स्ट्राइप्ड टाइगर चंडीगढ़ की राजकीय तितली घोषित | 22 Jan 2026
चर्चा में क्यों?
चंडीगढ़ के राज्य वन्यजीव बोर्ड (SBWL) ने स्ट्राइप्ड टाइगर को आधिकारिक रूप से केंद्रशासित प्रदेश की राज्य तितली घोषित किया है, जो जैव विविधता की मान्यता और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है।
मुख्य बिंदु
- चयन प्रक्रिया: वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा शहर की प्राकृतिक विरासत के लिये उपयुक्त प्रतीक चिह्न निर्धारित करने हेतु एक वर्ष तक चलने वाला चयन अभियान संचालित किया गया।
- स्ट्राइप्ड टाइगर का चयन ऑनलाइन सार्वजनिक मतदान के माध्यम से हुआ, जिसमें इसे कुल वोटों का लगभग 54% प्राप्त हुआ।
- इसने तीन अन्य चयनित प्रजातियों – ब्लू टाइगर, प्लेन टाइगर और जेज़बेल (Jezebel)
- को पीछे छोड़ दिया।
- चयन का आधार: अपनी आकर्षक उपस्थिति और अनुकूलनशीलता के कारण इसे चुना गया है तथा यह सुखना वन्यजीव अभयारण्य और सेक्टर 26 तितली पार्क सहित पूरे केंद्रशासित प्रदेश में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।
- स्ट्राइप्ड टाइगर तितली के मुख्य तथ्य:
- रूप-रंग: इस तितली के पंख चमकीले भूरे-नारंगी रंग के होते हैं जिन पर गहरी काली धारियाँ होती हैं, जो इसे बाघ-सदृश आकृति प्रदान करती हैं।
- रक्षा तंत्र: यह शिकारियों के लिये अरुचिकर (बेस्वाद) माना जाता है, यह विशेषता अमेरिकी मोनार्क तितली के समान है।
- स्थिति: यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के अंतर्गत सूचीबद्ध है।
- संरक्षण जागरूकता: इस घोषणा का उद्देश्य नागरिकों और विद्यार्थियों में जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरणीय चेतना को प्रोत्साहित करना है।
- नया वन्यजीव शिक्षण केंद्र: घोषणा के साथ ही, प्रशासक ने स्थानीय वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देने के लिये एक नए वन्यजीव शिक्षण केंद्र (जैसे कि एक जैविक पार्क या बाड़ा) की स्थापना का निर्देश दिया।