियों की लैंडिंग (मछलियों का पकड़े जाने के बाद तट पर लाया जाना) दर्ज की, जो सभी राज्यों में सबसे अधिक है।
- राष्ट्रीय उत्पादन: भारत का कुल समुद्री मछली उत्पादन लगभग 35.7 लाख टन तक पहुँचा, जो वर्ष 2024 की तुलना में लगभग 3% की वृद्धि दर्शाता है।
- राज्य रैंकिंग (2025):
- तमिलनाडु – 6.85 लाख टन
- गुजरात – गिरावट (लगभग 15% कमी)
- केरल – लगभग 6.24 लाख टन
- प्रमुख प्रजातियाँ:
- भारतीय मैकेरल (लगभग 2.7 लाख टन) – सबसे अधिक उतारी गई
- सेफालोपोड्स और ऑयल सार्डिन भी महत्त्वपूर्ण
- तमिलनाडु की बढ़त: पश्चिमी तट के राज्यों की तुलना में तमिलनाडु में अपेक्षाकृत स्थिर परिस्थितियाँ रहीं।
- अवसंरचना और तटीय लाभ: तमिलनाडु के पास लंबी तटरेखा है, जहाँ अनेक मत्स्य बंदरगाह और लैंडिंग केंद्र हैं, जो बड़े पैमाने पर समुद्री मछली पकड़ने का समर्थन करते हैं।
- यंत्रीकृत मत्स्यन का विकास: यंत्रीकृत मछली पकड़ने वाली नौकाओं के बढ़ते योगदान से कुल लैंडिंग में सुधार हुआ।
- महत्त्व: वर्ष 2025 में तमिलनाडु का शीर्ष समुद्री मछली उत्पादक के रूप में उभरना भारत के मत्स्य क्षेत्र में क्षेत्रीय स्थिरता और संरचनात्मक बदलावों को दर्शाता है।